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Kannauj News: 1987 से पहले जन्मे लोगों को नहीं देना होगा प्रूफ
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कन्नौज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में मैपिंग के दौरान वर्ष 1987 से पहले जन्मे लोगों को प्रूफ नहीं देना होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने इसके लिए छूट दी है। इसके बाद की जन्मतिथि वालों को 12 दस्तावेजों में कोई एक प्रस्तुत करना होगा। यदि जन्म वर्ष 2004 के बाद हुआ है तो माता-पिता की पहचान से ही काम चल जाएगा।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कुमार कटियार ने बताया कि गणना प्रपत्रों को जमा करने का काम तेजी से चल रहा है। साथ ही फीडिंग का काम भी रफ्तार पकड़ रहा है। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र जमा हो चुके हैं तो 49.2 प्रतिशत प्रपत्रों की ऑनलाइन फीडिंग भी की जा चुकी है। इसके साथ ही 2003 व 2025 की मतदाता सूची के आधार पर वोटरों की मैपिंग भी कराई जा रही है। गणना प्रपत्र को सही भरवाने के लिए बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह मतदाता का पूरा सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि प्रपत्र भरने के लिए चार जानकारी जरूरी है। स्वयं का नाम, माता-पिता का नाम, पता, ईपीआईसी नंबर यदि हो, तो उसे जरूर भरें। भाग संख्या ऑनलाइन माध्यम से नाम द्वारा ढूंढी जा सकती है। मैपिंग के दौरान कोई भी अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगा जाता है। मैपिंग के समय जन्मतिथि प्रमाणित किया जाना जरूरी होता है। इसके लिए भी सहूलियत दी गई है।
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...तो कम हो जाएंगे 1.28 लाख वोटर
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार 12,89,220 वोटर हैं, इनमें अब तक 6,25,805 गणना प्रपत्र जमा होकर ऑनलाइन फीड हो चुके हैं। अब तक हुए एसआईआर में 23.287 मृत वोटर मिले तो 5,314 मतदाताओं का कहीं पता ही नहीं चला। 35,243 मतदाता दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं तो 7,285 डुप्लीकेट वोटर पाए गए। 419 अन्य मतदाता मिले, जिनके बारे में जानकारी की जा रही है।
गणना प्रपत्र खोने पर ईआरओ को दें सूचना
अपर जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मतदाताओं को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र भेजा गया है, जिसमें से एक को भरकर बीएलओ के पास जमा करना है तो दूसरा अपने पास रखना है। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र नहीं मिला है, अथवा खो गया है या किसी कारण नष्ट हो गया है तो वह अपनी भाग संख्या ईआरओ को बताए। उसे दूसरा गणना प्रपत्र दिया जाएगा। एसआईआर का गणना प्रपत्र सभी को भरना है। किसी भी जानकारी के लिए अपने बीएलओ या तहसीलदार व एसडीएम से संपर्क कर सकते हैं।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कुमार कटियार ने बताया कि गणना प्रपत्रों को जमा करने का काम तेजी से चल रहा है। साथ ही फीडिंग का काम भी रफ्तार पकड़ रहा है। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र जमा हो चुके हैं तो 49.2 प्रतिशत प्रपत्रों की ऑनलाइन फीडिंग भी की जा चुकी है। इसके साथ ही 2003 व 2025 की मतदाता सूची के आधार पर वोटरों की मैपिंग भी कराई जा रही है। गणना प्रपत्र को सही भरवाने के लिए बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह मतदाता का पूरा सहयोग करें।
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उन्होंने बताया कि प्रपत्र भरने के लिए चार जानकारी जरूरी है। स्वयं का नाम, माता-पिता का नाम, पता, ईपीआईसी नंबर यदि हो, तो उसे जरूर भरें। भाग संख्या ऑनलाइन माध्यम से नाम द्वारा ढूंढी जा सकती है। मैपिंग के दौरान कोई भी अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगा जाता है। मैपिंग के समय जन्मतिथि प्रमाणित किया जाना जरूरी होता है। इसके लिए भी सहूलियत दी गई है।
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...तो कम हो जाएंगे 1.28 लाख वोटर
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार 12,89,220 वोटर हैं, इनमें अब तक 6,25,805 गणना प्रपत्र जमा होकर ऑनलाइन फीड हो चुके हैं। अब तक हुए एसआईआर में 23.287 मृत वोटर मिले तो 5,314 मतदाताओं का कहीं पता ही नहीं चला। 35,243 मतदाता दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं तो 7,285 डुप्लीकेट वोटर पाए गए। 419 अन्य मतदाता मिले, जिनके बारे में जानकारी की जा रही है।
गणना प्रपत्र खोने पर ईआरओ को दें सूचना
अपर जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मतदाताओं को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र भेजा गया है, जिसमें से एक को भरकर बीएलओ के पास जमा करना है तो दूसरा अपने पास रखना है। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र नहीं मिला है, अथवा खो गया है या किसी कारण नष्ट हो गया है तो वह अपनी भाग संख्या ईआरओ को बताए। उसे दूसरा गणना प्रपत्र दिया जाएगा। एसआईआर का गणना प्रपत्र सभी को भरना है। किसी भी जानकारी के लिए अपने बीएलओ या तहसीलदार व एसडीएम से संपर्क कर सकते हैं।