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Kannauj News: इंजीनियरिंग में नहीं खोट, जोश में होश खोने से हो रहे हादसे
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कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्स प्रेसवे की इंजीनियरिंग में कोई फाल्ट नहीं है। 100 किमी प्रति घंटा से ऊपर की रफ्तार ही हादसों का कारण बन रही है।
एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों के बाद यूपीडा की इंजीनियरिंग टीम ने टेक्निकल ऑडिट करने के बाद यह दावा किया है। हादसे की एक वजह एक्सप्रेसवे की साइड लेन पर पीली पट्टी के पास खड़े वाहन भी हैं ।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जनपद कन्नौज में 65 किलोमीटर भाग में एक साल में 22 बड़े हादसे हुए हैं। इनमें अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 132 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हादसों में करीब 26 लोगों के अंग-भंग हो गए और वह अपाहिज की जिंदगी जी रहे हैं। हादसों को देखते हुए यूपीडा ने एक्सप्रेसवे का टेक्निकल ऑडिट किया तो इसकी इंजीनियरिंग में त्रुटि नहीं निकली। इंजीनियरों की मानें तो एक्सप्रेस को विदेशों में बनी सड़कों की तर्ज पर विकसित किया गया था। इसके लिए नया रूट प्लान किया गया था, जिसमें सभी मानकों को पूरा किया गया था। मोड़ आदि को भी सुपर इलीगेशन तकनीक से बनाया गया, ताकि हादसे की आशंका कम रहे। अब तक हुए हादसों में मुख्य कारण निकल कर सामने आया है कि एक्सप्रेसवे पर वाहनाें की अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा है, जबकि लोग इस पर 150 किमी से अधिक रफ्तार से निकल रहे हैं। ऐसे में जरा सी झपकी काल बन जाती है।
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एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों के बाद यूपीडा की इंजीनियरिंग टीम ने टेक्निकल ऑडिट करने के बाद यह दावा किया है। हादसे की एक वजह एक्सप्रेसवे की साइड लेन पर पीली पट्टी के पास खड़े वाहन भी हैं ।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जनपद कन्नौज में 65 किलोमीटर भाग में एक साल में 22 बड़े हादसे हुए हैं। इनमें अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 132 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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हादसों में करीब 26 लोगों के अंग-भंग हो गए और वह अपाहिज की जिंदगी जी रहे हैं। हादसों को देखते हुए यूपीडा ने एक्सप्रेसवे का टेक्निकल ऑडिट किया तो इसकी इंजीनियरिंग में त्रुटि नहीं निकली। इंजीनियरों की मानें तो एक्सप्रेस को विदेशों में बनी सड़कों की तर्ज पर विकसित किया गया था। इसके लिए नया रूट प्लान किया गया था, जिसमें सभी मानकों को पूरा किया गया था। मोड़ आदि को भी सुपर इलीगेशन तकनीक से बनाया गया, ताकि हादसे की आशंका कम रहे। अब तक हुए हादसों में मुख्य कारण निकल कर सामने आया है कि एक्सप्रेसवे पर वाहनाें की अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा है, जबकि लोग इस पर 150 किमी से अधिक रफ्तार से निकल रहे हैं। ऐसे में जरा सी झपकी काल बन जाती है।
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