{"_id":"5fde40648ebc3e3b6d3f88ca","slug":"pm-awaas-adore-sardi-me-cut-rahi-raat-kannauj-news-knp6009389164","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री शहरी आवास अधूरे, मुश्किल से कट रहीं रातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री शहरी आवास अधूरे, मुश्किल से कट रहीं रातें
विज्ञापन
अधूरे प्रधान मंत्री आवास में पॉलीथिन डाल कर बच्चों के साथ बैठी सीमा। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। करीब डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री शहरी आवास के लिए पहली किस्त के बाद डूडा लाभार्थियों को भूल गया। ऐसे में गरीब परिवार आवास का पूरा निर्माण नहीं करा पाए। सर्दी में यह परिवार दीवारों पर पॉलिथीन तान कर बच्चों के साथ दिन और रातें काट रहे हैं। शिकायत के बाद भी विभाग ने इनकी सुध नहीं ली है।
शहर के मौसमपुर अल्हड़ मोहल्ले के लोगों को छत देने के लिए डूडा ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत दो दर्जन से अधिक लोगों को सर्वे के बाद आवास स्वीकृत किए थे। डेढ़ वर्ष पहले आवास बनाने के लिए पहली किस्त दे दी गई। कई लोगों का आवास पूरा होने के बाद अंतिम किस्त रोक ली गई। तब से यहां की पात्र महिलाएं आवास निर्माण की दूसरी व अंतिम किस्त लेने के लिए डूडा के चक्कर काट रही हैं। इनकी कोई नहीं सुन रहा है। गुजारे के लिए इन्होंने आवास की आधी बनी दीवारों पर पॉलिथीन डाल ली है। आवास में न खिड़की हैं, न ही दरवाजा। इन परिवारों की ठिठुरते हुए रात गुजरती है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से अब यह गरीब परिवार शांत होकर बैठ गए हैं।
वहीं ईओ (अधिशासी अधिकारी) सदर नीलम चौधरी ने बताया कि कोरोना की वजह से शासन से बजट नहीं मिला था। अभी हाल में ही कुछ बजट मिला है। पात्रों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। इससे कि वह अधूरा निर्माण पूरा कर सकें।
विज्ञापन
इन्हें आवास के लिए मिली पहली किस्त
संगीता पत्नी दीपू, पिंकी पत्नी श्यामू, सीमा पत्नी झब्बू, निर्मला पत्नी अरविंद, सीमा पत्नी वीरेंद्र, सीमा पत्नी विजय, शब्बे पत्नी गुड्डू, बेटी पत्नी लाला राम, नन्हीं पत्नी राजेश, मीरा पत्नी भूरा, कृष्णा पत्नी सोनू, शांती पत्नी इलायची को पहली किस्त के तौर पर डेढ़ वर्ष पहले पचास हजार रुपये मिले थे।
इन्हें नहीं मिली अंतिम किस्त
नीतू पत्नी विमलेश, गीता पत्नी कमलेश, शीबू पत्नी अजय, सलमा पत्नी ओमकार, रिंकी पत्नी मंगली, रागिनी पत्नी सबलू, आरती पत्नी दीपू, रचना पत्नी अर्जुन, मीरा पत्नी भूरा, रीतू पत्नी मंजू, लाली पत्नी कुदन्नी, बत्ता पत्नी बेचेलाल, सुनीता पत्नी संजू, दुलारी पत्नी राम किशन, सोनी देवी पत्नी महेंद्र, को अंतिम किस्त नहीं मिली है।
मोहल्ले की शांती देवी का कहना है कि आवास के नाम पर मजाक किया गया। अब तक एक ही किस्त मिली है। आवास के लिए कच्ची दीवारें गिरा दी थीं। अब पॉलिथीन डाल कर गुजारा करना पड़ रहा। बड़ी दिक्कत हो रही है।
मोहल्ले की बत्ता देवी ने बताया कि आवास मिले हो दो साल हो गए। दो लाख रुपये किस्त के रूप में मिल चुके हैं। अब अंतिम किस्त के पचास हजार रुपये नहीं दिए जा रहे। ऐसे में अब वह डूडा कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।
मोहल्ले की सोनी देवी का कहना है कि आवास के लिए दो लाख रुपये खाते में भेजे गए हैं। आवास में कई काम अधूरे हैं। सोचा था कि बचा पैसा मिलने पर अधूरे काम पूरे करा लेेंगी। तब से न किस्त मिली, न ही काम पूरा हुआ।
