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विद्युतीकरण न होने पर किया प्रदर्शन
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Mon, 01 Jun 2015 11:55 PM IST
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एक साल से विद्युतीकरण के इंतजार में बैठे चार गांवों के ग्र्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में डीएम को ज्ञापन देकर जल्द विद्युतीकरण कराए जाने की गुहार लगाई।
सोमवार को ग्रामसभा विशुनगढ़ के चार मजरों के ग्रामीणों ने विद्युतीकरण कराए जाने की मांग को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। गांव रैपुरा निवासी अखिलेश राजपूत, राजेश राजपूत, सुरेंद्र सिंह राजपूत का कहना था कि गांव में करीब एक साल पहले विद्युतीकरण का काम शुरू किया गया था। लेकिन ठेकेदारों के मनमाने रवैये के चलते कुछ ही दिन बाद काम ठप हो गया।
इससे विद्युत पोल शोपीस साबित हो रहे हैं। कई बार बिजली अफसरों को अवगत कराया। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। नगला बरी निवासी पूर्व प्रधान भोजराज सिंह, सुनील कुमार, महाराम का कहना था कि विद्युतीकरण के अभाव में गांव के लोगों को लालटेन की रोशनी में जीवन यापन को मजबूर होना पड़ रहा है। नौनिहालों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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सीडीओ से भी विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की थी। लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। कुढ़रा गांव के पवन कुमार, शिवकुमार, नंदराम का कहना है कि बिजली विभाग की उदासीनता से शाम होते ही गांव में अंधकार छा जाता है। विद्युतीकरण के लिए खींची गई लाइन गायब हो चुकी है। बिजली के पोल भी उपेक्षा के चलते नष्ट हो रहे हैं।
जल्द ही गांव का विद्युतीकरण न हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे। गांव नगला डाढ़े निवासी राजेंद्र सिंह, मूलचंद्र, सुनील कुमार का कहना था कि गांव में अभी तक विद्युतीकरण नहीं कराया गया है। इसके लिए ग्रामप्रधान से लेकर एसडीओ से गुहार लगाई जा चुकी है।
जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कागजों में कराए गए विद्युतीकरण की हकीकत देखने कोई अफसर भी गांव नहीं पहुंचा है। करीब एक घंटा विरोध-प्रदर्शन के बाद डीएम के आश्वासन पर ग्रामीण वापस लौट गए। इस मौके पर प्रहलाद सिंह, रामचंद्र, रेशमा देवी, मायावती, सुखदेवी सहित काफी ग्रामीण मौजूद रहे।
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सोमवार को ग्रामसभा विशुनगढ़ के चार मजरों के ग्रामीणों ने विद्युतीकरण कराए जाने की मांग को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। गांव रैपुरा निवासी अखिलेश राजपूत, राजेश राजपूत, सुरेंद्र सिंह राजपूत का कहना था कि गांव में करीब एक साल पहले विद्युतीकरण का काम शुरू किया गया था। लेकिन ठेकेदारों के मनमाने रवैये के चलते कुछ ही दिन बाद काम ठप हो गया।
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इससे विद्युत पोल शोपीस साबित हो रहे हैं। कई बार बिजली अफसरों को अवगत कराया। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। नगला बरी निवासी पूर्व प्रधान भोजराज सिंह, सुनील कुमार, महाराम का कहना था कि विद्युतीकरण के अभाव में गांव के लोगों को लालटेन की रोशनी में जीवन यापन को मजबूर होना पड़ रहा है। नौनिहालों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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सीडीओ से भी विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की थी। लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। कुढ़रा गांव के पवन कुमार, शिवकुमार, नंदराम का कहना है कि बिजली विभाग की उदासीनता से शाम होते ही गांव में अंधकार छा जाता है। विद्युतीकरण के लिए खींची गई लाइन गायब हो चुकी है। बिजली के पोल भी उपेक्षा के चलते नष्ट हो रहे हैं।
जल्द ही गांव का विद्युतीकरण न हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे। गांव नगला डाढ़े निवासी राजेंद्र सिंह, मूलचंद्र, सुनील कुमार का कहना था कि गांव में अभी तक विद्युतीकरण नहीं कराया गया है। इसके लिए ग्रामप्रधान से लेकर एसडीओ से गुहार लगाई जा चुकी है।
जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कागजों में कराए गए विद्युतीकरण की हकीकत देखने कोई अफसर भी गांव नहीं पहुंचा है। करीब एक घंटा विरोध-प्रदर्शन के बाद डीएम के आश्वासन पर ग्रामीण वापस लौट गए। इस मौके पर प्रहलाद सिंह, रामचंद्र, रेशमा देवी, मायावती, सुखदेवी सहित काफी ग्रामीण मौजूद रहे।