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पथराव के बाद पुलिस ने भांजी लाठियां
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Fri, 07 Apr 2017 11:54 PM IST
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मुख्य मार्ग पर युवक को पीटते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के पश्चिमी बाईपास से शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने गई नगरपालिका टीम को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। बैंक ऑफ इंडिया के सामने टीन शेड गिराने पर दुकानदारों की अधिकारियों से तीखी झड़प हो गई। अराजकतत्वों के पथराव से जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई, साथ ही आपरेटर और साथी घायल हो गए। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ दिया। कोतवाली पुलिस ने एक हमलावर को मौके से दबोच लिया। फिलहाल अभियान को रोक दिया गया है।
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नगरपालिका ने शुक्रवार की दोपहर बाद पश्चिमी बाईपास से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत की। बैंक ऑफ इंडिया के सामने दुकानों के बाहर पड़ी टीनशेड को उखाड़ने पर कुछ दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। भीड़ ने जेसीबी को घेर लिया। इस दौरान कांग्रेस नेता जवाहर सिंह यादव, राजू शर्मा समेत कई अन्य लोगों की पुलिस और पालिका अधिकारियों से झड़पें हुईं।
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इस पर अभियान को वहीं रोककर पालिका अधिकारी और कर्मचारी कोतवाली पहुंच गए। वहां कोतवाल और ईओ सुरेंद्र कुमार समेत दुकानदारों के बीच वार्ता चल ही रही थी, तभी कुछ अराजकतत्वों ने मौके पर खड़ी जेसीबी पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई। उसके सभी शीशे टूट गए। जेसीबी चालक अरुण वर्मा और उसका साथी गयाप्रसाद घायल हो गए। जैसे ही इसकी जानकारी कोतवाली में मौजूद पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को हुई तो उनमें रोष फैल गया। घायल चालक ने किसी तरह मौके से जेसीबी को लाकर कोतवाली में खड़ा कर दिया। इस दौरान पालिका अधिकारियों की कोतवाल से तीखी नोकझोंक हुई। कोतवाल राजबहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ कर एक युवक को हिरासत में ले लिया।
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उन्होंने कहा कि अराजकता करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। तहरीर मिलते ही पथराव करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। घायल जेसीबी चालक और उसके साथी को डाक्टरी परीक्षण के लिए सौ शैय्या अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल अतिक्रमण हटाओ अभियान को रोक दिया गया है।
कोतवाली से आगे नहीं बढ़ पाता अतिक्रमण अभियान
छिबरामऊ। अतिक्रमण हटाओ अभियान हर बार की तरह इस बार भी कोतवाली से पहले ही टांय-टांय फिस्स हो गया। अभियान के दौरान पश्चिमी बाईपास पर सड़क किनारे रखे लगभग आधा दर्जन खोखों को जेसीबी से उठवाकर नगरपालिका भिजवा दिया गया। कई दुकानों के बाहर पड़ी टीनशेड को उखाड़कर फेंक दिया गया। शुक्रवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पालिका कर्मचारी कोतवाली पहुंचे। कुछ देर बाद कोतवाल राजबहादुर सिंह पुलिस फोर्स के साथ पालिका की टीम को लेकर पश्चिमी बाईपास पहुंचे। वहां अभियान की शुरूआत के बाद कोतवाल लौट गए। यह अभियान जब बैंक ऑफ इंडिया के पास पहुंचा तो वहां लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। परिणाम स्वरूप सभी पालिकाकर्मी कोतवाली पहुंच गए और फिर यह अभियान कोतवाली से पहले ही ठप हो गया।
पुलिस की लापरवाही से पालिकाकर्मियों में रोष
छिबरामऊ। नगरपालिका के अधिकारियों का कहना था कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते अतिक्रमण हटाओ अभियान बीच में ही रोकना पड़ा। यदि कोतवाल साथ होते तो भीड़ हमलावर नहीं होती, न ही नगरपालिका की जेसीबी टूटती और न ही पालिका कर्मचारी घायल होते। कोतवाली में मौजूद पालिका अधिकारियों को जब जेसीबी में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी हुई तो वह आक्रोशित हो उठे। कर्मचारियों ने कोतवाल के सामने ही पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
सिपाही से कैमरा छीनने का प्रयास
छिबरामऊ। अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध कर रहे लोगों की भीड़ का वीडियो बना रहे कोतवाली के सिपाही सुरेंद्र कुमार का लोगों ने कैमरा छीनने का प्रयास किया।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों की ईओ से नोकझोंक
छिबरामऊ। व्यापार मंडल के जिला महामंत्री राजीव दुबे के नेतृत्व में रामानंद वर्मा, नरेश वर्मा, नगर अध्यक्ष सुरेश वर्मा आदि की कोतवाली में नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र कुमार से तीखी झड़पें हुईं। व्यापार मंडल पदाधिकारियों का कहना था कि बिना किसी मानक के अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया। राजीव दुबे ने कहा कि हर बार पश्चिमी बाईपास से ही इस अभियान की शुरूआत क्यों की जाती है। सबसे बड़ा अतिक्रमण तो नगरपालिका ने ही कर रखा है। सबसे पहले नगरपालिका कोतवाली के बाहर और पुरानी तहसील के बाहर नाले के ऊपर बनी अपनी दुकानों को हटवाए, तभी अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करे।
फिर टल गया अतिक्रमण अभियान
छिबरामऊ। कोतवाल राजबहादुर सिंह की मौजूदगी में व्यापार मंडल और नगरपालिका के अधिकारियों के बीच हुई काफी लंबी वार्ता के बाद तय किया गया कि पहले मानक तय किए जाएं। इसके बाद ही अभियान की शुरूआत की जाए। इसके लिए अगली बैठक एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में होने की बात तय की गई है। तब तक के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान को टाल दिया गया।
नहीं दिखे एसडीएम और सीओ
छिबरामऊ। अतिक्रमण हटाओ अभियान जैसे गंभीर मामले में भी शहर के जिम्मेदार अधिकारी एसडीएम उदयवीर सिंह और सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी कहीं नहीं दिखें। लोगों में चर्चा थी कि यदि यह दोनों अधिकारी होते तो शायद इतना बड़ा बवाल नहीं होता। अभियान की शुरूआत करा देने के बाद कोतवाल भी मौके से नदारद हो गए।