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शेखाना के हिस्ट्रीशीटर ने डाली थी सिकंदरपुर में डकैती
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Shekhana's history-sheeter had committed robbery in Sikanderpur
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। नौ दिन पहले सिकंदरपुर में मौरंग व्यापारी के घर डकैती डालकर उनके बेटे को गोली मारने वाले तीन डकैत हत्थे चढ़ गए हैं। शहर के शेखाना मोहल्ले में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया ने दोस्तों के साथ डकैती डाली थी। शनिवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस ने दो बदमाशों के साथ उसे दबोच लिया। हालांकि दो भाग निकले। डकैतों के पास से मौरंग व्यापारी के घर से लूटे गए मोबाइल और नकदी बरामद हुई है।
शनिवार की देर रात करमुल्लापुर चौराहे पर कार में सवार होकर आ रहे पांच बदमाशों को संदिग्ध देख पुलिस ने रोक लिया। एक बदमाश ने आरक्षी आशीष अवस्थी पर फायर झोंक दिया। हालांकि आरक्षी बाल-बाल बच गया। इसके बाद पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया के बाएं पैर में लगी। इससे वह गिर पड़ा। उसके साथ ग्राम हीरापुर्वा निवासी अनिल राजपूत और ग्राम गुखरु निवासी इदरीश भी दबोच लिए गए।
मुठभेड़ की जानकारी पाकर सीओ शिव कुमार थापा भी पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस को बदमाशों के पास से कार, तीन तमंचे, लूटे गए दो मोबाइल और 35 हजार नौ सौ रुपये बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि सिकंदरपुर में मौरंग व्यापारी अखिलेश मिश्रा के घर डकैती डाली थी। विरोध करने पर उनके बेटे विजय को गोली मारकर घायल कर दिया था।
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बदमाशों ने पुलिस को बताया कि मुठभेड़ में अंधेरे का फायदा उठाकर ग्राम बिलग्राम निवासी मोहित और सांड़ी निवासी कमलेश भाग निकले। डकैती की वारदात में नौ लोग शामिल थे। घायल हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया को सौ शय्या अस्पताल लाया गया। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया गया। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि डकैतों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा।
कॉल से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मौरंग व्यापारी के घर 29/30 जुलाई को डकैती की वारदात के बाद रात लगभग ढाई बजे अनिल राजपूत ने अपने साथी के पास फोन किया। अनिल की यही कॉल आरोपियों तक पुलिस को पहुंचा दी। वारदात के समय डकैतों की लोकेशन भी मौरंग व्यापारी के घर पर मिली।
जेल में हुई थी दोस्ती
हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया के खिलाफ डकैती के तीन मुकदमों सहित कुल 29 मुकदमे दर्ज हैं। कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में वह जेल में बंद था। इसी दौरान उसकी दोस्ती हरदोई, गौतमबुद्ध नगर व अन्य जिलों के डकैतों से हो गई। सभी दोस्तों ने मिलकर बड़ी डकैती को अंजाम देने का प्लान बनाया था। 16 जुलाई को करिया जेल से छूटा था और चंद दिनों के बाद नौ दोस्तों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दे दिया। तीन डकैतों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छह अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
कार से चंदन तस्करी करता था रविदास
आरोपी रविदास उर्फ करिया ने दो साल पहले लखनऊ से एक लाख 70 हजार रुपये में पुरानी हाेंडा सिटी कार खरीदी थी। इस कार से वह मध्य प्रदेश से चंदन तस्करी करता था। चंदन तस्करी में मध्य प्रदेश पुलिस उसे तीन बार गिरफ्तार कर चुकी थी। डकैती की वारदात को भी इसी कार से अंजाम दिया था। आरोपियों को मौरंग व्यापारी के घर के बाहर उतारकर कार को नौली चौराहे पर खड़ा कर दिया गया था। वारदात के बाद जब आरोपी बाहर निकले तो इसी कार से भागे थे।
क्यों बनाया मौरंग व्यापारी के घर को निशाना?
