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Kannauj News: मायानगरी से देश की राजधानी तक फैली इत्रनगरी के फूलों की खुशबू

Wed, 21 Feb 2024 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Wed, 21 Feb 2024 12:36 AM IST
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The fragrance of the flowers of Itranagari spread from Mayanagari to the country's capital.
कन्नौज। खेती में परंपरा टूटी तो किसानों की किस्मत ही बदल गई। यह फूल की खेती का ही नतीजा है कि खेतों की पगडंडियों पर एड़ियां घिसने वाले किसान आज समृद्धि के राही बने हैं। फूलों की खेती ने उनके जीवन में बदलाव के रंग भरे हैं और आज उनकी तकदीर बदल गई है। इत्रनगरी के किसान ने एक बीघा खेत से फूलों की खेती की शुरुआत की और आज करीब 60 बीघा में ग्लेडियोलस, गुलदाउदी और गेंदा की खेती कर रहे हैं। यहां से फूल मायानगरी (मुंबई) से लेकर देश की राजधानी दिल्ली, लखनऊ, आगरा, जयपुर और कानपुर तक जा रहे हैं।
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छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम मनिकापुर निवासी ब्रजेंद्र सिंह तोमर उर्फ बड़े भैया ने परंपरागत खेती को छोड़कर फूलाें की खेती शुरू की। ब्रजेंद्र ने बताया कि वर्ष 2001 में एक बीघा ग्लेडियोलस की खेती शुरू की थी, जिसमें सात हजार रुपये की लागत आई थी और 30 हजार रुपये की बचत हुई थी। अच्छी आमदनी होने पर धीर-धीरे रकवा बढ़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद वर्ष 2012 में गुलदाउदी और गेंदा की फसल करना शुरू किया।
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दो बीघा गुलदाउदी में करीब 15 हजार का खर्च आया और एक बीघा गेंदा में 10 हजार का खर्च आया था, जिसमें करीब 75 हजार रुपये की बचत हुई थी। आज करीब 60 बीघा खेत में फूलों की खेती कर रहे हैं, जिसमें 30 बीघा ग्लेडियोलस, 20 बीघा गुलदाउदी और 10 बीघा में गेंदा की फसल कर रहे हैं। इनमें करीब 6.50 लाख रुपये खर्च रुपये की लागत आई थी और प्रति बीघा में 1.15 लाख रुपये की लागत निकालकर बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि वह फूलों को मुंबई, दिल्ली, जयपुर, आगरा, लखनऊ और कानपुर तक जाता है।
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इनसेट

फाेटो:02 : किसान ब्रजेंद्र सिंह को सम्मानित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन। स्त्रोत : स्वयं
17 फरवरी को राजभवन में किया गया सम्मानित

राजधानी लखनऊ में 17 फरवरी को तीन दिवसीय प्रादेशिक फल शाक भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी 2024 की शुरुआत हुई थी, जिसमें प्रदेश के विकासशील किसानों को सम्मानित करने के लिए के राजभवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। प्रदेश के 11 किसानों में ब्रजेंद्र सिंह भी शामिल थे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशस्ति पत्र देकर और शाल ओढ़ाकर ब्रजेंद्र सिंह को सम्मानित किया।



इनसेट-कोट:
प्रगतिशील किसान ब्रजेंद्र सिंह वैज्ञानिक विधि से फूलों की खेती कर रहे हैं। जिससे सामान्य से कई गुना आमदनी हो रही है। वह अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।
सीपी अवस्थी, जिला उद्यान अधिकारी
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