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Kannauj News: रोमा समुदाय के राई नृत्य से किया मंत्रमुग्ध
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कन्नौज। अपनी जड़ों को खोजें अभियान के तहत रोमा अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्मारक, मुक्ता काशी मंच एवं राजकीय पुरातत्व संग्रहालय परिसर में गुरुवार को सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रोमा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। झांसी के निशांत सिंह भदौरिया द्वारा प्रस्तुत राई नृत्य ने मंत्रमुग्ध कर दिया। बिहार के गया से आईं कवियित्री अंकिता सिंह एवं कन्नौज के कवि कुमार विवेक ने काव्य पाठ से सांस्कृतिक भावभूमि को अभिव्यक्त किया।
इससे पहले समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि रोमा समुदाय काे वैश्विक इतिहास से जोड़ना गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद दिल्ली रोमा अध्ययन केंद्र के जमीर अनवर ने रोमा समुदाय के इतिहास, संस्कृति और वैश्विक पहचान पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा रोमा समुदाय से डिजिटल संवाद भी स्थापित किया। शोधपरक सत्र में जेएनयू के शोधार्थी राम सिंह ने यूरोप में रोमा नागरिक अधिकार विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।
आईसीएसएसआर फेलो के रिमझिम सिक्खा ने रोमा संस्कृति पर प्रकाश डाला तथा डॉ. रजनी सरीन ने रोमा समुदाय के सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों पर अपने विचार रखे। कहा कि रोमा समुदाय घुमंतू परंपरा से जुड़ा रहा है और यूरोप में इनकी आबादी लगभग डेढ़ करोड़ है। संगीत और नृत्य इनके जीवन का अभिन्न अंग हैं। उनकी वेशभूषा, बोलचाल के कई शब्द तथा सांस्कृतिक परंपराएं भारतीय बंजारा समुदाय के समान हैं।
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डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि यहां की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को रोमा समुदाय के वैश्विक इतिहास से जोड़ना जनपद के लिए गौरव का विषय है। ऐसे आयोजन जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और सांस्कृतिक संवाद को सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर वैशाली, डीडीओ नरेंद्र देव द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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इससे पहले समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि रोमा समुदाय काे वैश्विक इतिहास से जोड़ना गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद दिल्ली रोमा अध्ययन केंद्र के जमीर अनवर ने रोमा समुदाय के इतिहास, संस्कृति और वैश्विक पहचान पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा रोमा समुदाय से डिजिटल संवाद भी स्थापित किया। शोधपरक सत्र में जेएनयू के शोधार्थी राम सिंह ने यूरोप में रोमा नागरिक अधिकार विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।
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आईसीएसएसआर फेलो के रिमझिम सिक्खा ने रोमा संस्कृति पर प्रकाश डाला तथा डॉ. रजनी सरीन ने रोमा समुदाय के सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों पर अपने विचार रखे। कहा कि रोमा समुदाय घुमंतू परंपरा से जुड़ा रहा है और यूरोप में इनकी आबादी लगभग डेढ़ करोड़ है। संगीत और नृत्य इनके जीवन का अभिन्न अंग हैं। उनकी वेशभूषा, बोलचाल के कई शब्द तथा सांस्कृतिक परंपराएं भारतीय बंजारा समुदाय के समान हैं।
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डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि यहां की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को रोमा समुदाय के वैश्विक इतिहास से जोड़ना जनपद के लिए गौरव का विषय है। ऐसे आयोजन जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और सांस्कृतिक संवाद को सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर वैशाली, डीडीओ नरेंद्र देव द्विवेदी आदि मौजूद रहे।