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Kannauj News: खेत में उतरा हाईटेंशन लाइन का करंट, किसानों में खलबली
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हसेरन। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन किसानों के लिए काल बन गई है। बिजली की बड़ी लाइन से खेतों में करंट उतरने के कारण किसानों में दहशत है। मक्के की फसल बचाने की कोशिश में एक युवक करंट की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। सूचना के बावजूद विभाग के जिम्मेदारों ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।
क्षेत्र के ग्राम गुलहरिया निवासी किसान निर्मल दुबे ने अपनी मक्के की फसल को निराश्रित गोवंश से बचाने के लिए खेत के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया था। इसके लिए उन्होंने प्लास्टिक की डोरी का उपयोग किया था। अचानक हाईटेंशन लाइन के कारण प्लास्टिक की डोरी में भी करंट उतर आया। खेत पर मौजूद निर्मल दुबे के साले प्रदीप जैसे ही डोरी के संपर्क में आए, उन्हें तेज झटका लगा। गनीमत रही कि समय रहते वह दूर हट गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। किसान ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। इसके साथ ही विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता छिबरामऊ को भी मामले से अवगत करा दिया। आरोप है कि घंटों बीत जाने के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। अधिशासी अभियंता राजीव भारती का कहना है कि यह लाइन उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आती है। यह बड़ी हाईटेंशन लाइन है, जिसके अधिकारी अलग हैं।
खेत में जाने से कतरा रहे किसान
खेतों में करंट उतरने की खबर से आसपास के काश्तकारों में भी भय व्याप्त हो गया है। किसानों का कहना है कि इन दिनों मक्के की फसल की देखरेख और सिंचाई का समय है, लेकिन करंट के डर से कोई भी खेत के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। तकनीकी खामी दूर न होने से जानमाल के नुकसान की आशंका बनी हुई है।
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क्षेत्र के ग्राम गुलहरिया निवासी किसान निर्मल दुबे ने अपनी मक्के की फसल को निराश्रित गोवंश से बचाने के लिए खेत के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया था। इसके लिए उन्होंने प्लास्टिक की डोरी का उपयोग किया था। अचानक हाईटेंशन लाइन के कारण प्लास्टिक की डोरी में भी करंट उतर आया। खेत पर मौजूद निर्मल दुबे के साले प्रदीप जैसे ही डोरी के संपर्क में आए, उन्हें तेज झटका लगा। गनीमत रही कि समय रहते वह दूर हट गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। किसान ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। इसके साथ ही विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता छिबरामऊ को भी मामले से अवगत करा दिया। आरोप है कि घंटों बीत जाने के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। अधिशासी अभियंता राजीव भारती का कहना है कि यह लाइन उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आती है। यह बड़ी हाईटेंशन लाइन है, जिसके अधिकारी अलग हैं।
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खेत में जाने से कतरा रहे किसान
खेतों में करंट उतरने की खबर से आसपास के काश्तकारों में भी भय व्याप्त हो गया है। किसानों का कहना है कि इन दिनों मक्के की फसल की देखरेख और सिंचाई का समय है, लेकिन करंट के डर से कोई भी खेत के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। तकनीकी खामी दूर न होने से जानमाल के नुकसान की आशंका बनी हुई है।
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