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Kannauj News: अनुसूचित जाति के लोगों को मंदिर में घुसने से रोका, विवाद
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छिबरामऊ (कन्नाैज)। प्राण-प्रतिष्ठा के लिए काली मां की मूर्ति को प्रदक्षिणा के लिए जब अनुसूचित के लोग निर्जन आश्रम स्थित मंदिर में पहुंचे तो उन्हें राेक दिया गया। इस पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। पुलिस ने मौके पर पहुंची तो महिलाओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की।
बृहस्पतिवार दोपहर क्षेत्र केे ग्राम पृथ्वीपुर की वाल्मीकि बस्ती के लोग काली माता की प्रतिमा को लेकर ग्राम नगला भौंसे में काली नदी के किनारे बने निर्जन आश्रम में पहुंचे। प्रदक्षिणा यात्रा में महिलाएं, पुरुष व बच्चे ई-रिक्शा पर माता काली की प्रतिमा लेकर आए थे। ग्रामीणों के मुताबिक जैसे ही वह निर्जन आश्रम पहुंचे पुजारी अजय बाबा ने मंदिर के पट खोल दिए। लेकिन वहां मौजूद कुछ युवकों ने उन्हें मंदिर में घुसने से रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी और तनाव हो गया। दलित समुदाय की महिलाएं आश्रम में ही बैठ गईं और पूजा करने की जिद करने लगीं। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिस पर प्रभारी निरीक्षक सचिन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बात की। दूसरे पक्ष के लोगों से सफाई दी कि मंदिर 12 बजे बंद हो जाता है और ये लोग पट खोलने की जिद कर रहे थे। इन लोगों को बताया गया कि शाम को आरती से पहले मंदिर खुलता है, तब वह लोग पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसी बात पर कुछ युवक अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे थे। कोतवाल ने दोनों पक्षों के अराजक तत्वों को फटकारा कर भगा दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पूजा संपन्न कराई गई। कोतवाल ने हिदायत दी कि यदि दोबारा इस तरह की घटना हुई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
मामूली बात को लेकर दो पक्षों मेें बहस हुई थी। किसी ने भी इस मामले में तहरीर नहीं दी है। छिबरामऊ कोतवाल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गये हैं।
-अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक
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बृहस्पतिवार दोपहर क्षेत्र केे ग्राम पृथ्वीपुर की वाल्मीकि बस्ती के लोग काली माता की प्रतिमा को लेकर ग्राम नगला भौंसे में काली नदी के किनारे बने निर्जन आश्रम में पहुंचे। प्रदक्षिणा यात्रा में महिलाएं, पुरुष व बच्चे ई-रिक्शा पर माता काली की प्रतिमा लेकर आए थे। ग्रामीणों के मुताबिक जैसे ही वह निर्जन आश्रम पहुंचे पुजारी अजय बाबा ने मंदिर के पट खोल दिए। लेकिन वहां मौजूद कुछ युवकों ने उन्हें मंदिर में घुसने से रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी और तनाव हो गया। दलित समुदाय की महिलाएं आश्रम में ही बैठ गईं और पूजा करने की जिद करने लगीं। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिस पर प्रभारी निरीक्षक सचिन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बात की। दूसरे पक्ष के लोगों से सफाई दी कि मंदिर 12 बजे बंद हो जाता है और ये लोग पट खोलने की जिद कर रहे थे। इन लोगों को बताया गया कि शाम को आरती से पहले मंदिर खुलता है, तब वह लोग पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसी बात पर कुछ युवक अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे थे। कोतवाल ने दोनों पक्षों के अराजक तत्वों को फटकारा कर भगा दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पूजा संपन्न कराई गई। कोतवाल ने हिदायत दी कि यदि दोबारा इस तरह की घटना हुई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
मामूली बात को लेकर दो पक्षों मेें बहस हुई थी। किसी ने भी इस मामले में तहरीर नहीं दी है। छिबरामऊ कोतवाल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गये हैं।
-अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक