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एसएनसीयू वार्ड फुल, 10 वार्मर में 12 नवजात
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एसएनसीयू वार्ड में रेडियंट वार्मर पर भर्ती दो नवजात।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। दिवाली पर एसएनसीयू (सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट)वार्ड फुल हो गया है। हालत गंभीर होने पर 10 रेडियंट वार्मर पर 12 नवजातों को भर्ती किया गया है। मिशन निदेशक से हरी झंडी मिलने के बाद भी अभी तक रेडियंट वार्मर खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। वहीं स्टाफ की कमी से नवजात बच्चों की देखभाल में भी दिक्कतें आ रही हैं।
महिला विंग में संचालित एसएनसीयू (सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट) में 10 रेडियंट वार्मर हैं। तीन दिन से प्री मैच्योर नवजात बच्चों की संख्या में इजाफा हो गया है। बाल रोग विशेषज्ञ ने पहले से भर्ती चार बच्चों को कंगारू वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। संख्या कम होने से सभी बच्चों को वार्मर नहीं मिल पा रहे हैं। कोई और विकल्प न होने से एक वार्मर में दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित शंकर ने बताया कि सिर्फ 10 रेडियंट वार्मर हैं। 12 नवजात भर्ती हैं। कुछ नवजात बच्चों की हालत अधिक सीरियस होने से भर्ती करना पड़ा है। अधिक सीरियस बच्चों को हैलट व सैफई के लिए रेफर किया जाएगा। नवजात बच्चों की संख्या बढ़ने से स्टाफ की भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि प्री मैच्योर बच्चों की सबसे पहले जान बचाने का प्रयास किया जाता है। इस कारण कई बार अधिक नवजात भर्ती हो जाते हैं। मिशन निदेशक से रेडियंट वार्मर, फोटो थेरेपी मशीन खरीद के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। दिवाली के बाद जैम पोर्टल से रेट लेकर आर्डर किया जाएगा।
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महिला विंग में संचालित एसएनसीयू (सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट) में 10 रेडियंट वार्मर हैं। तीन दिन से प्री मैच्योर नवजात बच्चों की संख्या में इजाफा हो गया है। बाल रोग विशेषज्ञ ने पहले से भर्ती चार बच्चों को कंगारू वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। संख्या कम होने से सभी बच्चों को वार्मर नहीं मिल पा रहे हैं। कोई और विकल्प न होने से एक वार्मर में दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित शंकर ने बताया कि सिर्फ 10 रेडियंट वार्मर हैं। 12 नवजात भर्ती हैं। कुछ नवजात बच्चों की हालत अधिक सीरियस होने से भर्ती करना पड़ा है। अधिक सीरियस बच्चों को हैलट व सैफई के लिए रेफर किया जाएगा। नवजात बच्चों की संख्या बढ़ने से स्टाफ की भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि प्री मैच्योर बच्चों की सबसे पहले जान बचाने का प्रयास किया जाता है। इस कारण कई बार अधिक नवजात भर्ती हो जाते हैं। मिशन निदेशक से रेडियंट वार्मर, फोटो थेरेपी मशीन खरीद के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। दिवाली के बाद जैम पोर्टल से रेट लेकर आर्डर किया जाएगा।
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