{"_id":"6999e8eacfef654432c9ba728f829e46","slug":"talents-help-honor-by-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिभाओं का ‘हेल्प’ ने किया सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिभाओं का ‘हेल्प’ ने किया सम्मान
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की स्मृति
विज्ञापन
में चैरिटेबल हेल्प फाउंडेशन की ओर से प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में पढ़ने वाले ही नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में अच्छा काम करने
वालों को भी सम्मानित किया गया।
शनिवार को जीटी रोड स्थित एक होटल में हुए इस सातवें प्रतिभा सम्मान समारोह में सावित्री को पहला सम्मान मिला। रीता सिंह ने उनको सम्मानित करते हुए कहा कि बेटा-बेटी में अंतर नहीं करना चाहिए। बेटी की उपेक्षा व बेटे की अपेक्षा लोग अधिक करते हैं।
पीसीएस बनने वाली प्रतिभा गौतम को जब सम्मानित करने को मंच पर बुलाया गया तो उन्होंने इसके असली हकदार अपने माता-पिता को बताया और उन्हें बुलाने का आग्रह कर उनको सम्मानित किया गया। मानस तिवारी-संजना तिवारी को कत्थक नृत्य के लिए सम्मान मिला। डिवाइस लगे हेलमेट बनाने वाले जीतू शुक्ल को भी सम्मानित किया गया।
16 वर्ष की नेत्रदान शिविर लगाने वाली प्रकृति चंद्रा को भी सम्मानित किया गया। नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि दैवी आपदा व आतंकी हमलों से जितने लोगों की जान जाती हैं, उससे अधिक भ्रूण हत्या कर दी जाती हैं। कहा कि यह सब बेटा-बेटी में फर्क की वजह से होता है। इस खाई को पाटा जाना चाहिए। कहा कि बीमारियां शारीरिक ही नहीं मानसिक भी होती हैं।
पूर्णिमा दीक्षित और नाहिद को वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने सम्मानित करते हुए कहा कि अगर कोई त्याग करता है तो उसे सम्मानित किया जाता है। बिना समाज के लिए कुछ किए बगैर सम्मान पाने की लोग अपेक्षा क्यों करते हैं। कहा कि जो साहित्यकार व रचनाधर्मी लोग हैं, वह दोनों तरह के अतिवाद से परे रहें।
इस मौके पर डीएम अनुज झा, एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ल, पूर्व चेयरमैन मुन्ना भइया, कवि रमेश चंद्र तिवारी विराम, केके मेहरोत्रा, उमाकांत मिश्र, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव मौजूद थे। कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत मिश्र उर्फ बच्चा ने आभार जताया।
शनिवार को जीटी रोड स्थित एक होटल में हुए इस सातवें प्रतिभा सम्मान समारोह में सावित्री को पहला सम्मान मिला। रीता सिंह ने उनको सम्मानित करते हुए कहा कि बेटा-बेटी में अंतर नहीं करना चाहिए। बेटी की उपेक्षा व बेटे की अपेक्षा लोग अधिक करते हैं।
पीसीएस बनने वाली प्रतिभा गौतम को जब सम्मानित करने को मंच पर बुलाया गया तो उन्होंने इसके असली हकदार अपने माता-पिता को बताया और उन्हें बुलाने का आग्रह कर उनको सम्मानित किया गया। मानस तिवारी-संजना तिवारी को कत्थक नृत्य के लिए सम्मान मिला। डिवाइस लगे हेलमेट बनाने वाले जीतू शुक्ल को भी सम्मानित किया गया।
16 वर्ष की नेत्रदान शिविर लगाने वाली प्रकृति चंद्रा को भी सम्मानित किया गया। नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि दैवी आपदा व आतंकी हमलों से जितने लोगों की जान जाती हैं, उससे अधिक भ्रूण हत्या कर दी जाती हैं। कहा कि यह सब बेटा-बेटी में फर्क की वजह से होता है। इस खाई को पाटा जाना चाहिए। कहा कि बीमारियां शारीरिक ही नहीं मानसिक भी होती हैं।
पूर्णिमा दीक्षित और नाहिद को वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने सम्मानित करते हुए कहा कि अगर कोई त्याग करता है तो उसे सम्मानित किया जाता है। बिना समाज के लिए कुछ किए बगैर सम्मान पाने की लोग अपेक्षा क्यों करते हैं। कहा कि जो साहित्यकार व रचनाधर्मी लोग हैं, वह दोनों तरह के अतिवाद से परे रहें।
इस मौके पर डीएम अनुज झा, एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ल, पूर्व चेयरमैन मुन्ना भइया, कवि रमेश चंद्र तिवारी विराम, केके मेहरोत्रा, उमाकांत मिश्र, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव मौजूद थे। कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत मिश्र उर्फ बच्चा ने आभार जताया।