{"_id":"5b81b11e42c79246452df56c","slug":"101535226142-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी पार कर स्कूल जा रहा छात्र डूबा, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी पार कर स्कूल जा रहा छात्र डूबा, मौत
Updated Sun, 26 Aug 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सजेती (कानपुर)। थानाक्षेत्र के कोहरा गांव में स्कूल जा रहे छात्र की दक्षिणी नोन नदी में डूबने से मौत हो गई। जानकारी होने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बच्चे के शव को नदी से बाहर निकाला।
गांव निवासी राजेंद्र सिंह का नदी किनारे की मकान है। उसके दो बेटे हैं, बड़ा बेटा निखिल सिंह (13) गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा-7 में पढ़ता था। रोजाना की तरह वह शनिवार की सुबह बस्ता लेकर घर से स्कूल जा रहा था। स्कूल जाने के लिए उसे दक्षिणी नोन नदी पार करनी पड़ती थी। गांववालों ने नदी पार करने के लिए बिजली के सीमेंट वाले खंभे रखकर अस्थाई पुल बना रखा है। बीते गुरुवार और शुक्रवार की रात हुई झमाझम बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी पर बना अस्थाई पुल पानी में डूब गया है। गांव के लोग अनुमान के सहारे उस पर से निकलते हैं। शनिार को छात्र निखिल भी अकेले पुल पार करके स्कूल जा रहा था। जैसे ही बीच में पहुंचा तभी, पैर फिसलने से नदी में जा गिरा। चीख सुनकर खेतों में मवेशी चरा रहे लोग दौड़े, और जबतक कुछ कर पाते निखिल नदी के तेज बहाव में गुम हो गया।
सूचना पाकर निखिल के परिजन और गांव के लोग नदी किनारे पहुंचे और तलाश शुरू की। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव बरामद हुआ। छात्र के नदी में डूबने की सूचना पर पुलिस के साथ तहसीलदार अवनीश कुमार गांव पहुंचे। लेकिन, छात्र के परिजनों और गांववालों ने कोई कार्रवाई करने से मना करने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए देने से इंकार कर दिया। हादसे के बाद निखिल के माता-पिता और परिजनों का हाल-बेहाल था।
विज्ञापन
जान हथेली पर रखकर नदी पार करते छात्र
सजेती। क्षेत्र के कोहरा गांव के पास दक्षिणी नोन नदी पर गांववालों द्वारा बिजली के तीन खंभे रखकर अस्थाई पुल बनाया गया है। नदी में पानी होने पर सभी उसी के सहारे नदी पार करते हैं। गांववालों ने बताया कि पड़ोसी कसबा सजेती के इंटर कालेज में पढ़ने जाने वाले क्षेत्र के कोहरा और किरार सहित कई गांवों के करीब 70 से अधिक छात्र बारिश के दिनों में इसी पुल से होकर कालेज आते-जाते हैं।
इधर, दक्षिणी नोन नदी पर ही इसी तरह का एक अस्थाई पुल थानाक्षेत्र के इटौरा गांव के बाहर भी बना हुआ है। इस कदम पुलिया (पैदल मार्ग) का निर्माण कालेज प्रशासन ने ही कई वर्षों पहले करवाया था। वर्तमान में संकरी पुलिया बेहद जर्जर हो चुकी है लेकिन, कालेज में पढ़ने वाले छात्र और कई गांवों के लोग जान हथेली पर रखकर पुलिया से आते-जाते हैं।
विज्ञापन
गांव निवासी राजेंद्र सिंह का नदी किनारे की मकान है। उसके दो बेटे हैं, बड़ा बेटा निखिल सिंह (13) गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा-7 में पढ़ता था। रोजाना की तरह वह शनिवार की सुबह बस्ता लेकर घर से स्कूल जा रहा था। स्कूल जाने के लिए उसे दक्षिणी नोन नदी पार करनी पड़ती थी। गांववालों ने नदी पार करने के लिए बिजली के सीमेंट वाले खंभे रखकर अस्थाई पुल बना रखा है। बीते गुरुवार और शुक्रवार की रात हुई झमाझम बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी पर बना अस्थाई पुल पानी में डूब गया है। गांव के लोग अनुमान के सहारे उस पर से निकलते हैं। शनिार को छात्र निखिल भी अकेले पुल पार करके स्कूल जा रहा था। जैसे ही बीच में पहुंचा तभी, पैर फिसलने से नदी में जा गिरा। चीख सुनकर खेतों में मवेशी चरा रहे लोग दौड़े, और जबतक कुछ कर पाते निखिल नदी के तेज बहाव में गुम हो गया।
विज्ञापन
सूचना पाकर निखिल के परिजन और गांव के लोग नदी किनारे पहुंचे और तलाश शुरू की। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव बरामद हुआ। छात्र के नदी में डूबने की सूचना पर पुलिस के साथ तहसीलदार अवनीश कुमार गांव पहुंचे। लेकिन, छात्र के परिजनों और गांववालों ने कोई कार्रवाई करने से मना करने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए देने से इंकार कर दिया। हादसे के बाद निखिल के माता-पिता और परिजनों का हाल-बेहाल था।
विज्ञापन
जान हथेली पर रखकर नदी पार करते छात्र
सजेती। क्षेत्र के कोहरा गांव के पास दक्षिणी नोन नदी पर गांववालों द्वारा बिजली के तीन खंभे रखकर अस्थाई पुल बनाया गया है। नदी में पानी होने पर सभी उसी के सहारे नदी पार करते हैं। गांववालों ने बताया कि पड़ोसी कसबा सजेती के इंटर कालेज में पढ़ने जाने वाले क्षेत्र के कोहरा और किरार सहित कई गांवों के करीब 70 से अधिक छात्र बारिश के दिनों में इसी पुल से होकर कालेज आते-जाते हैं।
इधर, दक्षिणी नोन नदी पर ही इसी तरह का एक अस्थाई पुल थानाक्षेत्र के इटौरा गांव के बाहर भी बना हुआ है। इस कदम पुलिया (पैदल मार्ग) का निर्माण कालेज प्रशासन ने ही कई वर्षों पहले करवाया था। वर्तमान में संकरी पुलिया बेहद जर्जर हो चुकी है लेकिन, कालेज में पढ़ने वाले छात्र और कई गांवों के लोग जान हथेली पर रखकर पुलिया से आते-जाते हैं।