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ग्रामीण को मौत के घाट उतारने वाला बंदी
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:23 AM IST
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सौरिख थाना क्षेत्र के रौसेन गांव में 11 फरवरी को
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हुई एक ग्रामीण की हत्या के मामले का अपर पुलिस अधीक्षक ने रविवार को
खुलासा कर दिया है। हत्या की मुख्य वजह मकान के निकट पड़ी आबादी की भूमि
निकली। इस मामले में चार अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
ज्ञात हो कि रौसेन गांव निवासी गोविंद सिंह पुत्र ज्ञान सिंह की 11 फरवरी को गांव में सुबह छह बजे के करीब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि गोविंद का पुत्र सोनू गोली लगने से घायल हो गया था। घटना में गोविंद के दूसरे पुत्र सुनील सिंह ने श्याम सिंह पुत्र सिद्धार्थ सिंह उर्फ सरदार सिंह, अभयराज सिंह उर्फ दीपू पुत्र सरदार सिंह के अलावा सन्नू सिंह, लल्ला सिंह समेत एक अन्य के खिलाफ सौरिख थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सौरिख थानाध्यक्ष रजनेश कुमार चौहान को तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि सबसे पहले श्याम सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि गोविंद सिंह उनके मकान के निकट पड़ी आबादी की जमीन में घर का कचड़ा डालकर कब्जा कर रहा था। मना किया तो कई बार पहले भी इसी भूमि को लेकर कहासुनी हुई थी। कुछ दिनों तक संबंध सुधारने के बाद उसने गोविंद से ही 315 बोर का तमंचा खरीदा। बाद में उसे गोली मार दी। बचाव में आए उसके पुत्र को भी गोली लगी। आरोपी का कहना है कि यदि वह गोविंद को न मारता तो गोविंद उसकी हत्या कर देता।
ज्ञात हो कि रौसेन गांव निवासी गोविंद सिंह पुत्र ज्ञान सिंह की 11 फरवरी को गांव में सुबह छह बजे के करीब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि गोविंद का पुत्र सोनू गोली लगने से घायल हो गया था। घटना में गोविंद के दूसरे पुत्र सुनील सिंह ने श्याम सिंह पुत्र सिद्धार्थ सिंह उर्फ सरदार सिंह, अभयराज सिंह उर्फ दीपू पुत्र सरदार सिंह के अलावा सन्नू सिंह, लल्ला सिंह समेत एक अन्य के खिलाफ सौरिख थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सौरिख थानाध्यक्ष रजनेश कुमार चौहान को तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि सबसे पहले श्याम सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि गोविंद सिंह उनके मकान के निकट पड़ी आबादी की जमीन में घर का कचड़ा डालकर कब्जा कर रहा था। मना किया तो कई बार पहले भी इसी भूमि को लेकर कहासुनी हुई थी। कुछ दिनों तक संबंध सुधारने के बाद उसने गोविंद से ही 315 बोर का तमंचा खरीदा। बाद में उसे गोली मार दी। बचाव में आए उसके पुत्र को भी गोली लगी। आरोपी का कहना है कि यदि वह गोविंद को न मारता तो गोविंद उसकी हत्या कर देता।