शहर के मोहल्ला मौसमपुर अल्हड़ निवासी मंजू कुमार ने बताया कि पत्नी रीतू को आवास मिला है। दो लाख रुपये खाते में आए थे। इससे आवास का निर्माण कराया। पचास हजार रुपये बाकी हैं। यह रुपये अब तक नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
शहर के मौसमपुर अल्हड़ मोहल्ले के लोगों को छत देने के लिए डूडा ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत दो दर्जन से अधिक लोगों को सर्वे के बाद आवास स्वीकृत किए थे। डेढ़ वर्ष पहले आवास बनाने के लिए पहली किस्त दे दी गई। कई लोगों का आवास पूरा होने के बाद अंतिम किस्त रोक ली गई। तब से यहां की पात्र महिलाएं आवास निर्माण की दूसरी व अंतिम किस्त लेने के लिए डूडा के चक्कर काट रही हैं। इनकी कोई नहीं सुन रहा है। गुजारे के लिए इन्होंने आवास की आधी बनी दीवारों पर पॉलिथीन डाल ली है। आवास में न खिड़की हैं, न ही दरवाजा। इन परिवारों की ठिठुरते हुए रात गुजरती है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से अब यह गरीब परिवार शांत होकर बैठ गए हैं।
विज्ञापन
वहीं ईओ (अधिशासी अधिकारी) सदर नीलम चौधरी ने बताया कि कोरोना की वजह से शासन से बजट नहीं मिला था। अभी हाल में ही कुछ बजट मिला है। पात्रों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। इससे कि वह अधूरा निर्माण पूरा कर सकें।
विज्ञापन
इन्हें आवास के लिए मिली पहली किस्त
संगीता पत्नी दीपू, पिंकी पत्नी श्यामू, सीमा पत्नी झब्बू, निर्मला पत्नी अरविंद, सीमा पत्नी वीरेंद्र, सीमा पत्नी विजय, शब्बे पत्नी गुड्डू, बेटी पत्नी लाला राम, नन्हीं पत्नी राजेश, मीरा पत्नी भूरा, कृष्णा पत्नी सोनू, शांती पत्नी इलायची को पहली किस्त के तौर पर डेढ़ वर्ष पहले पचास हजार रुपये मिले थे।
इन्हें नहीं मिली अंतिम किस्त
नीतू पत्नी विमलेश, गीता पत्नी कमलेश, शीबू पत्नी अजय, सलमा पत्नी ओमकार, रिंकी पत्नी मंगली, रागिनी पत्नी सबलू, आरती पत्नी दीपू, रचना पत्नी अर्जुन, मीरा पत्नी भूरा, रीतू पत्नी मंजू, लाली पत्नी कुदन्नी, बत्ता पत्नी बेचेलाल, सुनीता पत्नी संजू, दुलारी पत्नी राम किशन, सोनी देवी पत्नी महेंद्र, को अंतिम किस्त नहीं मिली है।
मोहल्ले की शांती देवी का कहना है कि आवास के नाम पर मजाक किया गया। अब तक एक ही किस्त मिली है। आवास के लिए कच्ची दीवारें गिरा दी थीं। अब पॉलिथीन डाल कर गुजारा करना पड़ रहा। बड़ी दिक्कत हो रही है।
मोहल्ले की बत्ता देवी ने बताया कि आवास मिले हो दो साल हो गए। दो लाख रुपये किस्त के रूप में मिल चुके हैं। अब अंतिम किस्त के पचास हजार रुपये नहीं दिए जा रहे। ऐसे में अब वह डूडा कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।
मोहल्ले की सोनी देवी का कहना है कि आवास के लिए दो लाख रुपये खाते में भेजे गए हैं। आवास में कई काम अधूरे हैं। सोचा था कि बचा पैसा मिलने पर अधूरे काम पूरे करा लेेंगी। तब से न किस्त मिली, न ही काम पूरा हुआ।
शहर के मोहल्ला मौसमपुर अल्हड़ निवासी मंजू कुमार ने बताया कि पत्नी रीतू को आवास मिला है। दो लाख रुपये खाते में आए थे। इससे आवास का निर्माण कराया। पचास हजार रुपये बाकी हैं। यह रुपये अब तक नहीं मिले हैं।

अधूरे प्रधान मंत्री आवास में पॉलीथिन डाल कर बच्चों के साथ बैठी सलमा। संवाद- फोटो : KANNAUJ

अधूरे प्रधान मंत्री आवास में पॉलीथिन डाल कर बच्चों के साथ बैठी पिंकी। संवाद- फोटो : KANNAUJ