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Kannauj News: जलस्तर ठहरा पर पानी कम न होने से बढ़ी मुसीबतें
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कन्नौज। पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर 125.700 मीटर पर ठहरा हुआ है। कटरी इलाके के 12 गांवों बाढ़ की चपेट में हैं। पानी कम न होने की वजह से बाढ़ प्रभावित गांवों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामीणों रोजाना पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। घरों में पानी भरने से ग्रामीण सड़क किनारे तंबूओं में रात गुजारने को मजबूर हैं।
पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर ठहरने के बाद भी बाढ़ प्रभावित गांवों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। गंगा किनारे बसे गांवों में सिर्फ चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा कामिसपुर. बक्सीपुरवा, जुकैइया और अलियापुर गांव के हालात ज्यादा खराब हैं। ग्रामीण पानी में घुसकर या नाव के सहारे अपने रोजमर्रा के काम निपटा रहे हैं। मुसीबतें घटने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को खाने पीने की दिक्कत न हो इसके लिए प्रशासन प्रयास में लगा है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन और अन्य जरूरी सामान मुहैया करा रहा है। ग्रामीणों के सामने अपने मवेशियों के लिए चारा का प्रबंध करना चुनौती बना हुआ है। साथ ही अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखे हुए हैं।
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नाव के सहारे पुलिया कर रहे पार
पुलिस लाइन से चौधरियापुर और गुमटिया जाने वाली सड़क की पुलिया बाढ़ के पानी से डूब गई है। ऐसे में सड़क से गुजरने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नाव की मदद से राहगीरों को पुलिया पार करवा रहे हैं। बाइकों को नाव पर लादकर दूसरी ओर उतार रहे हैं।
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इनसेट
प्रशासन की पाबंदी के बावजूद नाव बनी सहारा
बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नाव के संचालन पर रोक लगा रखी है। इसके लिए बाकायदा डीएम की ओर से निर्देश जारी है, बावजूद इसके नाव के संचालन पर रोक नहीं लग सकी है। जगह-जगह पानी घुसा होने और सड़क कटी होने की वजह कर लोग नाव के ही सहारे आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी इसे लेकर किसी तरह की सख्ती नहीं हो रही है।
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पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर ठहरने के बाद भी बाढ़ प्रभावित गांवों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। गंगा किनारे बसे गांवों में सिर्फ चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा कामिसपुर. बक्सीपुरवा, जुकैइया और अलियापुर गांव के हालात ज्यादा खराब हैं। ग्रामीण पानी में घुसकर या नाव के सहारे अपने रोजमर्रा के काम निपटा रहे हैं। मुसीबतें घटने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को खाने पीने की दिक्कत न हो इसके लिए प्रशासन प्रयास में लगा है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन और अन्य जरूरी सामान मुहैया करा रहा है। ग्रामीणों के सामने अपने मवेशियों के लिए चारा का प्रबंध करना चुनौती बना हुआ है। साथ ही अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखे हुए हैं।
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नाव के सहारे पुलिया कर रहे पार
पुलिस लाइन से चौधरियापुर और गुमटिया जाने वाली सड़क की पुलिया बाढ़ के पानी से डूब गई है। ऐसे में सड़क से गुजरने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नाव की मदद से राहगीरों को पुलिया पार करवा रहे हैं। बाइकों को नाव पर लादकर दूसरी ओर उतार रहे हैं।
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प्रशासन की पाबंदी के बावजूद नाव बनी सहारा
बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नाव के संचालन पर रोक लगा रखी है। इसके लिए बाकायदा डीएम की ओर से निर्देश जारी है, बावजूद इसके नाव के संचालन पर रोक नहीं लग सकी है। जगह-जगह पानी घुसा होने और सड़क कटी होने की वजह कर लोग नाव के ही सहारे आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी इसे लेकर किसी तरह की सख्ती नहीं हो रही है।