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अंग्रेजी हुकूमत में बना लोहा पुल जर्जर, 1851 में बनाया गया था
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जर्जर हालत में लोहा पुल।
- फोटो : KANNAUJ
ठठिया(कन्नौज)। निचली गंग नहर पर दो जिलों की सीमा को जोड़ने के लिए अंग्रेजी हुकूमत में लोहे के चादर से बना पुल डेढ़ शताब्दी बीतने के बाद जर्जर हो गया है। इस पर लोगों का आवागमन अभी भी बना हुआ है। प्रशासन के ध्यान न देने से कभी भी हादसा हो सकता है।
थाना क्षेत्र के ऐमा गांव के पास से कानपुर जनपद की सीमा लग जाती है। गांव के पास से निचली गंग नहर निकली है। आवागमन के दौरान पानी में घुसकर न जाना पड़े, इसके लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1851 में लोहे की चादर से पुल का निर्माण कराया गया था। प्रशासन की अनदेखी के चलते पुल जर्जर हो गया है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी पुल का जीर्णोद्धार नहीं हो सका। लोहे का यह जर्जर पुल हादसों को दावत दे रहा है। इस पुल से अभी भी आवागमन जारी है। इससे किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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थाना क्षेत्र के ऐमा गांव के पास से कानपुर जनपद की सीमा लग जाती है। गांव के पास से निचली गंग नहर निकली है। आवागमन के दौरान पानी में घुसकर न जाना पड़े, इसके लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1851 में लोहे की चादर से पुल का निर्माण कराया गया था। प्रशासन की अनदेखी के चलते पुल जर्जर हो गया है।
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ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी पुल का जीर्णोद्धार नहीं हो सका। लोहे का यह जर्जर पुल हादसों को दावत दे रहा है। इस पुल से अभी भी आवागमन जारी है। इससे किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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