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व्यवस्था में खोट : साहब की चौखट पर फरियादी प्यासे
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कलक्ट्रेट में रीबोर के इंतजार में हैंडपंप।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। गर्मी से लोगों के हलक सूखने लगे हैं। कलक्ट्रेट, विकास भवन, ब्लाक कार्यालय, मंडी समिति, जिला अस्पताल, विनोद दीक्षित चिकित्सालय, नगर पालिका समेत कई विभागों के पास पेयजल के इंतजाम दुरुस्त नहीं हैं। यहां लगे हैंडपंप खराब हैं या रीबोर की स्थिति में। कई हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। सरकारी महकमों के परिसर समेत अधिकांश परिषदीय विद्यालयों का हाल भी ठीक नहीं है। यहां लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं या दूषित पानी दे रहे। जिलाधिकारी ने गर्मी से पहले सभी हैंडपंप ठीक कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इनकी मरम्मत कराना मुनासिब नहीं समझा। अमर उजाला टीम ने हकीकत परखी तो सच्चाई सामने आ गई।
कलक्ट्रेट परिसर में एक दर्जन से ज्यादा हैंडपंप लगे हैं। इनमें कई खराब हैं। अफसरों व कर्मियों के आवास के बाहर लगे हैंडपंपों की भी यही स्थिति है। परिसर में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों के पास प्रतिदिन सैकड़ों फरियादियों का आना-जाना होता है। खराब हैंडपंप के कारण फरियादी प्यास से व्याकुल हो जाते हैं।
वन विभाग में लगा हैंडपंप अरसे से खराब है। परिसर में इसके अलावा पानी का दूसरा इंतजाम नहीं है। इससे परेशानी होती है। पानी के लिए परिसर के चक्कर काटने पड़ते हैं। विभागीय अफसरों ने हैंडपंप को सुधरवाने के लिए कई बार शिकायत की, मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ।
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विकास भवन में लगा हैंडपंप भी काफी समय से खराब है। यहां काफी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। यह खराब हैंडपंप देखकर लौट जाते हैं। परिसर में लगी टंकी से गर्म पानी आता है। इससे अधिकांश फरियादी हैंडपंप की तरफ रुख करते हैं।
नगर पालिका इलाकों में लगे अधिकांश हैंडपंप खराब हैं। पीतल मंडी, अहमदी टोला, काजी टोला, मकरंद नगर, डाक बंगला रोड आदि मोहल्लों में लगे हैंडपंप खराब हैं। कुछ में अरसे से दूषित पानी आ रहा है। मोहल्लेवासियों के मुताबिक कई बार शिकायत की गई। नतीजा सिफर रहा।
रीबोर व खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए विभागीय अफसरों को निर्देश दिए जा चुके हैं। जल्द ही खराब व रीबोर वाले हैंडपंपों को दुरुस्त करा दिया जएगा। समस्या से निजात दिलाई जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में वाटर कूलर मशीन लगी है। इससे आने वाले फरियादियों को पानी की दिक्कत नहीं होती।
- प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, सीडीओ।
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कलक्ट्रेट परिसर में एक दर्जन से ज्यादा हैंडपंप लगे हैं। इनमें कई खराब हैं। अफसरों व कर्मियों के आवास के बाहर लगे हैंडपंपों की भी यही स्थिति है। परिसर में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों के पास प्रतिदिन सैकड़ों फरियादियों का आना-जाना होता है। खराब हैंडपंप के कारण फरियादी प्यास से व्याकुल हो जाते हैं।
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वन विभाग में लगा हैंडपंप अरसे से खराब है। परिसर में इसके अलावा पानी का दूसरा इंतजाम नहीं है। इससे परेशानी होती है। पानी के लिए परिसर के चक्कर काटने पड़ते हैं। विभागीय अफसरों ने हैंडपंप को सुधरवाने के लिए कई बार शिकायत की, मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ।
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विकास भवन में लगा हैंडपंप भी काफी समय से खराब है। यहां काफी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। यह खराब हैंडपंप देखकर लौट जाते हैं। परिसर में लगी टंकी से गर्म पानी आता है। इससे अधिकांश फरियादी हैंडपंप की तरफ रुख करते हैं।
नगर पालिका इलाकों में लगे अधिकांश हैंडपंप खराब हैं। पीतल मंडी, अहमदी टोला, काजी टोला, मकरंद नगर, डाक बंगला रोड आदि मोहल्लों में लगे हैंडपंप खराब हैं। कुछ में अरसे से दूषित पानी आ रहा है। मोहल्लेवासियों के मुताबिक कई बार शिकायत की गई। नतीजा सिफर रहा।
रीबोर व खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए विभागीय अफसरों को निर्देश दिए जा चुके हैं। जल्द ही खराब व रीबोर वाले हैंडपंपों को दुरुस्त करा दिया जएगा। समस्या से निजात दिलाई जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में वाटर कूलर मशीन लगी है। इससे आने वाले फरियादियों को पानी की दिक्कत नहीं होती।
- प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, सीडीओ।