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Kannauj News: ऑपरेशन के 28 दिन बाद महिला की मौत, हंगामा
Sun, 14 Jul 2024 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:51 AM IST
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सौरिख। अस्पताल संचालक की लापरवाही से आठ लाख रुपये खर्च करने के बाद भी महिला की जान चली गई। अस्पताल संचालक ने महिला के पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन किया था। जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालक ने परिजनों के साथ महिला को कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी डाक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और महिला की मौत हो गई।
इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के हसेरन निवासी जयपाल सिंह की पत्नी शिवकुमारी उर्फ गुड्डी के पित्त की थैली में पथरी थी। दर्द होने पर 16 जून को उन्हें नगर के हरभानपुर रोड स्थित जेसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां अस्पताल संचालक विपिन कुमार ने महिला का ऑपरेशन कर दिया। हालत में सुधार न होने पर 25 जून को अस्पताल संचालक ने महिला को कानपुर के कुलवंती अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों के अनुसार डाॅक्टरों ने शरीर में इंफेक्शन फैलने की बात कहकर इलाज से इन्कार कर दिया। परिजनों व विपिन कुमार की मिन्नतों के बाद यहां महिला का इलाज शुरू हुआ। 17 दिन तक चले इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने घर ले जाने की सलाह देकर डिस्चार्ज कर दिया। शनिवार दोपहर 12 बजे परिजन दोबारा महिला को जेसी अस्पताल ले गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों के आक्रोश व भीड़ को बढ़ता देख अस्पताल कर्मचारी मौके से भाग गए। दोपहर बाद चार बजे महिला की मौत हो गई।
उधर दूसरी तरफ अस्पताल में हंगामा व तोड़फोड़ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और हंगामा कर रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन परिजन मौके पर अधिकारियों को बुलाने और अस्पताल संचालक पर कार्यवाई की मांग पर अड़ गए। सूचना पर एसडीएम उमाकांत तिवारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जितेंद्र नाथ, सीओ ओंकारनाथ शर्मा, नायब तहसीलदार भरत मौर्य, छिबरामऊ कोतवाल सचिन सिंह, सकरावा थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक मृतका के गांव के लोगों के साथ अस्पताल के बाहर डेरा डाले हुए थे।
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तीन डाॅक्टरों का पैनल करेगा शव का पोस्टमार्टम: एसडीएम
मृतका शिवकुमारी के परिजनों के हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम उमाकांत तिवारी ने परिजनों की मांग पर कमेटी गठित करने जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि की मौत की जांच और पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों का पैनल करेगा।
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अस्पताल में अब तक करीब 12 महिलाओं की हो चुकी है मौत
नगर में खूनी अस्पताल के नाम से मशहूर जे सी अस्पताल शुरू में सौरिख बिधूना रोड पर खुला था। यहां कई महिलाओं की मौत के बाद करीब दो साल पहले नगर के हरिभानपुर रोड पर इस अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया। अस्पताल में विशुनगढ़ निवासी एक महिला के अलावा ब्राहिमपुर निवासी कंचन और शनिवार को हसेरन निवासी शिवकुमारी की मौत हो चुकी है। कंचन के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इस अस्पताल को सीज कर दिया गया था। 15 दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू किया गया था।
इनसेट...
छह घंटे बाद महिला का शव पुलिस ने कब्जे में लिया
परिजन जिंदगी और मौत के बीच झूल रही शिवकुमारी को कानपुर से दिन में करीब 12 बजे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां परिजनों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की परिजनों के साथ आई भीड़ से कई बार जमकर झड़प हुई। करीब चार बजे शिवकुमारी के दम तोड़ ने को परिजन और उग्र हो गए। मौके पर मौजूद अफसरों के अस्पताल को सीज कर संचालक के खिलाफ कार्रवाई व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव को उठने दिया।
इनसेट...
