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शहीद के गांव तक नहीं पहुंची स्वच्छता की अलख
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद श्यामबाबू के गांव रैगांव तक प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन की अलख नहीं पहुंची है। गंदे पानी की निकासी के लिए गांव में न ही नालियां बनी हैं और न ही घरों में शौचालय।
रैगांव डेरापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नोनारी का मजरा है। करीब 700 आबादी वाली इस मजरे में ओबीसी और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य रैगांव राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ब्लॉक का हिस्सा भी है। इसके बावजूद यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हैं। न गलियों में खड़ंजा लगा है और न नालियां ही बनवाई गई हैं। बारिश होने से गंदा पानी भरने पर गलियों में कीचड़ भर जाता है। गांव में केवल तीन परिवारों के घर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाए गए हैं।
गांव के उमाशंकर कमल ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए ब्लाक से तहसील तक कई बार अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए तब जाकर पिछले साल शौचालय की एक किस्त मिली। दूसरे किस्त न मिलने पर अपने पैसे से शौचालय पूरा करवाकर उपयोग कर रहे हैं। सत्य नारायण यादव और राजवती ने कहा कि खडंजा व नाली न होने से गांव में गंदगी परसी रहती है। प्रेमा देवी ने बताया कि शौचालय न होने से लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। गौरतलब है कि जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1 लाख 60 हजार शौचालय बनवाए गए हैं। पंचायत सचिव देवी प्रसाद ने बताया कि लोगों को शौचालय के गड्ढे खोदने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने नहीं खोदे, इसलिए शौचालय नहीं बन पाए। जिस लाभार्थी को दूसरी किस्त नहीं मिली है उसे जल्द जारी कर दी जाएगी।
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शहीद के गांव तक नहीं पहुंची स्वच्छता की अलख
नालियां न होने से रास्तों पर बहता है गंदा पानी
700 की आबादी में केवल तीन शौचालय बनवाए गए
फोटो संख्या 17एकेबीपी17- रैगवां गांव की बदहाल गली व बजबजाती नाली
फोटो संख्या 17एकेबीपी18- राजवती
फोटो संख्या 17एकेबीपी19- उमाशंकर कमल
फोटो संख्या 17एकेबीपी20- प्रेमा देवी
फोटो संख्या 17एकेबीपी21- सत्य नारायण
कानपुर देहात। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद श्यामबाबू के गांव रैगांव तक प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन की अलख नहीं पहुंची है। गंदे पानी की निकासी के लिए गांव में न ही नालियां बनी हैं और न ही घरों में शौचालय।
रैगांव डेरापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नोनारी का मजरा है। करीब 700 आबादी वाली इस मजरे में ओबीसी और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य रैगांव राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ब्लॉक का हिस्सा भी है। इसके बावजूद यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हैं। न गलियों में खड़ंजा लगा है और न नालियां ही बनवाई गई हैं। बारिश होने से गंदा पानी भरने पर गलियों में कीचड़ भर जाता है। गांव में केवल तीन परिवारों के घर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाए गए हैं।
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गांव के उमाशंकर कमल ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए ब्लाक से तहसील तक कई बार अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए तब जाकर पिछले साल शौचालय की एक किस्त मिली। दूसरे किस्त न मिलने पर अपने पैसे से शौचालय पूरा करवाकर उपयोग कर रहे हैं। सत्य नारायण यादव और राजवती ने कहा कि खडंजा व नाली न होने से गांव में गंदगी परसी रहती है। प्रेमा देवी ने बताया कि शौचालय न होने से लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। गौरतलब है कि जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1 लाख 60 हजार शौचालय बनवाए गए हैं। पंचायत सचिव देवी प्रसाद ने बताया कि लोगों को शौचालय के गड्ढे खोदने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने नहीं खोदे, इसलिए शौचालय नहीं बन पाए। जिस लाभार्थी को दूसरी किस्त नहीं मिली है उसे जल्द जारी कर दी जाएगी।
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शहीद के गांव तक नहीं पहुंची स्वच्छता की अलख
नालियां न होने से रास्तों पर बहता है गंदा पानी
700 की आबादी में केवल तीन शौचालय बनवाए गए
फोटो संख्या 17एकेबीपी17- रैगवां गांव की बदहाल गली व बजबजाती नाली
फोटो संख्या 17एकेबीपी18- राजवती
फोटो संख्या 17एकेबीपी19- उमाशंकर कमल
फोटो संख्या 17एकेबीपी20- प्रेमा देवी
फोटो संख्या 17एकेबीपी21- सत्य नारायण