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भारत विभाजन का विरोधी था आरएसएस
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:00 AM IST
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कार्यकर्ताओं को संबोधित करते सुब्रत पाठक।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के कन्हैयालाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। साथ ही वक्ताओं ने बताया कि भारत विभाजन का विरोधी था आरएसएस। मुख्य अतिथि सुब्रत पाठक ने दीप प्रज्वलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सैद्धांतिक अधिष्ठान विषय पर कहा कि हमारी पार्टी का अधिष्ठान कोई व्यक्ति नेता विशेष नहीं, न परिवार या वंश और न ही जाति एवं मजहब है।
बताया कि भारत विभाजन का सक्रिय विरोध करने वाला एक मात्र संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ था। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संघ के सरसंघ चालक गुरु जी की सहमति से भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। विभाजन की छाया से जम्मू एवं कश्मीर को बचाने एवं भारत में उसका संपूर्ण विलय करवाने के आंदोलन में डा. मुखर्जी शहीद हो गए। जम्मू एवं कश्मीर आज भारत का अभिन्न अंग है।
द्वितीय सत्र राजनैतिक कार्यों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल विषय पर क्षेत्रीय प्रमुख सोशल मीडिया सौरभ बाजपेई एवं जिला संयोजक अलकेश त्रिवेदी ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज सामाजिक संवाद का एक सबसे सशक्त माध्यम है। इसका उपयोग कहीं भी कभी कर सकते हैं। कहा कि देश की 20 प्रतिशत आबादी आज इंटरनेट का इस्तेमाल सूचना के आदान-प्रदान के लिए कर रही है। करीब 11 करोड़ लोग फेसबुक से जुड़े हैं। तीन करोड़ लोग ट्विटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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राजनौतिक क्षेत्र में कार्य कर रहे लोग सोशल मीडिया से समाज के बड़े वर्ग तक पहुंच सकते हैं। कहा कि सोशल मीडिया पर बेवजह की सामग्री डालने से बचे। ऐसा कुछ न डाले जिससे आपकी छवि और पार्टी की गरिमा को ठेस पहुंचे। चतुर्थ सत्र चुनावी रणनीति विषय पर सुब्रत पाठक का रहा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे , अवधेश राठौर, उमाकांत मिश्रा, बनवारी लाल दोहरे, मुनीश मिश्रा, वीरेंद्र द्विवेदी, अशोक सिंह, प्रबल प्रताप सिंह, आशू मिश्रा, पुष्कर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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बताया कि भारत विभाजन का सक्रिय विरोध करने वाला एक मात्र संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ था। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संघ के सरसंघ चालक गुरु जी की सहमति से भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। विभाजन की छाया से जम्मू एवं कश्मीर को बचाने एवं भारत में उसका संपूर्ण विलय करवाने के आंदोलन में डा. मुखर्जी शहीद हो गए। जम्मू एवं कश्मीर आज भारत का अभिन्न अंग है।
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द्वितीय सत्र राजनैतिक कार्यों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल विषय पर क्षेत्रीय प्रमुख सोशल मीडिया सौरभ बाजपेई एवं जिला संयोजक अलकेश त्रिवेदी ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज सामाजिक संवाद का एक सबसे सशक्त माध्यम है। इसका उपयोग कहीं भी कभी कर सकते हैं। कहा कि देश की 20 प्रतिशत आबादी आज इंटरनेट का इस्तेमाल सूचना के आदान-प्रदान के लिए कर रही है। करीब 11 करोड़ लोग फेसबुक से जुड़े हैं। तीन करोड़ लोग ट्विटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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राजनौतिक क्षेत्र में कार्य कर रहे लोग सोशल मीडिया से समाज के बड़े वर्ग तक पहुंच सकते हैं। कहा कि सोशल मीडिया पर बेवजह की सामग्री डालने से बचे। ऐसा कुछ न डाले जिससे आपकी छवि और पार्टी की गरिमा को ठेस पहुंचे। चतुर्थ सत्र चुनावी रणनीति विषय पर सुब्रत पाठक का रहा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे , अवधेश राठौर, उमाकांत मिश्रा, बनवारी लाल दोहरे, मुनीश मिश्रा, वीरेंद्र द्विवेदी, अशोक सिंह, प्रबल प्रताप सिंह, आशू मिश्रा, पुष्कर मिश्रा आदि मौजूद रहे।