अंतर्जनपदीय गिरोह के बदमाशों ने मिलकर आखिर सिकंदरपुर के मौरंग व्यापारी के घर को क्यों और किसके कहने पर निशाना बनाया और उनके घर से लूटी गई सोने की जंजीर का टुकड़ा किसके पास है, इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है। पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इन दोनों सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
जांच में निर्दोष निकले नामजद आरोपी
मौरंग व्यापारी के बेटे को गोली मारने के बाद घर से डकैती की वारदात को अंजाम देने पर ग्राम महोई निवासी निशांत, प्रशांत व शिवम पुत्रगण राजकिशोर, मयंक पुत्र शैलेंद्र उर्फ ललैया व राजकिशोर पुत्र विद्याराम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। हालांकि पुलिस जांच में किसी भी आरोपी के वारदात में शामिल होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। अब खुलासा हो जाने से पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है।
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शनिवार की देर रात करमुल्लापुर चौराहे पर कार में सवार होकर आ रहे पांच बदमाशों को संदिग्ध देख पुलिस ने रोक लिया। एक बदमाश ने आरक्षी आशीष अवस्थी पर फायर झोंक दिया। हालांकि आरक्षी बाल-बाल बच गया। इसके बाद पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया के बाएं पैर में लगी। इससे वह गिर पड़ा। उसके साथ ग्राम हीरापुर्वा निवासी अनिल राजपूत और ग्राम गुखरु निवासी इदरीश भी दबोच लिए गए।
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मुठभेड़ की जानकारी पाकर सीओ शिव कुमार थापा भी पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस को बदमाशों के पास से कार, तीन तमंचे, लूटे गए दो मोबाइल और 35 हजार नौ सौ रुपये बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि सिकंदरपुर में मौरंग व्यापारी अखिलेश मिश्रा के घर डकैती डाली थी। विरोध करने पर उनके बेटे विजय को गोली मारकर घायल कर दिया था।
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बदमाशों ने पुलिस को बताया कि मुठभेड़ में अंधेरे का फायदा उठाकर ग्राम बिलग्राम निवासी मोहित और सांड़ी निवासी कमलेश भाग निकले। डकैती की वारदात में नौ लोग शामिल थे। घायल हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया को सौ शय्या अस्पताल लाया गया। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया गया। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि डकैतों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा।
कॉल से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मौरंग व्यापारी के घर 29/30 जुलाई को डकैती की वारदात के बाद रात लगभग ढाई बजे अनिल राजपूत ने अपने साथी के पास फोन किया। अनिल की यही कॉल आरोपियों तक पुलिस को पहुंचा दी। वारदात के समय डकैतों की लोकेशन भी मौरंग व्यापारी के घर पर मिली।
जेल में हुई थी दोस्ती
हिस्ट्रीशीटर रविदास उर्फ करिया के खिलाफ डकैती के तीन मुकदमों सहित कुल 29 मुकदमे दर्ज हैं। कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में वह जेल में बंद था। इसी दौरान उसकी दोस्ती हरदोई, गौतमबुद्ध नगर व अन्य जिलों के डकैतों से हो गई। सभी दोस्तों ने मिलकर बड़ी डकैती को अंजाम देने का प्लान बनाया था। 16 जुलाई को करिया जेल से छूटा था और चंद दिनों के बाद नौ दोस्तों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दे दिया। तीन डकैतों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छह अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
कार से चंदन तस्करी करता था रविदास
आरोपी रविदास उर्फ करिया ने दो साल पहले लखनऊ से एक लाख 70 हजार रुपये में पुरानी हाेंडा सिटी कार खरीदी थी। इस कार से वह मध्य प्रदेश से चंदन तस्करी करता था। चंदन तस्करी में मध्य प्रदेश पुलिस उसे तीन बार गिरफ्तार कर चुकी थी। डकैती की वारदात को भी इसी कार से अंजाम दिया था। आरोपियों को मौरंग व्यापारी के घर के बाहर उतारकर कार को नौली चौराहे पर खड़ा कर दिया गया था। वारदात के बाद जब आरोपी बाहर निकले तो इसी कार से भागे थे।
क्यों बनाया मौरंग व्यापारी के घर को निशाना?
अंतर्जनपदीय गिरोह के बदमाशों ने मिलकर आखिर सिकंदरपुर के मौरंग व्यापारी के घर को क्यों और किसके कहने पर निशाना बनाया और उनके घर से लूटी गई सोने की जंजीर का टुकड़ा किसके पास है, इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है। पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इन दोनों सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
जांच में निर्दोष निकले नामजद आरोपी
मौरंग व्यापारी के बेटे को गोली मारने के बाद घर से डकैती की वारदात को अंजाम देने पर ग्राम महोई निवासी निशांत, प्रशांत व शिवम पुत्रगण राजकिशोर, मयंक पुत्र शैलेंद्र उर्फ ललैया व राजकिशोर पुत्र विद्याराम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। हालांकि पुलिस जांच में किसी भी आरोपी के वारदात में शामिल होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। अब खुलासा हो जाने से पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है।

Shekhana's history-sheeter had committed robbery in Sikanderpur- फोटो : CHIBRAMAU

Shekhana's history-sheeter had committed robbery in Sikanderpur- फोटो : CHIBRAMAU