फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   This time the sowing of potatoes decreased by 20 percent, in the fear of loss due to increasing winter, now we will bet on wheat

इस बार 20 फीसदी कम हुई आलू की बुवाई, सर्दी बढ़ने से नुकसान की आशंका में किया किनारा, अब गेहूं पर लगाएंगे दांव

Wed, 10 Nov 2021 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 10:51 PM IST
विज्ञापन
This time the sowing of potatoes decreased by 20 percent, in the fear of loss due to increasing winter, now we will bet on wheat
ठठिया इलाके में आलू की पंक्ति में चढ़ाई करता किसान। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले में इस बार आलू का रकबा 20 फीसदी घट गया है। सर्दी बढ़ने से फसल में नुकसान होने के डर से किसानों ने आलू की बुवाई बंद कर दी है। अब यह किसान गेहूं पर दांव लगाएंगे।
विज्ञापन

शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य से अधिक बुवाई का रिकार्ड इस बार टूट गया। वर्ष 2016 से जिले में निर्धारित लक्ष्य 42 हजार हेक्टेयर के मुकाबले यहां के किसान 50 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में आलू की फसल करते थे। इस बार बारिश से कच्ची फसल की बुवाई प्रभावित होने के साथ ही अगेती की फसल बर्बाद हो गई। करीब 45 फीसदी फसल का नुकसान हुआ है। इसके बाद से अब तक दोबारा 33 हजार 600 हेक्टेयर में आलू बुवाई पूरी कर ली गई। जिला उद्यान विभाग के अनुसार इस बार 80 फीसदी ही आलू बुवाई हुई है।
विज्ञापन

जिले के 142 कोल्ड स्टोरों में भंडारित 12 लाख 29 हजार 88 मीट्रिक टन आलू में से 81 फीसदी की निकासी हो चुकी है। जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि बारिश के चलते इस बार जिले में आलू का रकबा घट गया है। शासन के निर्देश पर 30 नवंबर तक सभी कोल्ड स्टोरेज बंद कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्दी बढ़ने के साथ गेहूं का बढ़ेगा रकबा
बारिश और खाद की किल्लत के कारण भी आलू बुवाई प्रभावित हुई है। कई किसान धान की कटाई कर आलू की बुवाई करते हैं। इस बार समय से पहले सर्दी होने लगी। इससे किसानाें ने अब इन खेतों में आलू की जगह गेहूं बोने का फैसला लिया है। जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की पैदावार होती है। इस बार रकबा बढ़ेगा।

बुवाई बंद होते ही रोकी गई आलू बीज की खेप
शासन की ओर से जिले के किसानों को आलू बीज आवंटित करने के लिए एक हजार क्विंटल का लक्ष्य रखा गया था। जिला उद्यान विभाग की ओर से दो हजार 80 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 880 क्विंटल ही आवंटन हो सका। जिले में आलू बुवाई बंद हो जाने पर लखनऊ से आने वाली 120 क्विंटल आलू बीज की खेप को रोक दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed