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Kannauj News: घटिया सामग्री से ढही थी सहकारी समिति की छत
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छिबरामऊ। किसान सेवा सहकारी समिति (पश्चिमी) में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते गोदाम और कार्यालय की छत गिरने की बात सामने आई है। 36 लाख से निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
संवाद न्यूज एजेंसी ने 18 अक्तूबर को समाचार का प्रकाशन किया था। खबर संज्ञान में आने पर अफसरों की नींद खुली और उन्होंने मौके का निरीक्षण किया। रविवार को सहायक आयुक्त उदयशंकर और अपर जिला सहकारी अधिकारी मुनीश गौड़ जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने धराशायी हुए लिंटर में प्रयुक्त मानकों की जांच-पड़ताल की।
निरीक्षण में आधुनिक निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी सामने आई। छत की शटरिंग में लोहे के पाइपों के बजाय कमजोर लकड़ी की बल्लियां इस्तेमाल की गई थीं। सरियों के जाल में भी गंभीर अनियमितताएं और संकरापन पाया गया। यूपी आरएनएसएस के जेई वीरेंद्र सिंह पर निर्माण स्थल से अनुपस्थित रहने और नियमित निगरानी न करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
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अधिकारियों ने मौके पर कमियां स्वीकार कीं और जेई को फटकार भी लगाई। समिति की अध्यक्ष स्नेहलता त्रिपाठी के प्रतिनिधि रामेंद्र त्रिपाठी ने पहले ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने प्रयुक्त ईंटों, मसाले की मात्रा और छत की मोटाई पर आपत्ति जताई थी।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एसडीएम ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी को भेजी गई इस रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी ने 18 अक्तूबर को समाचार का प्रकाशन किया था। खबर संज्ञान में आने पर अफसरों की नींद खुली और उन्होंने मौके का निरीक्षण किया। रविवार को सहायक आयुक्त उदयशंकर और अपर जिला सहकारी अधिकारी मुनीश गौड़ जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने धराशायी हुए लिंटर में प्रयुक्त मानकों की जांच-पड़ताल की।
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निरीक्षण में आधुनिक निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी सामने आई। छत की शटरिंग में लोहे के पाइपों के बजाय कमजोर लकड़ी की बल्लियां इस्तेमाल की गई थीं। सरियों के जाल में भी गंभीर अनियमितताएं और संकरापन पाया गया। यूपी आरएनएसएस के जेई वीरेंद्र सिंह पर निर्माण स्थल से अनुपस्थित रहने और नियमित निगरानी न करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
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अधिकारियों ने मौके पर कमियां स्वीकार कीं और जेई को फटकार भी लगाई। समिति की अध्यक्ष स्नेहलता त्रिपाठी के प्रतिनिधि रामेंद्र त्रिपाठी ने पहले ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने प्रयुक्त ईंटों, मसाले की मात्रा और छत की मोटाई पर आपत्ति जताई थी।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एसडीएम ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी को भेजी गई इस रिपोर्ट पर टिकी हैं।