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आरसी का कागज न होने से दस हजार मामले लटके
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कन्नौज। जिले के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में लोगों को आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) नहीं मिल पा रही है। विभाग में प्रिंट करने वाला विशेष कागज दो माह से नहीं है। ऐसे में करीब दस हजार मामले लटक गए हैं। इनके डाटा विभाग के कंप्यूटर में हैं।
जिले में प्रतिमाह करीब तीन हजार नए वाहनों का पंजीकरण होता है। दो माह से विभाग के पास आरसी छपने वाले कागज का अभाव है। इससे वाहन स्वामी को छपी आरसी नहीं मिल पा रही है। वाहन स्वामी विभाग के चक्कर लगाकर लौट जाते हैं। नया वाहन खरीदने वाले भी समस्या को लेकर खासे परेशान हैं। इन्हें वाहन की खरीद के बाद आरसी नहीं मिली है। विभाग के जिम्मेदार वाहन स्वामी को ऑनलाइन कार्यप्रणाली का गुणा भाग समझाकर लौटा देते हैं। इनका कहना होता है कि पुराना जमाना चला गया। अब हर काम ऑनलाइन हो गया है। चालान भी ऑनलाइन काटे जा रहे हैं। जब कोई अधिकारी वाहन का ऑनलाइन चालान काटेगा तो मोबाइल में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही सभी प्रपत्र दिखने लगेंगे। इसके बाद भी अधिकारी चालान काटता है तो प्रति प्रपत्र 100 रुपये का ही जुर्माना लेगा। विभाग के मुताबिक करीब 10 हजार रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट छापने हैं। कागज न होने से छपाई का कार्य लंबित होता जा रहा है।
वहीं एआरटीओ संजय कुमार झा का कहना है कि हजारों की तादाद में आरसी छपनी हैं। दो माह से कागज का अभाव है। शासन से कागज की मांग की गई है। कागज मिलते ही समस्या का हल हो जाएगा।
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जिले में प्रतिमाह करीब तीन हजार नए वाहनों का पंजीकरण होता है। दो माह से विभाग के पास आरसी छपने वाले कागज का अभाव है। इससे वाहन स्वामी को छपी आरसी नहीं मिल पा रही है। वाहन स्वामी विभाग के चक्कर लगाकर लौट जाते हैं। नया वाहन खरीदने वाले भी समस्या को लेकर खासे परेशान हैं। इन्हें वाहन की खरीद के बाद आरसी नहीं मिली है। विभाग के जिम्मेदार वाहन स्वामी को ऑनलाइन कार्यप्रणाली का गुणा भाग समझाकर लौटा देते हैं। इनका कहना होता है कि पुराना जमाना चला गया। अब हर काम ऑनलाइन हो गया है। चालान भी ऑनलाइन काटे जा रहे हैं। जब कोई अधिकारी वाहन का ऑनलाइन चालान काटेगा तो मोबाइल में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही सभी प्रपत्र दिखने लगेंगे। इसके बाद भी अधिकारी चालान काटता है तो प्रति प्रपत्र 100 रुपये का ही जुर्माना लेगा। विभाग के मुताबिक करीब 10 हजार रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट छापने हैं। कागज न होने से छपाई का कार्य लंबित होता जा रहा है।
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वहीं एआरटीओ संजय कुमार झा का कहना है कि हजारों की तादाद में आरसी छपनी हैं। दो माह से कागज का अभाव है। शासन से कागज की मांग की गई है। कागज मिलते ही समस्या का हल हो जाएगा।
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