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Kannauj News: छह साल चला मुकादमा, कोर्ट उठने तक सजा
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कन्नौज। कोरोना काल में लॉकडाउन का उल्लंघन कर जुआ खेलने के मामले में बुधवार को कोर्ट ने छह साल बाद एक दोषी को सजा सुनाई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक, पन्ना लाल, जो तिर्वा के मोहल्ला लोहिया नगर का निवासी है, पर छह साल तक मुकदमा चला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह की अदालत ने पन्ना लाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को कोर्ट उठने तक कारावास और 100 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की रकम भरने और सजा की अवधि पूरी होने के बाद दोषी को रिहा कर दिया गया।
इस मुकदमे की सुनवाई में छह साल का लंबा समय लग गया। इस दौरान दोषी पन्ना लाल को बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े। कोरोना काल के दौरान तिर्वा से कन्नौज आने-जाने का किराया काफी बढ़ गया था। यदि उस समय का किराया 15 रुपये प्रति ऑटो माना जाए, तो प्रत्येक तारीख पर आने-जाने में 30 रुपये खर्च होते थे। छह सालों में कोर्ट में 72 बार आने-जाने का अनुमान लगाया जाए, तो दोषी का केवल किराए में ही लगभग 2160 रुपये खर्च हो गया होगा। इसके अतिरिक्त, उसे वकील की फीस का भी भुगतान करना पड़ा, जो जुर्माने की 100 रुपये की राशि से कहीं अधिक था। इस मामले ने यह भी दर्शाया कि कैसे कानूनी प्रक्रिया में लगने वाला समय और खर्च अभियुक्त पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
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इस मुकदमे की सुनवाई में छह साल का लंबा समय लग गया। इस दौरान दोषी पन्ना लाल को बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े। कोरोना काल के दौरान तिर्वा से कन्नौज आने-जाने का किराया काफी बढ़ गया था। यदि उस समय का किराया 15 रुपये प्रति ऑटो माना जाए, तो प्रत्येक तारीख पर आने-जाने में 30 रुपये खर्च होते थे। छह सालों में कोर्ट में 72 बार आने-जाने का अनुमान लगाया जाए, तो दोषी का केवल किराए में ही लगभग 2160 रुपये खर्च हो गया होगा। इसके अतिरिक्त, उसे वकील की फीस का भी भुगतान करना पड़ा, जो जुर्माने की 100 रुपये की राशि से कहीं अधिक था। इस मामले ने यह भी दर्शाया कि कैसे कानूनी प्रक्रिया में लगने वाला समय और खर्च अभियुक्त पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
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