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Kannauj News: संतान की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा हलषष्ठी व्रत
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गुगरापुर। संतान की दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना को लेकर बुधवार को क्षेत्र की महिलाओं ने बुधवार को हलषष्ठी व्रत रखा। महिलाओं ने घर के आंगन में विधि-विधान से हलषष्ठी और भगवान दाऊ बलराम की पूजा-अर्चना की।
महिलाओं ने मिट्टी और बालू से घर में तालाब बनाया। इसमें झरबेरी, महुआ और कुश स्थापित कर गणेश-गौरी, दाऊ बाबा और छठी मैया का आह्वान किया। महुआ, सिंघाड़ा, दही, सूखे मेवे और सात प्रकार के भुने अनाज का भोग लगाया गया। पूजन के बाद बच्चों में प्रसाद बांटा गया। सीमा देवी और उपमा देवी ने बताया कि हलषष्ठी पर हल-बैल से जुते खेत में जाने और उससे उपजे अन्न का सेवन करने से परहेज किया जाता है। व्रत में महुआ, पसाई के चावल तथा स्वतः उगे पेड़-पौधों और तालाब से प्राप्त वस्तुओं का ही उपयोग किया जाता है। मान्यता है कि हलषष्ठी का व्रत संतान को दीर्घायु और आरोग्य प्रदान करता है।
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महिलाओं ने मिट्टी और बालू से घर में तालाब बनाया। इसमें झरबेरी, महुआ और कुश स्थापित कर गणेश-गौरी, दाऊ बाबा और छठी मैया का आह्वान किया। महुआ, सिंघाड़ा, दही, सूखे मेवे और सात प्रकार के भुने अनाज का भोग लगाया गया। पूजन के बाद बच्चों में प्रसाद बांटा गया। सीमा देवी और उपमा देवी ने बताया कि हलषष्ठी पर हल-बैल से जुते खेत में जाने और उससे उपजे अन्न का सेवन करने से परहेज किया जाता है। व्रत में महुआ, पसाई के चावल तथा स्वतः उगे पेड़-पौधों और तालाब से प्राप्त वस्तुओं का ही उपयोग किया जाता है। मान्यता है कि हलषष्ठी का व्रत संतान को दीर्घायु और आरोग्य प्रदान करता है।
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