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यूपी: मालखाने से 15 ग्राम सोना व 12 सौ ग्राम चांदी गायब, विवेचक बयान देने आए तो हुआ खुलासा
Thu, 21 Oct 2021 12:10 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 21 Oct 2021 12:10 PM IST
सार
मामले के विवेचक कोतवाली घाटमपुर के तत्कालीन एसओ तेजपाल सिंह अब वह रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने बुधवार को कोर्ट के समक्ष बयान दिया कि माल सील करके सुरक्षित मालखाने में रखवाया गया था। अब सवाल ये है कि कोतवाली में 2003 से लेकर अब तक करीब दस हेड मोहर्रिर बदल चुके हैं।
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यूपी पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पैसेंजर ट्रेन में डकैती डालने वाले घुमंतू जाति के आरोपियों से 2003 में बरामद 15 ग्राम सोना व 12 सौ ग्राम चांदी के जेवरात घाटमपुर कोतवाली के मालखाने से गायब हो गए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान इसका खुलासा हुआ। माल मुकदमाती गायब होने से नाराज कोर्ट ने दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए डीजीपी के साथ आईजी व कानपुर के एसपी आउटर को पत्र लिखा है।
कानपुर-चित्रकूट रूट की पैसेंजर ट्रेन में 13 जून 2003 को डकैती पड़ी थी। ट्रेन में यात्रियों से मारपीट कर लूट की गई थी। बदमाश घाटमपुर में रेलवे क्रासिंग से पहले जहानाबाद रोड के पास ट्रेन से कूदकर भाग गए थे। इसमें तत्कालीन घाटमपुर कोतवाली के एसओ तेजपाल सिंह ने लूट की रिपोर्ट दर्ज की थी।
उन्होंने घटना का खुलासा करते हुए फर्रुखाबाद के मेरापुर ब्रह्मपुर निवासी मुन्नालाल, सूरजपाल, सोबरन, मोहर सिंह, मलखान, शिशुपाल, राजाराम, सर्वेश आदि नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। ये सभी घुमंतू जाति के लोग हैं। इनके पास से पुलिस ने लूट की चार अटैची, कपड़े व मंगलसूत्र, अंगूठी, झुमका, चेन व कान के बाला मिलाकर 15 ग्राम सोने व पायल, करधनी, हथफूल आदि 12 सौ ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए थे।
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कानपुर-चित्रकूट रूट की पैसेंजर ट्रेन में 13 जून 2003 को डकैती पड़ी थी। ट्रेन में यात्रियों से मारपीट कर लूट की गई थी। बदमाश घाटमपुर में रेलवे क्रासिंग से पहले जहानाबाद रोड के पास ट्रेन से कूदकर भाग गए थे। इसमें तत्कालीन घाटमपुर कोतवाली के एसओ तेजपाल सिंह ने लूट की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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उन्होंने घटना का खुलासा करते हुए फर्रुखाबाद के मेरापुर ब्रह्मपुर निवासी मुन्नालाल, सूरजपाल, सोबरन, मोहर सिंह, मलखान, शिशुपाल, राजाराम, सर्वेश आदि नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। ये सभी घुमंतू जाति के लोग हैं। इनके पास से पुलिस ने लूट की चार अटैची, कपड़े व मंगलसूत्र, अंगूठी, झुमका, चेन व कान के बाला मिलाकर 15 ग्राम सोने व पायल, करधनी, हथफूल आदि 12 सौ ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए थे।
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पुलिस ने सामान को सील कर मालखाने में सुरक्षित रखवाया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम कनिष्क कुमार सिंह की कोर्ट में चल रही है। कोर्ट ने माल मुकदमाती तलब किया तो कोतवाली से मालखाने में सामान न होने की सूचना भेजी गई।
इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि मालखाना से माल मुकदमाती कीमती जेवरात गायब हो जाना गंभीर विषय है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। साथ ही जांच के लिए डीजीपी, आईजी कानपुर व एसपी आउटर को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि मालखाना से माल मुकदमाती कीमती जेवरात गायब हो जाना गंभीर विषय है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। साथ ही जांच के लिए डीजीपी, आईजी कानपुर व एसपी आउटर को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
विवेचक बयान देने आए तो हुआ खुलासा
मामले के विवेचक कोतवाली घाटमपुर के तत्कालीन एसओ तेजपाल सिंह अब वह रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने बुधवार को कोर्ट के समक्ष बयान दिया कि माल सील करके सुरक्षित मालखाने में रखवाया गया था। अब सवाल ये है कि कोतवाली में 2003 से लेकर अब तक करीब दस हेड मोहर्रिर बदल चुके हैं।
जांच का विषय ये है कि किस हेड मोहर्रिर ने चार्ज छोड़ते वक्त ये माल नहीं रिसीव कराया। पुलिस सूत्रों की माने तो कोतवाली में 2007 के बाद कई हेड मोहर्रिर ने कागजों में चार्ज लेकर मौके पर माल की गिनती नहीं की। उनमें से कई हेड मोहर्रिर रिटायर हो चुके होंगे। फिलहाल कोर्ट की नाराजगी के बाद घाटमपुर कोतवाली में हड़कंप की स्थिति है। वहीं जांच तत्कालीन एसओ व हेड मोहर्रिर पर केंद्रित है।
मामले के विवेचक कोतवाली घाटमपुर के तत्कालीन एसओ तेजपाल सिंह अब वह रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने बुधवार को कोर्ट के समक्ष बयान दिया कि माल सील करके सुरक्षित मालखाने में रखवाया गया था। अब सवाल ये है कि कोतवाली में 2003 से लेकर अब तक करीब दस हेड मोहर्रिर बदल चुके हैं।
जांच का विषय ये है कि किस हेड मोहर्रिर ने चार्ज छोड़ते वक्त ये माल नहीं रिसीव कराया। पुलिस सूत्रों की माने तो कोतवाली में 2007 के बाद कई हेड मोहर्रिर ने कागजों में चार्ज लेकर मौके पर माल की गिनती नहीं की। उनमें से कई हेड मोहर्रिर रिटायर हो चुके होंगे। फिलहाल कोर्ट की नाराजगी के बाद घाटमपुर कोतवाली में हड़कंप की स्थिति है। वहीं जांच तत्कालीन एसओ व हेड मोहर्रिर पर केंद्रित है।