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कानपुर में नमामि गंगे मिशन के 14 प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 08 Jul 2016 01:45 AM IST
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जाजमऊ मंे गंगा मेें गिरता टेनरी का गंदा पानी।
- फोटो : amarujala
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केंद्र सरकार की नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत कानपुर में गुरुवार को 14 परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। मर्चेंट चेंबर हॉल में महापौर जगतवीर सिंह द्रोण ने इन परियोजनाओं की शुरुआत की। मिशन के तहत शहर में 11 घाटों का विकास, दो शवदाह गृहों का आधुनिकीकरण और स्किमर क्लीनिंग होगी। बोटिंग-फूड कोर्ट की व्यवस्था होगी।
इसके साथ ही घाटों पर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं विकसित होंगी। स्वच्छ गंगा के लिए लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। नेहरू युवा केंद्र जागरूकता अभियान चलाएगा।
परियोजना के विकास कार्यों को अमली जामा पहनाने वाली कंपनी इंजीनियर्स इंडिया के रजत गुप्ता ने बताया कि घाटों के विकास के साथ ही गंगा किनारे बसे हुए गांवों से निकलने वाले प्रदूषित पानी का भी शुद्धिकरण किया जाएगा।
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11 घाटों का होगा विकास
सिद्धनाथ, मैस्कर, गुप्तार, गोला, कोयला, भगवतदास, सरसैया, परमट, भैरव, मैगजीन घाट, गंगा बैराज।
दो शवदाह गृह आधुनिक होंगे
भगवतदास और भैरव घाट स्थित शवदाह गृह होंगे आधुनिक। लकड़ी और गाय के गोबर पर आधारित उन्नत प्रणाली के शवदाह गृह, प्रार्थना हॉल, कार्यालय क्षेत्र, रस्में और मृत शरीर के स्नान के लिए प्लेटफार्म, लकड़ी और सीडीसी भंडारण क्षेत्र, पार्किंग बनेगी।
यह मिलेंगी सुविधाएं
घाटों पर नहाने का प्लेटफार्म, सुरक्षा व्यवस्था, महिलाओं के लिए अलग स्नान व्यवस्था, बोटिंग, सैर के लिए स्थान, गंगा आरती और नदी को देखने-बैठने के लिए डेक, चेंजिंग रूम, पानी, टॉयलेट, दुकानों और खोखों के लिए जगह, पार्किंग।
साफ होता रहेगा कचरा
गंगा में धारा की सतह पर बहने वाले कचरे को हटाने के लिए प्रायोगिक रूप से लगाए गए ट्रैस स्किमर सफल पाए गए हैं। इनमें रोजाना 400 टन कचरा साफ किया जा रहा है। इसे अब स्थायी रूप से लगाया जाएगा।
प्रदूषण मुक्त टेनरी का भी अभियान तेज
प्रदीप अवस्थी
कानपुर। नमामि गंगे मिशन की शुरुआत के साथ ही शहर के चमड़ा कारोबारी टेनरियों से निकलने वाले दूषित जल व अन्य अपशिष्ट को कम करने के अभियान में जुट गए हैं। 12, 13 और 14 जुलाई को जाजमऊ में टेनरी संचालकों के बीच मिशन की सफलता और जागरूकता के लिए मंथन होगा।
टेनरियाें और चमड़ा उत्पादन केंद्रों में हर हाल में क्लीनर टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञ क्लीनर टेक्नोलॉजी अपनाने के फायदे बताएंगे। इसके साथ ही 25 जुलाई को नीदरलैंड से आ रहे विशेषज्ञ क्लीनर टेक्नोलॉजी पर हुए काम की समीक्षा करेंगे। बता दें कि केंद्र सरकार की मदद से यूनाइडेट नेशन और नीदरलैंड के सॉलिड एरिडॉड ग्रुप की एक टीम टेनरियों को अपग्रेड करने के लिए लगातार काम कर रही है।
इनके काम-काज और टेनरियों में लागू की गई व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग के लिए प्रमुख चमड़ा कारोबारी आरके जालान की अगुवाई में क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में अन्य प्रमुख चमड़ा कारोबारी, एक्सपोर्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं।
