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एडीएम से संभाली क्राप कटिंग की कमान
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:50 PM IST
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क्राप कटिंग की रफ्तार तेज करने के लिए एडीएम ने खुद मोर्चा संभाला है। मंगलवार को उन्होंने भूलेख कार्यालय के स्टाफ को तलब कर क्राप कटिंग के बारे में जानकारी हासिल की। वहीं जिले की तीनों तहसीलदारों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने दावा किया कि वह फसलों के नुकसान के ब्यौरे को अपनी देखरेख में सूचीबद्ध कराने के बाद शासन को उपलब्ध कराएंगे। ताकि रबी के सीजन में बर्बाद हुई फसलों की क्षतिपूर्ति किसानों को जल्द से जल्द मिल सके।
अमर उजाला ने क्राप कटिंग में हो रही लेटलतीफी को लेकर 21 अप्रैल को ‘कछुआ चाल से चल रही क्राप कटिंग’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस समस्या को एडीएम रमेश चंद्र ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित भूलेख कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को बुलाकर क्राप कटिंग की प्रगति के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी मनु दोहरे ने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है।
उन्हें अभी क्राप कटिंग के बारे में कोई अनुभव नहीं है। इसलिए इस कार्य में एलआरओ को अटैच किया जा रहा है। उन्हें कर्मचारी पूरा सहयोग करें। क्राप कटिंग के लिए कन्नौज व छिबरामऊ तहसील में कितने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनके नाम व मोबाइल नंबरों की सूची भी मंगाई गई। एडीएम ने बताया कि क्राप कटिंग में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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ठठिया के 13 गांवों होगा दोबारा सर्वे
डीएम अनुज कुमार झा ने ठठिया क्षेत्र के 13 गांवों (जहां ओले गिरे थे) में हुए नुकसान का सही आकलन करने के लिए फसल बीमा करने वाली एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दोबारा सर्वे के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि अभी तक मात्र एक गांव के ही 56 किसानों को अग्रिम क्लेम दिया गया है। बाकी बचे 12 गांवों के किसानों की अनदेखी कर दी गई है। जिलाधिकारी के तेवरों के बाद बीमा कंपनी ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारी भी साथ रहेंगे।
तीस हजार किसानों को भेजा मैसेज
फसल बीमा योजना की जानकारी देने से कतराने वाले कृषि विभाग की नींद अमर उजाला के अभियान ने खोल दी है। उप निदेशक कृषि कार्यालय ने विभागीय योजनाओं से जुड़े जिले के 30 हजार किसानों के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर उन्हें फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक किया है।
एसएमएस के जरिए किसानों से आगामी खरीफ की फसल का बीमा अवश्य कराने की अपील की गई है। किसानों से कहा गया है कि वे बैंक जाकर बीमा कराएं। यदि बैंक कर्मचारी इनकार करें तो विभाग में शिकायत करें। उप निदेशक कृषि कार्यालय के अनुसार ब्लाकों में खुले राजकीय बीज भंडार प्रभारियों व कृषि विभाग के कर्मचारियों के जरिए भी किसानों को जानकारी दी जा रही है।
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अमर उजाला ने क्राप कटिंग में हो रही लेटलतीफी को लेकर 21 अप्रैल को ‘कछुआ चाल से चल रही क्राप कटिंग’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस समस्या को एडीएम रमेश चंद्र ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित भूलेख कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को बुलाकर क्राप कटिंग की प्रगति के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी मनु दोहरे ने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है।
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उन्हें अभी क्राप कटिंग के बारे में कोई अनुभव नहीं है। इसलिए इस कार्य में एलआरओ को अटैच किया जा रहा है। उन्हें कर्मचारी पूरा सहयोग करें। क्राप कटिंग के लिए कन्नौज व छिबरामऊ तहसील में कितने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनके नाम व मोबाइल नंबरों की सूची भी मंगाई गई। एडीएम ने बताया कि क्राप कटिंग में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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ठठिया के 13 गांवों होगा दोबारा सर्वे
डीएम अनुज कुमार झा ने ठठिया क्षेत्र के 13 गांवों (जहां ओले गिरे थे) में हुए नुकसान का सही आकलन करने के लिए फसल बीमा करने वाली एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दोबारा सर्वे के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि अभी तक मात्र एक गांव के ही 56 किसानों को अग्रिम क्लेम दिया गया है। बाकी बचे 12 गांवों के किसानों की अनदेखी कर दी गई है। जिलाधिकारी के तेवरों के बाद बीमा कंपनी ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारी भी साथ रहेंगे।
तीस हजार किसानों को भेजा मैसेज
फसल बीमा योजना की जानकारी देने से कतराने वाले कृषि विभाग की नींद अमर उजाला के अभियान ने खोल दी है। उप निदेशक कृषि कार्यालय ने विभागीय योजनाओं से जुड़े जिले के 30 हजार किसानों के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर उन्हें फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक किया है।
एसएमएस के जरिए किसानों से आगामी खरीफ की फसल का बीमा अवश्य कराने की अपील की गई है। किसानों से कहा गया है कि वे बैंक जाकर बीमा कराएं। यदि बैंक कर्मचारी इनकार करें तो विभाग में शिकायत करें। उप निदेशक कृषि कार्यालय के अनुसार ब्लाकों में खुले राजकीय बीज भंडार प्रभारियों व कृषि विभाग के कर्मचारियों के जरिए भी किसानों को जानकारी दी जा रही है।