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नए छात्रों की अधिक संख्या होने पर जांच
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:12 AM IST
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विकास भवन में मंगलवार को समस्त प्राचार्यों,
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प्रधानाचार्यों की दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना को लेकर
बैठक बुलाई गई थी। प्रदेश सरकार की ओर से छठ पूजा का सार्वजनिक अवकाश
घोषित करने से अधिकांश लोग नहीं पहुंचे।
बैठक में प्रधानाचार्यों व प्राचार्यों को नवीनीकरण श्रेणी के जिन छात्रों का डाटा शिक्षण संस्था के नोडल अधिकारियों द्वारा अग्रसारित नहीं किया गया, आनलाइन स्कालरशिप पोर्टल पर अंकित करना, जिले की किसी भी संस्था द्वारा शत-प्रतिशत छात्रों का डाटा आनलाइन अनुमोदित करने समेत कई मुद्दों पर विचार किया जाना था।
हालांकि, समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र गौतम ने छात्रवृत्ति को लेकर दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्था स्कालरशिप पोर्टल में नवीनीकरण श्रेणी तथा नवप्रवेशित छात्रों की संख्या तथा विवरण का पुन: परीक्षण करेंगे। मास्टर डाटा में उक्त संस्था के स्वीकृत पाठ्यक्रम तथा स्वीकृति सीटों की संख्या से छात्रों की संख्या से मिलान कर विवरण के सही होने पर ही छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति भुगतान की संस्तुति अपने डिजिटल सिग्नेचर से करेंगे।
जिन संस्थाओं से वर्ष 15-16 में अग्रसारित किए गए छात्रों में से एक भी छात्र का आवेदन पत्र नवीनीकरण श्रेणी में अग्रसारित नहीं किया गया अथवा अग्रसारित किए गए छात्रों की संख्या जिले के औसत से भी कम की जांच शिक्षा विभाग के माध्यम से कराएंगे। जिन संस्थाओं में नवप्रवेशित छात्रों की संख्या नवीनीकरण श्रेणी के छात्रों की संख्या से अधिक है, उनकी जांच होगी।
बैठक में प्रधानाचार्यों व प्राचार्यों को नवीनीकरण श्रेणी के जिन छात्रों का डाटा शिक्षण संस्था के नोडल अधिकारियों द्वारा अग्रसारित नहीं किया गया, आनलाइन स्कालरशिप पोर्टल पर अंकित करना, जिले की किसी भी संस्था द्वारा शत-प्रतिशत छात्रों का डाटा आनलाइन अनुमोदित करने समेत कई मुद्दों पर विचार किया जाना था।
हालांकि, समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र गौतम ने छात्रवृत्ति को लेकर दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्था स्कालरशिप पोर्टल में नवीनीकरण श्रेणी तथा नवप्रवेशित छात्रों की संख्या तथा विवरण का पुन: परीक्षण करेंगे। मास्टर डाटा में उक्त संस्था के स्वीकृत पाठ्यक्रम तथा स्वीकृति सीटों की संख्या से छात्रों की संख्या से मिलान कर विवरण के सही होने पर ही छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति भुगतान की संस्तुति अपने डिजिटल सिग्नेचर से करेंगे।
जिन संस्थाओं से वर्ष 15-16 में अग्रसारित किए गए छात्रों में से एक भी छात्र का आवेदन पत्र नवीनीकरण श्रेणी में अग्रसारित नहीं किया गया अथवा अग्रसारित किए गए छात्रों की संख्या जिले के औसत से भी कम की जांच शिक्षा विभाग के माध्यम से कराएंगे। जिन संस्थाओं में नवप्रवेशित छात्रों की संख्या नवीनीकरण श्रेणी के छात्रों की संख्या से अधिक है, उनकी जांच होगी।