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पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाई
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:33 AM IST
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भीतरगांव (कानपुर)। पुलिस चौकी साढ़ के कोरथा गांव में एक अधेड़ ने पत्नी से झगड़ा करने के बाद अपने खेत में खड़े चिलवर के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार की सुबह शव पेड़ पर झूलता देख लोगों को जानकारी हुई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, गांव के कुछ लोगों ने कर्ज के चलते फांसी लगाने की भी बात कही।
कोरथा गांव निवासी अतर सिंह उर्फ बउवन यादव (46) के पास तीन बीघे कृषि भूमि है। उसने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर बीते दो वर्ष पहले लोन उठाया था। सरकार की एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने की स्कीम के तहत उसका पिछला कर्ज माफ हो गया था। कर्जमाफी के बाद अतरसिंह ने केसीसी का नवीनीकरण कराने के बाद फिर लोन उठा लिया था। उस पैसे को खेती में लगाने की जगह अन्य कामों में खर्च दिया। जिससे उसके खेतों का पलेवा न होने से परती पड़े हुए हैं। इसी बात पर उसका पत्नी से विवाद होता था।
इधर, बीते मंगलवार शाम वह शराब के नशे में धुत होकर अपने घर पहुंचा तो पत्नी से फिर उसकी नोंकझोंक हुई। घर से बाहर चला गया और पूरी रात घर वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह उसका छोटा भाई धीरू यादव अपनी पत्नी के साथ खेत पर पहुंचा तो वहां बड़े भाई को चिलवर के पेड़ पर फांसी के फंदे में लटकता देखा। अतर सिंह ने गले में मफलर का फंदा कसकर फांसी लगा ली थी। जानकारी जैसे ही मृतक के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी उमा देवी, बेटियां स्वाती, अनुराधा, शीलू और पुत्र छोटू मौके पर पहुंचे। घटना से परिजनों का रो-रोकर हाल-बेहाल था। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। चौकी इंचार्ज ने घटनास्थल पर पहुंचकर पेड़ पर झूल रहे अतर सिंह यादव के शव को नीचे उतरवाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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कोरथा गांव निवासी अतर सिंह उर्फ बउवन यादव (46) के पास तीन बीघे कृषि भूमि है। उसने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर बीते दो वर्ष पहले लोन उठाया था। सरकार की एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने की स्कीम के तहत उसका पिछला कर्ज माफ हो गया था। कर्जमाफी के बाद अतरसिंह ने केसीसी का नवीनीकरण कराने के बाद फिर लोन उठा लिया था। उस पैसे को खेती में लगाने की जगह अन्य कामों में खर्च दिया। जिससे उसके खेतों का पलेवा न होने से परती पड़े हुए हैं। इसी बात पर उसका पत्नी से विवाद होता था।
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इधर, बीते मंगलवार शाम वह शराब के नशे में धुत होकर अपने घर पहुंचा तो पत्नी से फिर उसकी नोंकझोंक हुई। घर से बाहर चला गया और पूरी रात घर वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह उसका छोटा भाई धीरू यादव अपनी पत्नी के साथ खेत पर पहुंचा तो वहां बड़े भाई को चिलवर के पेड़ पर फांसी के फंदे में लटकता देखा। अतर सिंह ने गले में मफलर का फंदा कसकर फांसी लगा ली थी। जानकारी जैसे ही मृतक के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी उमा देवी, बेटियां स्वाती, अनुराधा, शीलू और पुत्र छोटू मौके पर पहुंचे। घटना से परिजनों का रो-रोकर हाल-बेहाल था। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। चौकी इंचार्ज ने घटनास्थल पर पहुंचकर पेड़ पर झूल रहे अतर सिंह यादव के शव को नीचे उतरवाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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