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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   15 hours later, the baby came out alive from the rubble

तस्वीराें में देखिए कैसे 15 घंटे बाद माैत से जंग जीतकर निकली तीन साल की 'लक्ष्मी'

Fri, 03 Feb 2017 12:39 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 03 Feb 2017 12:39 PM IST
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15 hours later, the baby came out alive from the rubble
जमींदाेज हाे चुके इमारत के नीचे फंसी तीन साल की लक्ष्मी काे जब बाहर निकाला गया ताे उसके पिता उसे गाेद में लेकर दुलार करने लगे। - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
अगर अाप हार नहीं मानेंगे ताे अापकी जिंदगी काेई नहीं छीन सकता। ये बात अाज सच साबित हुई जब कानपुर के जाजमऊ इलाके में धराशायी हुई छह मंजिला इमारत से एक तीन साल की बच्ची माैत से जंग लड़कर सकुशल बाहर निकली। बच्ची ने माैत से जंग जीतने के बाद जाे कुछ बताया वह हैरान कर देने वाला था...
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बच्ची ने कहा...

15 hours later, the baby came out alive from the rubble
मलबे ले निकाल बच्ची को बाहर निकालती बच्ची - फोटो : अमर उजाला, कानपुर

15 घंटे लग गए थे एनडीअारएफ अाैर सेना की टीम काे उस बच्ची तक पहुंचने में। महज तीन साल की लक्ष्मी तबतक माैत काे मात देने में जुटी थी। भूख अाैर प्यास भी उसके साहस काे डिगा नहीं पाया। बच्ची जब बाहर निकली ताे सबकी अांखे फटी की फटी रह गई। उसे अानन-फानन में कांशीराम अस्पताल पहुंचाया गया। बच्ची को मामूली खरोचें आई थी। अस्पताल में उसने जाे कुछ बताया वह बेहद हैरान कर देने वाला था। 

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पांचवी मंजिल पर थी लक्ष्मी

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बच्ची को मलबे से निकाल कर सौंपते हुए एनडीआरएफ टीम - फोटो : अमर उजाला, कानपुर

हादसे में बचाई गई तीन साल की लक्ष्मी एक मजदूर की बेटी है जो हादसे के वक्त पांचवीं मंजिल पर थी। अधिकारियों ने बताया कि राहत-बचाव दल में शामिल स्निफर डॉग ने इशारा किया कि मलबे के नीचे किसी की सांसें चल रही हैं। इसके बाद रेसक्यू टीम हरकत में अा गई। डाॅग के बताए गए जगह पर छाेटा सा छेद किया गया, जिसमें से बच्ची की अावाज साफ सुनाई देने लगी।
  

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वह राे रही थी

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एनडीआरएफ टीम के सदस्य की गोद में बच्ची - फोटो : अमर उजाला, कानपुर

वह राे रही थी अाैर अपनी अम्मा काे पुकार रही थी। किसी तरह से एनडीअारएफ की टीम ने उसे सुबह करीब 4 बजे बाहर निकाला। बच्ची अस्पताल में गई। उसने राेते-राेते बताया कि अंदर उसकी सांसे फूलने लगी थी। उसे प्यास लगी थी अाैर भूख भी। बच्ची की ये बातें सुन हर काेई दंग रह गया कि अाखिर कैसे एक तीन साल की बच्ची इस तरह से माैत काे चकमा देकर बाहर निकल अाई। 
 

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