Farrukhabad: नगला दाऊद कांड में फैसला; हत्या और जानलेवा हमले में दोनों पक्षों के 16 लोग दोषी करार, भेजे गए जेल
Farrukhabad News: नगला दाऊद गांव में जमीन विवाद को लेकर जनवरी 2024 में हुई हिंसा के दोनों क्रॉस मुकदमों में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय की अदालत ने दोनों पक्षों के 16 आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया है।
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पट्टे की जमीन के लिए जनवरी 2024 में हुआ था खूनी संघर्ष
पूरा मामला कमालगंज थाना क्षेत्र के नगला दाऊद गांव का है। 10 जनवरी 2024 को यहां पट्टे की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से लाठी-डंडे, धारदार हथियार और अवैध तमंचे निकल आए। इस भीषण खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हुए थे।
दिल्ली के अस्पताल में हुई थी मौत, दर्ज हुए थे क्रॉस केस
इस हिंसा को लेकर दोनों पक्षों की ओर से जवाबी मुकदमे दर्ज कराए गए थे: पहले पक्ष से रुकसाना ने विपक्षियों पर घर में घुसकर मारपीट करने, ताबड़तोड़ फायरिंग और तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इस घटना में गंभीर रूप से घायल तौहीद खां की 15 जनवरी 2024 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद मुकदमा गैरइरादतन हत्या की धाराओं में बदल गया।
सुनवाई के बाद अदालत ने गैरइरादतन हत्या तथा अन्य आरोपों में आठ आरोपियों आसिफ उर्फ मुन्ना, वसीम खान, सदाब खान, बाबर खान, अरशद उर्फ अक्कू, आमिर खान, तशरीफ शानू और अब्दुल मन्नान ईशान को दोषी ठहराया, जबकि जानलेवा हमला करने के जुड़े क्रॉस केस में आठ आरोपियों इदरीस, तमजीद, तमहीद, जुनैद, नाजिम, आजम, तौषीफ व मगरूल को दोषसिद्ध किया। अदालत ने सभी दोषियों के निजी मुचलके और जमानतें निरस्त करते हुए उन्हें जिला जेल भेजने का आदेश दिया।
अदालत ने इन सभी 14 दोषियों के निजी मुचलके और जमानतें तुरंत निरस्त करने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। अब 15 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं कि कोर्ट इन्हें कितनी सजा सुनाती है।