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Kannauj News: पेशकार के कुर्सी छोड़ते ही गिरा उपभोक्ता अदालत का लिंटर
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फोटो:27: सोमवार को पेशकार की कुर्सी के करीब पड़ा गिरे लिंटर का हिस्सा। संवाद
कन्नौज। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के जर्जर भवन में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सोमवार को झमाझम बारिश के बीच अचानक पेशकार की कुर्सी के ठीक ऊपर से छत का भारी-भरकम लिंटर भरभराकर नीचे आ गिरा, पेशकार पंकज अपनी कुर्सी से महज कुछ ही सेकेंड पहले उठे थे। इससे कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
कहते हैं जाको राखे साइयां मार सके न कोय... यह कहावत सोमवार को उपभोक्ता अदालत के पेशकार पंकज सक्सेना पर बिल्कुल सटीक बैठी। पंकज अपनी कुर्सी से महज कुछ ही सेकंड पहले उठे थे। अगर वो अपनी सीट पर होते, तो आज एक बड़ा और बेहद गंभीर हादसा तय था। मलबे के गिरते ही पूरे दफ्तर में चीख-पुकार मच गई और खलबली का माहौल बन गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद कर्मचारियों में इस कदर खौफ फैल गया है कि कई कर्मियों ने भवन के अंदर बैठकर काम करने से साफ इन्कार कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि वह लंबे समय से इस मौत की बिल्डिंग में काम कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
इनसेट--
टपकती छत और दीवारों में दरारें
सदर तहसील परिसर में बना यह भवन साल 1984 का है, जहां कभी सीओ सदर का कार्यालय हुआ करता था। पिछले एक दशक से यहां उपभोक्ता फोरम चल रहा है, लेकिन अब यह इमारत पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुकी है। हालात ये हैं कि छत से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। दीवारों में चौड़ी दरारें आ चुकी हैं। बारिश के दिनों में दफ्तर के अंदर बैठना तो दूर, खड़े होने तक की सुरक्षित जगह नहीं बचती।
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इनसेट--
फाइलें बचाएं या जान...बेबस कर्मचारी
बारिश शुरू होते ही इस न्यायालय में अग्निपरीक्षा शुरू हो जाती है। कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट यह होता है कि वह अपनी जान बचाकर बाहर भागें या सरकारी और महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों को भीगने से बचाएं। बारिश के दौरान जरूरी फाइलों को पन्नी से ढककर इधर-उधर छुपाना पड़ता है।
इनसेट-- -
अमर उजाला ने पहले ही चेताया था
11 जुलाई को अमर उजाला ने जर्जर भवनों की पड़ताल की थी। इसमें जिला उपभोक्ता अदालत के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी। भवन के जर्जर होने के बारे में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को भी जानकारी दी थी,, जिस पर डीएम ने जल्द उपभोक्ता अदालत के भवन को शिफ्ट करने की बात कही थी। अभी भवन की तलाश चल रही थी, कि सोमवार को बारिश के दौरान लिंटर गिरने से एक बड़ा हादसा टल गया।
वर्जन
भवन की स्थिति बेहद जर्जर और खतरनाक हो चुकी है। हर पल किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। नए भवन में शिफ्टिंग के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलती है, फोरम को तुरंत नए सुरक्षित भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। -वंदना मिश्रा, न्यायाधीश एवं वरिष्ठ सदस्य
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कहते हैं जाको राखे साइयां मार सके न कोय... यह कहावत सोमवार को उपभोक्ता अदालत के पेशकार पंकज सक्सेना पर बिल्कुल सटीक बैठी। पंकज अपनी कुर्सी से महज कुछ ही सेकंड पहले उठे थे। अगर वो अपनी सीट पर होते, तो आज एक बड़ा और बेहद गंभीर हादसा तय था। मलबे के गिरते ही पूरे दफ्तर में चीख-पुकार मच गई और खलबली का माहौल बन गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद कर्मचारियों में इस कदर खौफ फैल गया है कि कई कर्मियों ने भवन के अंदर बैठकर काम करने से साफ इन्कार कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि वह लंबे समय से इस मौत की बिल्डिंग में काम कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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टपकती छत और दीवारों में दरारें
सदर तहसील परिसर में बना यह भवन साल 1984 का है, जहां कभी सीओ सदर का कार्यालय हुआ करता था। पिछले एक दशक से यहां उपभोक्ता फोरम चल रहा है, लेकिन अब यह इमारत पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुकी है। हालात ये हैं कि छत से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। दीवारों में चौड़ी दरारें आ चुकी हैं। बारिश के दिनों में दफ्तर के अंदर बैठना तो दूर, खड़े होने तक की सुरक्षित जगह नहीं बचती।
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फाइलें बचाएं या जान...बेबस कर्मचारी
बारिश शुरू होते ही इस न्यायालय में अग्निपरीक्षा शुरू हो जाती है। कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट यह होता है कि वह अपनी जान बचाकर बाहर भागें या सरकारी और महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों को भीगने से बचाएं। बारिश के दौरान जरूरी फाइलों को पन्नी से ढककर इधर-उधर छुपाना पड़ता है।
इनसेट
अमर उजाला ने पहले ही चेताया था
11 जुलाई को अमर उजाला ने जर्जर भवनों की पड़ताल की थी। इसमें जिला उपभोक्ता अदालत के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी। भवन के जर्जर होने के बारे में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को भी जानकारी दी थी,, जिस पर डीएम ने जल्द उपभोक्ता अदालत के भवन को शिफ्ट करने की बात कही थी। अभी भवन की तलाश चल रही थी, कि सोमवार को बारिश के दौरान लिंटर गिरने से एक बड़ा हादसा टल गया।
वर्जन
भवन की स्थिति बेहद जर्जर और खतरनाक हो चुकी है। हर पल किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। नए भवन में शिफ्टिंग के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलती है, फोरम को तुरंत नए सुरक्षित भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। -वंदना मिश्रा, न्यायाधीश एवं वरिष्ठ सदस्य

फोटो:27: सोमवार को पेशकार की कुर्सी के करीब पड़ा गिरे लिंटर का हिस्सा। संवाद

फोटो:27: सोमवार को पेशकार की कुर्सी के करीब पड़ा गिरे लिंटर का हिस्सा। संवाद

फोटो:27: सोमवार को पेशकार की कुर्सी के करीब पड़ा गिरे लिंटर का हिस्सा। संवाद