यह कमेटी कानपुर और उन्नाव स्थित लेदर क्लस्टर में टेनरियों के उच्चीकृत होने की हकीकत परख रही है। क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी के अध्यक्ष आरके जालान ने बताया कि जो टेनरी मानकों पर खरी साबित हो चुकी हैं, उनकी डाक्युमेंट्री बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
ये तकनीक अपनाई जा रही
साल्ट प्रिजर्वेशन तकनीक चमड़े की साफ सफाई में लगने वाले नमक की मात्रा कम करने का काम करती है। हेयर सेव अनहियरिंग तकनीक में ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया जाता है जो चमड़े की सफाई के दौरान बालों को गुच्छे के रूप में निकालती है। इससे जानवरों के बालों को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह वाॅटर मीजरमेंट एंड मिक्सिंग, सोलर वॉटर हीटिंग, सोलर असिस्टेड हॉट एयर जनरेशन तकनीक टेनरियों में लागू की जा रही हैं।
अब शुरू हो रही प्रायश्चित यात्रा: महापौर
कानपुर (ब्यूरो)। मर्चेंट चैंबर में हुए कार्यक्रम मेंमहापौर ने कहा कि एक समय था जब लोग कुछ गलत कार्य करने पर उसका प्रायश्चित करने गंगा स्नान को आते थे। आज गंगा में नहाने के बाद घर पर साफ पानी से नहाने की जरूरत होती है। हम सबने इस गंगा को मैला कर दिया है। इस मिशन के रूप में आज से प्रायश्चित यात्रा शुरू हो रही है। हम सबको मिलकर गंगा का पानी इतना साफ करना है कि यह अपने पुराने स्वरूप में लौट आए।
इसके लिए गंगा में गंदगी करने वालों इसमें गिराकर डुबकी लगवाने से भी गुरेज नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में गंगा किनारे बसे गांवों के स्वयंसेवकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। आर्यनगर विधायक सलिल विश्नोई, एमएलसी अरुण पाठक, नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह, रूपेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
एलपीजी शवदाह गृह
विधायक सलिल विश्नोई ने कहा कि पुणे यात्रा के दौरान उन्होंने एलपीजी चालित शवदाह गृह देखे हैं। कानपुर में लगाया जाए तो वे आर्थिक मदद के लिए तैयार हैं। इन शवदाह गृह से प्रदूषण भी नहीं होगा, पेड़ों की कटान भी रुकेगी।
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इसके साथ ही घाटों पर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं विकसित होंगी। स्वच्छ गंगा के लिए लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। नेहरू युवा केंद्र जागरूकता अभियान चलाएगा।
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परियोजना के विकास कार्यों को अमली जामा पहनाने वाली कंपनी इंजीनियर्स इंडिया के रजत गुप्ता ने बताया कि घाटों के विकास के साथ ही गंगा किनारे बसे हुए गांवों से निकलने वाले प्रदूषित पानी का भी शुद्धिकरण किया जाएगा।
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11 घाटों का होगा विकास
सिद्धनाथ, मैस्कर, गुप्तार, गोला, कोयला, भगवतदास, सरसैया, परमट, भैरव, मैगजीन घाट, गंगा बैराज।
दो शवदाह गृह आधुनिक होंगे
भगवतदास और भैरव घाट स्थित शवदाह गृह होंगे आधुनिक। लकड़ी और गाय के गोबर पर आधारित उन्नत प्रणाली के शवदाह गृह, प्रार्थना हॉल, कार्यालय क्षेत्र, रस्में और मृत शरीर के स्नान के लिए प्लेटफार्म, लकड़ी और सीडीसी भंडारण क्षेत्र, पार्किंग बनेगी।
यह मिलेंगी सुविधाएं
घाटों पर नहाने का प्लेटफार्म, सुरक्षा व्यवस्था, महिलाओं के लिए अलग स्नान व्यवस्था, बोटिंग, सैर के लिए स्थान, गंगा आरती और नदी को देखने-बैठने के लिए डेक, चेंजिंग रूम, पानी, टॉयलेट, दुकानों और खोखों के लिए जगह, पार्किंग।
साफ होता रहेगा कचरा
