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Kannauj News: रकबा और खतौनी के अनुसार ही किसानों को दें खाद- डीएम
Tue, 21 Apr 2026 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:26 AM IST
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कन्नौज। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता शामिल हुए।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2,80,412 बोरी यूरिया, 1,27,749 बोरी डीएपी, 2,29,745 बोरी एनपीके तथा 35,243 बोरी पोटाश का स्टॉक है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि फसल के रकबे एवं खतौनी के मानकों के अनुरूप सभी कृषकों को सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक दुकानों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
कालाबाजारी, ओवर रेटिंग तथा अनुचित भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। कहा कि जिले की सभी 56 सहकारी समितियों एवं 1000 से अधिक निजी उर्वरक विक्रेताओं पर उर्वरकों की सतत उपलब्धता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। कहा कि जिन कृषकों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनके लिए संबंधित उर्वरक विक्रेता जनसेवा केंद्र अथवा कृषि विभाग के सहयोग से शीघ्र फार्मर आईडी बनवा लें, जिससे उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया है कि उर्वरक वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि 17 एग्रीजंक्शन प्रतिष्ठानों को 267.40 मीट्रिक टन यूरिया तथा 73 निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों को 778.50 मीट्रिक टन यूरिया का आवंटन किया गया है।
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जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2,80,412 बोरी यूरिया, 1,27,749 बोरी डीएपी, 2,29,745 बोरी एनपीके तथा 35,243 बोरी पोटाश का स्टॉक है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि फसल के रकबे एवं खतौनी के मानकों के अनुरूप सभी कृषकों को सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक दुकानों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
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कालाबाजारी, ओवर रेटिंग तथा अनुचित भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। कहा कि जिले की सभी 56 सहकारी समितियों एवं 1000 से अधिक निजी उर्वरक विक्रेताओं पर उर्वरकों की सतत उपलब्धता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। कहा कि जिन कृषकों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनके लिए संबंधित उर्वरक विक्रेता जनसेवा केंद्र अथवा कृषि विभाग के सहयोग से शीघ्र फार्मर आईडी बनवा लें, जिससे उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया है कि उर्वरक वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि 17 एग्रीजंक्शन प्रतिष्ठानों को 267.40 मीट्रिक टन यूरिया तथा 73 निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों को 778.50 मीट्रिक टन यूरिया का आवंटन किया गया है।
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