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लंबित मुकदमों में पीड़ितों को मिले न्याय : सचिव

Fri, 25 Sep 2026 12:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:57 AM IST
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Victims in pending cases should get justice: Secretary
कन्नौज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पॉमेला श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिएशन फॉर द नेशन अभियान को सफल बनाने में अधिवक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। अधिवक्ता ही वादकारियों के प्रथम कानूनी सलाहकार होते हैं। वे अपने मुवक्किलों को मध्यस्थता के लाभ समझाकर मामलों को आपसी सुलह-समझौते से निपटाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
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वह गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला न्यायालय और बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मेडिएशन फॉर द नेशन, विशेष अभियान के तहत आयोजित शिविर को संबोधित कर रही थीं। शिविर में न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और आम जनता को त्वरित, सुलभ न्याय दिलाने में अधिवक्ता समाज की सक्रिय भागीदारी पर चर्चा की गई। यह 90 दिवसीय विशेष अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि मध्यस्थता एक ऐसी वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का निपटारा किया जाता है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि आपसी संबंध भी बने रहते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से मुवक्किलों से संवाद कर पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस (एनआई एक्ट) के मामले, दीवानी एवं संपत्ति से जुड़े शमनीय विवाद, मोटर दुर्घटना क्लेम (एमएसीटी) मामले, व्यापारिक एवं बैंक रिकवरी से संबंधित मामले मध्यस्थता केंद्र में भेजने की अपील की। इस दौरान बार एसोसिएशनके अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी, महामंत्री रामखिलावन आदि मौजूद रहे।
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