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आलू, सरसों, अरहर पर बारिश की मार
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
Updated Fri, 27 Jan 2017 11:44 PM IST
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आलू के खेत में भरा पानी।
- फोटो : Amar ujala
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बेमौसम बारिश किसानों पर आफत बनकर बरसी। खेतों में पानी भर जाने से आलू, सरसों, अरहर की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की जिन फसलों में बालियां आ गई हैं, उन्हें भी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के कारण फसलें खेतों पर गिर गईं। अब इनके सड़ने व रोगों की चपेट में आने की संभावना बढ़ गई है। किसान खेतों में भरे पानी को निकालने के प्रबंध में जुट गए हैं।
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गेहूं में ज्यादा पानी होने के कारण गलन रोग व फसलों में पीलापन होने की संभावना है। अब किसान फसलों को बचाने के लिए पानी निकासी के प्रबंध में जुटे हैं। किसान ईश्वर दयाल बताते हैं कि इस बार कोहरे व पाले के चलते आलू की फसल झुलसा व परपरा रोग से चौपट हो गई। बारिश होने के कारण खेतों में पानी भरने से आलू के सड़ने की संभावना बन गई है। अगर दो दिन और बारिश हुई तो ज्यादा नुकसान होगा।
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किसान श्रवण कुमार का कहना है कि पहले सरसों की फसल पर कोहरे के कारण फूल झड़न व माहू रोग का प्रकोप रहा है। अब जब फसल पकने की कगार पर आ गई है तो तेज बारिश व जोरदार हवाओं के कारण फसल खेत में पट पड़ी है। क्षेत्र में उत्पादन में 40 फीसदी तक गिरावट की संभावना है।
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किसान वीरेंद्र कुमार कुमार बताते है कि गेहूं की फसल पहले अच्छी थी। पानी बरसने के फसल और अच्छी होने की संभावना थी। दो माह से अधिक बाली वाली गेहूं वाली फसल को बारिश व तेज हवा से नुकसान हुआ है। कम दिन वाली गेहूं की फसल में अधिक पानी भर जाने के कारण पीलापन की चिंता सताने लगी है।
किसान लाल बहादुर वर्मा कहते हैं कि अबकी बार मौसम ने किसानों का साथ नहीं दिया। जिससे सभी प्रकार की फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड व अन्य श्रोतों से रुपये उधार लिए थे। उन्हें उधारी चुकाने में समस्या आएगी। फसल बेंचकर जो रुपये आने थे उससे किसानों ने कई उम्मीदें संजो रखीं थीं, जो टूटने की कगार पर है।