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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   10,000 years old agricultural machinery and tools are found

खुदाई में निकले 10,000 साल पुराने कृषि यंत्र और औजार, पुरातत्व टीम में उत्साह

Wed, 11 Oct 2017 07:34 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 11 Oct 2017 07:34 PM IST
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10,000 years old agricultural machinery and tools are found
अशोह गांव के पास अवशेषए की जांच के लिए मिट्टी का परीक्षण करते पुरातत्व विभाग के श्रमिक। - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक के बाद एक नवपाषाण काल के यंत्र, उपकरण मिलने से मानव सभ्यता के सबूत और पुख्ता होते जा रहे हैं। यहां के पूर्वजों की कहावतों और कहानियों को ये सबूत सच्चाई में तब्दील करते हुए नजर आ रहे हें। इस भूमि पर हजारों साल पुरानी सभ्यता के कयास बहुत पहले से लगाए जा रहे थे लेकिन तथ्य आज सामने आ रहे हैं।
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नव पाषाण काल के अवशेषों की पुष्टि से उत्साहित पुरातत्व विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में भी संभावनाआें के आधार पर सर्वे किया। टीम के सदस्यों ने दावा किया है कि कलवलिया से पहाड़ी मार्ग पर अशोह गांव के पास भी पाषाण काल के प्रमाण मिल सकते हैं।

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 बुंदेलखंड क्षेत्र की विभिन्न विशेषाताओं में अब यह भी शामिल हो गया है कि दस हजार साल पहले भी यहां मानव जाति मौजूद थी और कृषि पशुपालन जैसे काम होते थे।
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आज जहां से यमुना व मंदाकिनी नदी बहती है उसके आस पास भी अन्य जलस्त्रोत रहें होंगे। मंगलवार को विशेषज्ञों की टीम ने यह स्पष्ट कर दिया था कि बुंदेलखंड में प्राचीन सभ्यता रही है और नव पाषाण काल में जल की उपलब्धता, कृषि यंत्र, औजार व अन्य अवशेषों से टीम के सदस्य उत्साहित हैं।

 

10,000 years old agricultural machinery and tools are found
उत्खनन स्थल पर निर्देश देते डा. अवनीश चंद्र मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला
गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर के कलवलिया से कुछ दूरी पर संडवावीर में मौजूद डा.शकुंतलादेवी मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डा.अवनीश चंद्र मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर डा.बृजेश कुमार रावत व पुरातत्व विभाग के डा.रामनरेश पाल ने बताया कि लगातार क्षेत्र के चिहिंत स्थलों पर पुरातत्व से जुड़े अवशेषों की तलाश जारी रहेगी। 

बुधवार को पूरी टीम ने समोगरी मंदिर के आस पास का दोबारा निरीक्षण किया। दावा किया कि यहां भी पाषाण काल के अवशेष की पूरी संभावना है। इसके बाद पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव पहुंचे। टीम ने दावा किया कि अशोह गांव के आसपास कई एतिहासिक प्रमाण हैं। जिनका पहले सर्वे हो चुका है। पाषाण काल से जुड़े अवशेष हो सकते हैं। जल्द ही इसके लिए चिंहाकन कर खुदाई कराई जा सकती है। 

बंद हो गया उत्खनन का काम
राजापुर। पुरातत्व विभाग की टीम का 22 दिन तक चला उत्खनन का काम अब बुधवार की शाम को बंद हो गया है। टीम प्रभारी डा.अवनीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि 19 सितंबर से शुरु उत्खनन का काम दीपावली मेले के कारण स्थगित कर दिया गया है। जो भी सामग्री एकत्र की गई है। उसे सावधानी से लखनऊ व दिल्ली ले जाकर जांच कराई जाएगी। आगे फिर उत्खनन के संबध पर कहा कि इसकी तारीख तय नहीं है।
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