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Kannauj News: बोर्ड परीक्षा में पकड़े गए साॅल्वर को तीन साल की सजा

Wed, 30 Sep 2026 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:27 PM IST
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Solver caught in board exam sentenced to three years in prison.
कन्नौज। मेहनत और लगन से रात-दिन एक करने वाले छात्रों के हक पर डाका डालने वाले साॅल्वर गैंग के खिलाफ कोर्ट ने कड़ा संदेश दिया है। बोर्ड परीक्षा में दूसरे छात्र की जगह पर्चा हल करते रंगे हाथों पकड़े गए साॅल्वर को तीन साल की सजा दी गई है। कोर्ट ने उस पर दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जिले में अपनी तरह की इस पहली सजा से फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप है।
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मामला छिबरामऊ स्थित हीरालाल वीएन इंटर कॉलेज का है। 24 फरवरी 2025 को हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट तत्कालीन बीडीओ सौरिख निरंजन त्रिवेदी की नजर एक संदिग्ध परीक्षार्थी पर पड़ी। उसकी उम्र अधिक लगने पर जांच की गई तो शक सही साबित हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि रोल नंबर किसी और का है और परीक्षा कोई और दे रहा है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सॉल्वर ग्राम खल्ला रूपमंगदपुर निवासी विवेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। केंद्र व्यवस्थापक तत्कालीन प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह यादव ने छिबरामऊ कोतवाली में आरोपी विवेक कुमार के खिलाफ नकल अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई। इसकी विवेचना तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार ने की थी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ मजबूत डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। अभियोजन पक्ष ने गवाहों और सबूतों के जरिए अदालत के सामने आरोपी का फर्जीवाड़ा साबित कर दिया। सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार झा ने बुधवार को विवेक कुमार को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। विवेक जिला कारागार में बंद है और उसकी जमानत हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है। वह दस हजार रुपये लेकर दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर हिंदी की परीक्षा देने आया था।
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कोर्ट ने कहा-मेहनती छात्रों के भविष्य पर कुठाराघात
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इसे गंभीर आपराधिक कृत्य माना। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाएं किसी भी विद्यार्थी के सुनहरे भविष्य की नींव होती हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था की पवित्रता से खिलवाड़ करना और दूसरे की जगह साॅल्वर बनकर परीक्षा देना न सिर्फ अक्षम्य अपराध है, बल्कि यह दिन-रात मेहनत करने वाले ईमानदार छात्रों के हितों पर कुठाराघात भी है।
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