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खिलौने बनाने वाले कैदी पुरस्कृत
अमर उजाला ब्यूरो, कन्नौज।
Updated Thu, 03 Mar 2016 12:23 AM IST
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बैंक ऑफ इंडिया के स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कैदियों को क्लाथ बैग व कपड़े के खिलौने बनाने का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कैदियों ने तरह-तरह के खिलौने तैयार किए।
बुधवार को जिला जेल में प्रशिक्षण का समापन मुख्य विकास अधिकारी उदय राज ने किया। उन्होंने बेहतर खिलौने तैयार करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कैदियों को भी उद्यमी बनाया जा सकता है। जेल में महिलाएं समय का बेहतर उपयोग करते हुए अपने हुनर के जरिये आर्थिक रुप से सशक्त हो सकती हैं। कार्य करने से उनके अंदर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, कौशल विकास, दक्षता जैसे अच्छे गुणों का विकास होगा।
जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने इस प्रशिक्षण के लिए महिलाओं को प्रेरित किया था। प्रशिक्षण पाकर अच्छा उत्पादन किया है। इनके द्वारा तैयार किये गये थैले व खिलौने बिक्री करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसे पूर्व अगरबत्ती प्रशिक्षण हुआ था। प्रशिक्षित कैदी प्रति माह 1800 से 2200 रुपये की आय प्राप्त कर रहे है। प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक शिवराज सिंह तथा वरिष्ठ संकाय एचके गुप्ता ने भी प्रशिक्षण के संबंध में अनेक जानकारियां दी।
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बुधवार को जिला जेल में प्रशिक्षण का समापन मुख्य विकास अधिकारी उदय राज ने किया। उन्होंने बेहतर खिलौने तैयार करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कैदियों को भी उद्यमी बनाया जा सकता है। जेल में महिलाएं समय का बेहतर उपयोग करते हुए अपने हुनर के जरिये आर्थिक रुप से सशक्त हो सकती हैं। कार्य करने से उनके अंदर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, कौशल विकास, दक्षता जैसे अच्छे गुणों का विकास होगा।
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जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने इस प्रशिक्षण के लिए महिलाओं को प्रेरित किया था। प्रशिक्षण पाकर अच्छा उत्पादन किया है। इनके द्वारा तैयार किये गये थैले व खिलौने बिक्री करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसे पूर्व अगरबत्ती प्रशिक्षण हुआ था। प्रशिक्षित कैदी प्रति माह 1800 से 2200 रुपये की आय प्राप्त कर रहे है। प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक शिवराज सिंह तथा वरिष्ठ संकाय एचके गुप्ता ने भी प्रशिक्षण के संबंध में अनेक जानकारियां दी।
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