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10 फीसदी अतिरिक्त जूतों की आपूर्ति आई
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कन्नौज। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एमबी रबड़ प्राइवेट लिमिटेड फर्म से वितरित किए गए जूतों की गुणवत्ता खराब होने पर काफी हंगामा हुआ। मामला एडी बेसिक के पास पहुंचने पर जूतों की गुणवत्ता की जांच कराई गई। जांच में अधिकतर विद्यालयों में जूतों की गुणवत्ता खराब मिली। इस पर दस फीसदी अतिरिक्त जूते फर्म को भेजने के निर्देश दिए गए थे। फर्म ने जूतों की आपूर्ति भेज दी है। जूतों को ब्लाक संसाधन केंद्र भेज दिया गया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को वितरण के निर्देश दिए हैं। अमर उजाला ने जूतों की गुणवत्ता खराब होने का मुद्दा उठाया था।
जिले के 1200 प्राथमिक व 453 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1 लाख 35 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें एक जोड़ी जूते दिए गए थे। यह कुछ माह बाद ही जवाब देने लगे। शिक्षकों ने इसकी शिकायत विभाग में की। मामला एडी बेसिक तक पहुंचा। एडी बेसिक ने अपने स्तर से अधिकारियों की टीम लगाकर जांच कराई। जांच में गुणवत्ता खराब मिलने पर दस फीसदी यानी 13500 अतिरिक्त जूते फर्म को देने के निर्देश दिए गए थे।
बीएसए केके ओझा ने बताया कि फर्म ने आपूर्ति भेज दी है। ब्लाक संसाधन केंद्रों पर जूतों को भेज दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि छात्र संख्या के हिसाब से दस फीसदी जूतों का वितरण करा दिया जाए।
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जिले के 1200 प्राथमिक व 453 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1 लाख 35 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें एक जोड़ी जूते दिए गए थे। यह कुछ माह बाद ही जवाब देने लगे। शिक्षकों ने इसकी शिकायत विभाग में की। मामला एडी बेसिक तक पहुंचा। एडी बेसिक ने अपने स्तर से अधिकारियों की टीम लगाकर जांच कराई। जांच में गुणवत्ता खराब मिलने पर दस फीसदी यानी 13500 अतिरिक्त जूते फर्म को देने के निर्देश दिए गए थे।
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बीएसए केके ओझा ने बताया कि फर्म ने आपूर्ति भेज दी है। ब्लाक संसाधन केंद्रों पर जूतों को भेज दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि छात्र संख्या के हिसाब से दस फीसदी जूतों का वितरण करा दिया जाए।
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