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Kannauj News: गाड़ी खड़ी की बन गया मयखाना, बेकाबू दाैड़ रहे वाहन
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कन्नौज। पुलिस व यूपीडा की छह गाड़ियां दिन-रात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की पेट्रालिंग करती है। इसके बावजूद लोग एक्सप्रेसवे पर स्पीड से फर्राटा भरने के साथ ही सड़क किनारे खड़े होकर शराब व बीयर के पीते हैं। सड़क किनारे शराब व बीयर की खाली बोतल व कैन इसकी गवाही दे रहीं हैं। यही नहीं, बरगावां गांव के सामने बिहार के नंबर की एक कार पर सवार दो युवक बीयर पीते भी नजर आए।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कन्नाैज जनपद की 65 किलोमीटर की सीमा है। यूपी 112 की चार गाड़ियां दिन-रात मुस्तैद रहती है। इसमें एक गाड़ी तिर्वा से ठठिया, दूसरी ठठिया से तालग्राम, तीसरी तालग्राम से सौरिख, चौथी सौरिख से औरैया जनपद की सीमा तक रहती है। यूपीडा की दो गाड़ियां मय स्टॉफ के दिन-रात में पेट्राेलिंग करती है। एक्सप्रेसवे पर तेज स्पीड में वाहन के चालान के लिए कैमरे भी लगे है। इसके बाद भी लोग कैमरे की नजर से बचने के बाद वाहनों की स्पीड अधिक कर देते हैं। पेट्राेलिंग करने वाली पुलिस उन पर लगाम नहीं लगा पा रही है। वाहन चलाने वाले लोग एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े होकर शराब व बीयर के पैग धड़ल्ले से पीते है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए स्पीड व शराब पीने से लोगों को रोकने व कार्रवाई करने की आवश्यकता है। यूपीडा के नोडल अधिकारी राजेश पांडेय का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर नियमित रूप से पेट्रोलिंग कर ओवरस्पीड वाहनों का चालान करने के निर्देश मुख्य सुरक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार चालकाें को नहीं स्पीड सेंसर का भय
एक्सप्रेसवे पर तालग्राम कट के आगे मुसाफिरपुर गांव केे सामने स्पीड सेंसर लगाए गए हैं। कार चालकों को इसका भय नहीं है और 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से भी निकल रहे थे। आधा घंटा में 132 कारें गुजरीं, जिनमें 85 गाड़ियों की स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा से अधिक रही। कई कार चालक सेंसर को देख गति कम कर लेते हैं, लेकिन क्रास करते ही गति को बढ़ा देते हैं। यही क्रम रोजाना चलता है।
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विसंगतियां
-एक्सप्रेसवे पर पर प्रतिदिन लोग शराब व बीयर पीकर चल रहे हैं।
-लोग मनमानी जगह पर वाहन रोक कर खड़े हो जाते हैं।
-जगह-जगह सुरक्षा जाली व फेंसिंग काट के अवैध रास्ते बना लिए।
-अक्सर आवारा पशु व कुत्ते एक्सप्रेस-वे पर विचरण करते नजर आते हैं।
-स्पीड को नियंत्रित करने के लिए कोई प्राविधान नहीं किया गया है।
-यूपीडा व पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां गश्त के नाम पर खानापूर्ति करतीं हैं।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कन्नाैज जनपद की 65 किलोमीटर की सीमा है। यूपी 112 की चार गाड़ियां दिन-रात मुस्तैद रहती है। इसमें एक गाड़ी तिर्वा से ठठिया, दूसरी ठठिया से तालग्राम, तीसरी तालग्राम से सौरिख, चौथी सौरिख से औरैया जनपद की सीमा तक रहती है। यूपीडा की दो गाड़ियां मय स्टॉफ के दिन-रात में पेट्राेलिंग करती है। एक्सप्रेसवे पर तेज स्पीड में वाहन के चालान के लिए कैमरे भी लगे है। इसके बाद भी लोग कैमरे की नजर से बचने के बाद वाहनों की स्पीड अधिक कर देते हैं। पेट्राेलिंग करने वाली पुलिस उन पर लगाम नहीं लगा पा रही है। वाहन चलाने वाले लोग एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े होकर शराब व बीयर के पैग धड़ल्ले से पीते है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए स्पीड व शराब पीने से लोगों को रोकने व कार्रवाई करने की आवश्यकता है। यूपीडा के नोडल अधिकारी राजेश पांडेय का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर नियमित रूप से पेट्रोलिंग कर ओवरस्पीड वाहनों का चालान करने के निर्देश मुख्य सुरक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कार चालकाें को नहीं स्पीड सेंसर का भय
एक्सप्रेसवे पर तालग्राम कट के आगे मुसाफिरपुर गांव केे सामने स्पीड सेंसर लगाए गए हैं। कार चालकों को इसका भय नहीं है और 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से भी निकल रहे थे। आधा घंटा में 132 कारें गुजरीं, जिनमें 85 गाड़ियों की स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा से अधिक रही। कई कार चालक सेंसर को देख गति कम कर लेते हैं, लेकिन क्रास करते ही गति को बढ़ा देते हैं। यही क्रम रोजाना चलता है।
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विसंगतियां
-एक्सप्रेसवे पर पर प्रतिदिन लोग शराब व बीयर पीकर चल रहे हैं।
-लोग मनमानी जगह पर वाहन रोक कर खड़े हो जाते हैं।
-जगह-जगह सुरक्षा जाली व फेंसिंग काट के अवैध रास्ते बना लिए।
-अक्सर आवारा पशु व कुत्ते एक्सप्रेस-वे पर विचरण करते नजर आते हैं।
-स्पीड को नियंत्रित करने के लिए कोई प्राविधान नहीं किया गया है।
-यूपीडा व पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां गश्त के नाम पर खानापूर्ति करतीं हैं।