{"_id":"69c5959ec29dae1f3806d656","slug":"10-factories-have-stopped-production-due-to-lack-of-raw-materials-and-orders-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-140355-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: कच्चा माल, ऑर्डर न मिलने से 10 फैक्टरियों का उत्पादन बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: कच्चा माल, ऑर्डर न मिलने से 10 फैक्टरियों का उत्पादन बंद
Fri, 27 Mar 2026 01:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
रनियां (कानपुर देहात)। ईरान, इस्राइल और अमेरिका में चल रहे युद्ध से जिले में संचालित प्लास्टिक कारोबारियों की अब और कमर टूटने लगी है। एक ओर ऑर्डर मिलना बिल्कुल बंद हो गए हैं। वहीं, कच्चा माल, गैस सिलिंडर आदि न मिलने से उत्पादन बंद होने लगे हैं। परेशानी को झेलने के कारण रनियां स्थित प्लास्टिक दाना, प्लास्टिक उत्पादन करने वाली करीब 10 फैक्टरी का उत्पादन बंद हो गया है। उद्यमियों ने फैक्टरी में ताला बंद कर मजदूरों को घर भेज दिया है।
रनियां और जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र की छोटी-बड़ी 400 इकाइयां संचालित हैं। इसमें करीब 125 प्लास्टिक की इकाइयां जुड़ी हुई हैं। प्लास्टिक कारोबारियों के हालात यह कि वर्तमान समय में ऑर्डर मिलना बंद हो गए। श्रमिकों की संख्या पहले से घटने लगी थी। कुछ कामगार मजदूरों के सहारे प्लांट चल रहे हैं। इधर, फैक्टरियों में गैस सिलिंडर न मिलने से बड़ी किल्लत है। इससे उद्यमियों ने श्रमिकों की संख्या घटा दी है। अब चार से पांच श्रमिकों के सहारे काम हो रहा है।
उद्यमियों का कहना है कि पहले की अपेक्षा उत्पादन भी घटकर 20 फीसदी रह गया है। ऐसे में फैक्टरी के प्लांट नहीं चल पा रहे हैं। रनियां में संचालित करीब 10 प्लास्टिक की फैक्टरियों का उत्पादन बंद हो गया है। उसमें काम करने वाले करीब 200 मजदूरों के सामने रोटी का संकट छा गया है। उद्यमी भी बिजली के बिल, अन्य खर्च को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि जल्द हालात में सुधार न हुए और कच्चा माल न मिला तो काफी नुकसान होगा।
विज्ञापन
...............................
बोले उद्यमी...
प्लास्टिक के कारोबार की स्थिति काफी खराब हो गई है। गैस की किल्लत है। कच्चा माल भी नहीं मिल पा रहा है। युद्ध से पहले एक दिन में 80 टन उत्पादन होता था। अब की स्थिति में 10 टन उत्पादन करना मुश्किल हो रहा है। ऑर्डर मिलना बिल्कुल बंद है। ऐसे में मजदूरों की संख्या घटानी पड़ रही है। वर्तमान में करीब पांच मजदूरों के सहारे एक प्लांट चला रहे हैं। यही स्थिति रही तो प्लांट बंद करना पड़ेगा। - एसके सिंह, उद्यमी
....................
रनियां में संचालित प्लास्टिक कारोबारियों ने करीब 10 फैक्टरी बंद कर दी है। अभी तक ऑर्डर मिलने की समस्या और कच्चा माल मिलना था। अब गैस सिलिंडर के न मिलने से भी समस्या हो रही है। कोरोना काल जैसी स्थिति होती जा रही है। हमारी फैक्टरी भी बंद है। मजदूर घर चले गए हैं। - हरदीप सिंह राखरा उद्यमी
......................
इन फैक्टरियों में बंद हुआ उत्पादन
एपैक्स माटा पैक्स
एम बी इंटर प्राइजेज
मनीष इंटर प्राइजेज
श्री जी इंड्रस्टीज
कृष्णा इंटर प्राइजेज
जेके पॉलिमर
रॉयल साथी
महावीर प्लास्टिक
जैंनको इंडस्ट्रीज
सरीन पॉली पाइप
विज्ञापन
रनियां और जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र की छोटी-बड़ी 400 इकाइयां संचालित हैं। इसमें करीब 125 प्लास्टिक की इकाइयां जुड़ी हुई हैं। प्लास्टिक कारोबारियों के हालात यह कि वर्तमान समय में ऑर्डर मिलना बंद हो गए। श्रमिकों की संख्या पहले से घटने लगी थी। कुछ कामगार मजदूरों के सहारे प्लांट चल रहे हैं। इधर, फैक्टरियों में गैस सिलिंडर न मिलने से बड़ी किल्लत है। इससे उद्यमियों ने श्रमिकों की संख्या घटा दी है। अब चार से पांच श्रमिकों के सहारे काम हो रहा है।
विज्ञापन
उद्यमियों का कहना है कि पहले की अपेक्षा उत्पादन भी घटकर 20 फीसदी रह गया है। ऐसे में फैक्टरी के प्लांट नहीं चल पा रहे हैं। रनियां में संचालित करीब 10 प्लास्टिक की फैक्टरियों का उत्पादन बंद हो गया है। उसमें काम करने वाले करीब 200 मजदूरों के सामने रोटी का संकट छा गया है। उद्यमी भी बिजली के बिल, अन्य खर्च को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि जल्द हालात में सुधार न हुए और कच्चा माल न मिला तो काफी नुकसान होगा।
विज्ञापन
...............................
बोले उद्यमी...
प्लास्टिक के कारोबार की स्थिति काफी खराब हो गई है। गैस की किल्लत है। कच्चा माल भी नहीं मिल पा रहा है। युद्ध से पहले एक दिन में 80 टन उत्पादन होता था। अब की स्थिति में 10 टन उत्पादन करना मुश्किल हो रहा है। ऑर्डर मिलना बिल्कुल बंद है। ऐसे में मजदूरों की संख्या घटानी पड़ रही है। वर्तमान में करीब पांच मजदूरों के सहारे एक प्लांट चला रहे हैं। यही स्थिति रही तो प्लांट बंद करना पड़ेगा। - एसके सिंह, उद्यमी
....................
रनियां में संचालित प्लास्टिक कारोबारियों ने करीब 10 फैक्टरी बंद कर दी है। अभी तक ऑर्डर मिलने की समस्या और कच्चा माल मिलना था। अब गैस सिलिंडर के न मिलने से भी समस्या हो रही है। कोरोना काल जैसी स्थिति होती जा रही है। हमारी फैक्टरी भी बंद है। मजदूर घर चले गए हैं। - हरदीप सिंह राखरा उद्यमी
......................
इन फैक्टरियों में बंद हुआ उत्पादन
एपैक्स माटा पैक्स
एम बी इंटर प्राइजेज
मनीष इंटर प्राइजेज
श्री जी इंड्रस्टीज
कृष्णा इंटर प्राइजेज
जेके पॉलिमर
रॉयल साथी
महावीर प्लास्टिक
जैंनको इंडस्ट्रीज
सरीन पॉली पाइप