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Kannauj News: बुखार से तीन साल की बच्ची की मौत, लापरवाही का आरोप
Sat, 07 Sep 2024 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 07 Sep 2024 01:26 AM IST
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कन्नौज। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित तीन साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची कानपुर देहात की रहने वाली है और सदर क्षेत्र में अपने ननिहाल परिजनों के साथ आई थी।
परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। कानपुर देहात के थाना रसूलाबाद के ग्राम औरंगापुर निवासी सुनील की सदर क्षेत्र के मोहल्ला सरायमीरा के ठेकेदार गली में ससुराल है। सुनील अपनी बेटी प्रिया (3) और पत्नी के साथ ससुराल आए थे। प्रिया को तीन दिनों से बुखार आ रहा था।
शुक्रवार सुबह प्रिया की तबीयत बिगड़ने पर नानी शांती और परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची की नानी शांती ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। लोगों ने परिवार को समझाकर शांत कराया।
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सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जब बच्ची को लगाया गया तो उसकी हालत गंभीर थी। इमरजेंसी के डॉक्टर ने इलाज शुरू किया और इसके बाद बाल रोग विशेषज्ञ को बच्ची को दिखाने के लिए कहा।
परिजन बच्ची को लेकर बाल रोग विशेषज्ञ के पास जा रहे थे, उसी दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है।
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परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। कानपुर देहात के थाना रसूलाबाद के ग्राम औरंगापुर निवासी सुनील की सदर क्षेत्र के मोहल्ला सरायमीरा के ठेकेदार गली में ससुराल है। सुनील अपनी बेटी प्रिया (3) और पत्नी के साथ ससुराल आए थे। प्रिया को तीन दिनों से बुखार आ रहा था।
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शुक्रवार सुबह प्रिया की तबीयत बिगड़ने पर नानी शांती और परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची की नानी शांती ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। लोगों ने परिवार को समझाकर शांत कराया।
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सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जब बच्ची को लगाया गया तो उसकी हालत गंभीर थी। इमरजेंसी के डॉक्टर ने इलाज शुरू किया और इसके बाद बाल रोग विशेषज्ञ को बच्ची को दिखाने के लिए कहा।
परिजन बच्ची को लेकर बाल रोग विशेषज्ञ के पास जा रहे थे, उसी दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है।