मां का साया उठने पर तीन बेटियां और दो बेटे हुए बदहवास
शनिवार को शिवकुमारी की मौत के बाद उनकी बेटियां वर्षा, सरिता, ममता और बेटे जितेंद्र सिंह और अभय प्रताप बदहवास हो गए। नवंबर में बेटी वर्षा की शादी होनी है। पिता जयपाल सिंह होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। पत्नी शिवकुमारी के इलाज में जयपाल सिंह ने जमा पूंजी के अलावा पत्नी के गहने बेच दिए और खेत भी गिरवी रख दिया। इलाज में करीब आठ लाख रुपए खर्च के बाद भी शिवकुमारी को बचाया नहीं जा सका।
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इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के हसेरन निवासी जयपाल सिंह की पत्नी शिवकुमारी उर्फ गुड्डी के पित्त की थैली में पथरी थी। दर्द होने पर 16 जून को उन्हें नगर के हरभानपुर रोड स्थित जेसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां अस्पताल संचालक विपिन कुमार ने महिला का ऑपरेशन कर दिया। हालत में सुधार न होने पर 25 जून को अस्पताल संचालक ने महिला को कानपुर के कुलवंती अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों के अनुसार डाॅक्टरों ने शरीर में इंफेक्शन फैलने की बात कहकर इलाज से इन्कार कर दिया। परिजनों व विपिन कुमार की मिन्नतों के बाद यहां महिला का इलाज शुरू हुआ। 17 दिन तक चले इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने घर ले जाने की सलाह देकर डिस्चार्ज कर दिया। शनिवार दोपहर 12 बजे परिजन दोबारा महिला को जेसी अस्पताल ले गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों के आक्रोश व भीड़ को बढ़ता देख अस्पताल कर्मचारी मौके से भाग गए। दोपहर बाद चार बजे महिला की मौत हो गई।
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उधर दूसरी तरफ अस्पताल में हंगामा व तोड़फोड़ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और हंगामा कर रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन परिजन मौके पर अधिकारियों को बुलाने और अस्पताल संचालक पर कार्यवाई की मांग पर अड़ गए। सूचना पर एसडीएम उमाकांत तिवारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जितेंद्र नाथ, सीओ ओंकारनाथ शर्मा, नायब तहसीलदार भरत मौर्य, छिबरामऊ कोतवाल सचिन सिंह, सकरावा थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक मृतका के गांव के लोगों के साथ अस्पताल के बाहर डेरा डाले हुए थे।
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तीन डाॅक्टरों का पैनल करेगा शव का पोस्टमार्टम: एसडीएम
मृतका शिवकुमारी के परिजनों के हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम उमाकांत तिवारी ने परिजनों की मांग पर कमेटी गठित करने जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि की मौत की जांच और पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों का पैनल करेगा।
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अस्पताल में अब तक करीब 12 महिलाओं की हो चुकी है मौत
नगर में खूनी अस्पताल के नाम से मशहूर जे सी अस्पताल शुरू में सौरिख बिधूना रोड पर खुला था। यहां कई महिलाओं की मौत के बाद करीब दो साल पहले नगर के हरिभानपुर रोड पर इस अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया। अस्पताल में विशुनगढ़ निवासी एक महिला के अलावा ब्राहिमपुर निवासी कंचन और शनिवार को हसेरन निवासी शिवकुमारी की मौत हो चुकी है। कंचन के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इस अस्पताल को सीज कर दिया गया था। 15 दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू किया गया था।
इनसेट...
छह घंटे बाद महिला का शव पुलिस ने कब्जे में लिया
परिजन जिंदगी और मौत के बीच झूल रही शिवकुमारी को कानपुर से दिन में करीब 12 बजे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां परिजनों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की परिजनों के साथ आई भीड़ से कई बार जमकर झड़प हुई। करीब चार बजे शिवकुमारी के दम तोड़ ने को परिजन और उग्र हो गए। मौके पर मौजूद अफसरों के अस्पताल को सीज कर संचालक के खिलाफ कार्रवाई व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव को उठने दिया।
इनसेट...
मां का साया उठने पर तीन बेटियां और दो बेटे हुए बदहवास
शनिवार को शिवकुमारी की मौत के बाद उनकी बेटियां वर्षा, सरिता, ममता और बेटे जितेंद्र सिंह और अभय प्रताप बदहवास हो गए। नवंबर में बेटी वर्षा की शादी होनी है। पिता जयपाल सिंह होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। पत्नी शिवकुमारी के इलाज में जयपाल सिंह ने जमा पूंजी के अलावा पत्नी के गहने बेच दिए और खेत भी गिरवी रख दिया। इलाज में करीब आठ लाख रुपए खर्च के बाद भी शिवकुमारी को बचाया नहीं जा सका।