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Kannauj News: गर्भवती की अटकने लगीं सांसें, नॉर्मल डिलीवरी से मृत बच्चे को दिया जन्म
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तिर्वा। सीएचसी के मेटरनिटी विंग में शुक्रवार रात गर्भवती की हालत अचानक बिगड़ गई। गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी थी और प्रसूता की सांसें भी अटकने लगी थीं। डॉक्टर उसे रेफर करने की तैयारी कर रहे थे, तभी जनरल वार्ड में ही प्रसव शुरू हो गया। ऐसे में स्टाफ नर्सों ने तत्काल प्रसूता को लेबर रूम में पहुंचाया और 15 मिनट की मशक्कत के बाद सामान्य प्रसव कराया। प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
क्षेत्र के सुजानसराय गांव निवासी नाजिश (30) पत्नी रफीक को प्रसव पीड़ा हुई। शुक्रवार रात परिजनों ने कस्बे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेटरनिटी विंग में भर्ती कराया। स्टाफ नर्स स्नेहलता और गंगा देवी ने जांच की तो बच्चे की धड़कन कम मिली। गर्भ में बच्चे की हलचल न होने पर आवश्यक जांचें कराई गईं। जांच में गर्भस्थ बच्चे की मौत होने की पुष्टि हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टाफ नर्सों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इस बीच नाजिश की हालत लगातार बिगड़ने लगी और उसकी सांसें अटकने लगीं। इसी दौरान जनरल वार्ड में बेड पर ही प्रसव शुरू हो गया। स्टाफ नर्सों ने तत्काल डॉक्टर को सूचना दी और नाजिश को लेबर रूम में ले जाकर प्रसव कराया। मृत बच्चा पैदा होने से परिजनों में मायूसी छा गई, लेकिन प्रसव के बाद प्रसूता की जान बच गई।
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सूझबूझ आई काम
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्टाफ नर्सों को हाई रिस्क प्रेगनेंसी से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इस मामले में स्टाफ नर्सों की सूझबूझ और तत्काल की गई कार्रवाई से प्रसूता की जान बचाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि ऐसे सराहनीय कार्य के लिए विशेष दिवस पर स्टाफ नर्सों को सम्मानित भी किया जाएगा।
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क्षेत्र के सुजानसराय गांव निवासी नाजिश (30) पत्नी रफीक को प्रसव पीड़ा हुई। शुक्रवार रात परिजनों ने कस्बे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेटरनिटी विंग में भर्ती कराया। स्टाफ नर्स स्नेहलता और गंगा देवी ने जांच की तो बच्चे की धड़कन कम मिली। गर्भ में बच्चे की हलचल न होने पर आवश्यक जांचें कराई गईं। जांच में गर्भस्थ बच्चे की मौत होने की पुष्टि हुई।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टाफ नर्सों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इस बीच नाजिश की हालत लगातार बिगड़ने लगी और उसकी सांसें अटकने लगीं। इसी दौरान जनरल वार्ड में बेड पर ही प्रसव शुरू हो गया। स्टाफ नर्सों ने तत्काल डॉक्टर को सूचना दी और नाजिश को लेबर रूम में ले जाकर प्रसव कराया। मृत बच्चा पैदा होने से परिजनों में मायूसी छा गई, लेकिन प्रसव के बाद प्रसूता की जान बच गई।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्टाफ नर्सों को हाई रिस्क प्रेगनेंसी से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इस मामले में स्टाफ नर्सों की सूझबूझ और तत्काल की गई कार्रवाई से प्रसूता की जान बचाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि ऐसे सराहनीय कार्य के लिए विशेष दिवस पर स्टाफ नर्सों को सम्मानित भी किया जाएगा।