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Kannauj News: प्रधान की सह पर लेखपाल ने चलवाया बुलडोजर
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कन्नौज। दिव्यांग व घायल परिजनों के साथ 16 दिन से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठी महिलाओं को न्याय नहीं मिल सका है। पीड़ित परिवार ने दबंगों के उत्पीड़न और क्षेत्रीय लेखपाल की कथित मिलीभगत से 50 वर्ष पुरानी आबादी की आराजी जबरन छुड़वाकर दबंगों को देने का आरोप लगाया है। लेखपाल पर बुलडोजर चलवाकर जमीन पर रखा खोखा तोड़ने व जबरन नीव खोदे जाने का भी आरोप है। अधिकारियों ने एसआईआर व कानूनी प्रक्रिया से कार्रवाई करने की सलाह देकर टरका दिया।
कोतवाली छिबरामऊ के हमीरपुर गांव निवासी निशा ने बताया कि गांव के कुछ दबंग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने न्याय के लिए राजस्व विभाग का दरवाजा खटखटाया लेकिन वहां से भी निराश होकर लौटना पड़ा। महिला ने क्षेत्रीय लेखपाल हरनरायन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दबंगों के साथ मिलकर उनके इशारे पर काम कर रहे हैं। न्याय न मिलने और लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से आहत होकर 14 नवंबर से परिवार सहित जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं।
पहले कई दिन तक अधिकारियाें ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद शुक्रवार को एडीएम देवेंद्र कुमार ने एसआईआर प्रक्रिया के बाद विचार करने की बात कहकर टरका दिया। मामले की जानकारी होने पर सदर विधायक व मंत्री असीम अरुण ने वीडियो कॉल के जरिए धरने पर बैठे पीड़ित परिवार से बात की और न्याय का भरोसा दिया। मंत्री का आश्वासन मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने धरना समाप्त कर दिया है। लेकिन इस प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही व संवेदनहीनता सामने आ रही है। मंत्री ने जल्द ही प्रकरण की जांच करवा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए व दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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कोतवाली छिबरामऊ के हमीरपुर गांव निवासी निशा ने बताया कि गांव के कुछ दबंग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने न्याय के लिए राजस्व विभाग का दरवाजा खटखटाया लेकिन वहां से भी निराश होकर लौटना पड़ा। महिला ने क्षेत्रीय लेखपाल हरनरायन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दबंगों के साथ मिलकर उनके इशारे पर काम कर रहे हैं। न्याय न मिलने और लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से आहत होकर 14 नवंबर से परिवार सहित जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं।
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पहले कई दिन तक अधिकारियाें ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद शुक्रवार को एडीएम देवेंद्र कुमार ने एसआईआर प्रक्रिया के बाद विचार करने की बात कहकर टरका दिया। मामले की जानकारी होने पर सदर विधायक व मंत्री असीम अरुण ने वीडियो कॉल के जरिए धरने पर बैठे पीड़ित परिवार से बात की और न्याय का भरोसा दिया। मंत्री का आश्वासन मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने धरना समाप्त कर दिया है। लेकिन इस प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही व संवेदनहीनता सामने आ रही है। मंत्री ने जल्द ही प्रकरण की जांच करवा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए व दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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