गंगा में धारा की सतह पर बहने वाले कचरे को हटाने के लिए प्रायोगिक रूप से लगाए गए ट्रैस स्किमर सफल पाए गए हैं। इनमें रोजाना 400 टन कचरा साफ किया जा रहा है। इसे अब स्थायी रूप से लगाया जाएगा।
प्रदूषण मुक्त टेनरी का भी अभियान तेज
प्रदीप अवस्थी
कानपुर। नमामि गंगे मिशन की शुरुआत के साथ ही शहर के चमड़ा कारोबारी टेनरियों से निकलने वाले दूषित जल व अन्य अपशिष्ट को कम करने के अभियान में जुट गए हैं। 12, 13 और 14 जुलाई को जाजमऊ में टेनरी संचालकों के बीच मिशन की सफलता और जागरूकता के लिए मंथन होगा।
टेनरियाें और चमड़ा उत्पादन केंद्रों में हर हाल में क्लीनर टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञ क्लीनर टेक्नोलॉजी अपनाने के फायदे बताएंगे। इसके साथ ही 25 जुलाई को नीदरलैंड से आ रहे विशेषज्ञ क्लीनर टेक्नोलॉजी पर हुए काम की समीक्षा करेंगे। बता दें कि केंद्र सरकार की मदद से यूनाइडेट नेशन और नीदरलैंड के सॉलिड एरिडॉड ग्रुप की एक टीम टेनरियों को अपग्रेड करने के लिए लगातार काम कर रही है।
इनके काम-काज और टेनरियों में लागू की गई व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग के लिए प्रमुख चमड़ा कारोबारी आरके जालान की अगुवाई में क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में अन्य प्रमुख चमड़ा कारोबारी, एक्सपोर्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं।
यह कमेटी कानपुर और उन्नाव स्थित लेदर क्लस्टर में टेनरियों के उच्चीकृत होने की हकीकत परख रही है। क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी के अध्यक्ष आरके जालान ने बताया कि जो टेनरी मानकों पर खरी साबित हो चुकी हैं, उनकी डाक्युमेंट्री बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
ये तकनीक अपनाई जा रही
साल्ट प्रिजर्वेशन तकनीक चमड़े की साफ सफाई में लगने वाले नमक की मात्रा कम करने का काम करती है। हेयर सेव अनहियरिंग तकनीक में ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया जाता है जो चमड़े की सफाई के दौरान बालों को गुच्छे के रूप में निकालती है। इससे जानवरों के बालों को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह वाॅटर मीजरमेंट एंड मिक्सिंग, सोलर वॉटर हीटिंग, सोलर असिस्टेड हॉट एयर जनरेशन तकनीक टेनरियों में लागू की जा रही हैं।
अब शुरू हो रही प्रायश्चित यात्रा: महापौर
कानपुर (ब्यूरो)। मर्चेंट चैंबर में हुए कार्यक्रम मेंमहापौर ने कहा कि एक समय था जब लोग कुछ गलत कार्य करने पर उसका प्रायश्चित करने गंगा स्नान को आते थे। आज गंगा में नहाने के बाद घर पर साफ पानी से नहाने की जरूरत होती है। हम सबने इस गंगा को मैला कर दिया है। इस मिशन के रूप में आज से प्रायश्चित यात्रा शुरू हो रही है। हम सबको मिलकर गंगा का पानी इतना साफ करना है कि यह अपने पुराने स्वरूप में लौट आए।
इसके लिए गंगा में गंदगी करने वालों इसमें गिराकर डुबकी लगवाने से भी गुरेज नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में गंगा किनारे बसे गांवों के स्वयंसेवकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। आर्यनगर विधायक सलिल विश्नोई, एमएलसी अरुण पाठक, नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह, रूपेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
एलपीजी शवदाह गृह
विधायक सलिल विश्नोई ने कहा कि पुणे यात्रा के दौरान उन्होंने एलपीजी चालित शवदाह गृह देखे हैं। कानपुर में लगाया जाए तो वे आर्थिक मदद के लिए तैयार हैं। इन शवदाह गृह से प्रदूषण भी नहीं होगा, पेड़ों की कटान भी रुकेगी।