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120 शाखाओं में नहीं हुआ काम
अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 01 Jul 2015 02:09 AM IST
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11 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को ग्रामीण बैंकों की एक दिवसीय हड़ताल में सामान्य बैंकों की तरह पेंशन नीति और 15 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग की गई। हड़ताल के कारण बैंकों की सभी 120 (नगर व देहात) शाखाएं बंद रहीं। हड़ताली अधिकारियों व कर्मचारियों ने काकादेव स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
बताया कि इस संबंध में 11 जुलाई को दिल्ली में बैंक पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। नेशनल फेडरेशन आफ आरआरबी आफीसर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष सगुण शुक्ला ने बताया हड़ताल से कानपुर जिले में करीब 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।
उत्तर प्रदेश स्टेट ग्रामीण बैंक आफीसर्स फेडरेशन, नेशनल फेडरेशन आफ आरआरबी आफीसर्स और आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित धरने में सगुण शुक्ला ने बताया कि पिछले एक साल से सरकार के पास मांगें लंबित हैं, पर सुनवाई नहीं हो रही है।
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मांगों में मुख्य रूप से पीएफ नीति, सेवा शर्तें, प्रमोशन व भत्ते, मेडिकल सुविधाएं, प्रतिपूर्ति, पेट्रोल व्यय, 10वां वेतन समझौता जुलाई माह से लागू किए जाने, पदों की रिक्तता के निर्धारण के लिए मित्रा कमेटी की अनुशंसाओं को रद करना और ग्रामीण बैंकों के 49 फीसदी शेयर निजी हाथों में दिए जाने के निर्णय को रद करना है।
प्रदर्शन में यूपी बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी रजनीश गुप्ता और सुधीर सोनकर के अलावा संजय गुप्ता, डीसी तिवारी, आरके मिश्रा, योगेश त्रिपाठी, रामसकल तिवारी और आरएस सविता सहित कई लोग मौजूद रहे।
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बताया कि इस संबंध में 11 जुलाई को दिल्ली में बैंक पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। नेशनल फेडरेशन आफ आरआरबी आफीसर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष सगुण शुक्ला ने बताया हड़ताल से कानपुर जिले में करीब 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।
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उत्तर प्रदेश स्टेट ग्रामीण बैंक आफीसर्स फेडरेशन, नेशनल फेडरेशन आफ आरआरबी आफीसर्स और आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित धरने में सगुण शुक्ला ने बताया कि पिछले एक साल से सरकार के पास मांगें लंबित हैं, पर सुनवाई नहीं हो रही है।
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मांगों में मुख्य रूप से पीएफ नीति, सेवा शर्तें, प्रमोशन व भत्ते, मेडिकल सुविधाएं, प्रतिपूर्ति, पेट्रोल व्यय, 10वां वेतन समझौता जुलाई माह से लागू किए जाने, पदों की रिक्तता के निर्धारण के लिए मित्रा कमेटी की अनुशंसाओं को रद करना और ग्रामीण बैंकों के 49 फीसदी शेयर निजी हाथों में दिए जाने के निर्णय को रद करना है।
प्रदर्शन में यूपी बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी रजनीश गुप्ता और सुधीर सोनकर के अलावा संजय गुप्ता, डीसी तिवारी, आरके मिश्रा, योगेश त्रिपाठी, रामसकल तिवारी और आरएस सविता सहित कई लोग मौजूद रहे।