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तालाब के पट्टा आवंटन में दिव्यांग से धोखा
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तिर्वा (कन्नौज)। तालाब के पट्टा आवंटन में तहसील प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दिव्यांग महिला के नाम पट्टा कर जमानत राशि भी जामा करवा ली गई लेकिन उसे एक साल बाद भी कब्जा नहीं दिया गया। अब अधिकारी तालाब की पट्टा अवधि समाप्त न होने की बात कह रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के सकतपुर गांव निवासी दिव्यांग शीतला देवी पत्नी राजकुमार ने बताया गांव के तालाब के पट्टे के लिए जुलाई 2019 को आवेदन किया था। मत्स्य पालन के लिए उसके नाम पट्टा भी मंजूर होने पर राजस्व विभाग ने 11 हजार रुपये में जमानत राशि भी जमा करा ली थी लेकिन गांव के कुछ लोगों ने तालाब पर कब्जा कर सिंघाड़ा की बेेल डाल दी। कब्जा हटवाने के लिए तहसील से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की लेकिन कब्जा नहीं हटवाया गया।
एसडीएम जयकरन सिंह ने बताया कि नीलामी के समय तालाब के पट्टा की अवधि समाप्त नहीं हुई थी। महिला को कई बार जमानत राशि वापस लेने के लिए कहा जा चुका है लेकिन वह तालाब का पट्टा लेने पर अड़ी है।
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तहसील क्षेत्र के सकतपुर गांव निवासी दिव्यांग शीतला देवी पत्नी राजकुमार ने बताया गांव के तालाब के पट्टे के लिए जुलाई 2019 को आवेदन किया था। मत्स्य पालन के लिए उसके नाम पट्टा भी मंजूर होने पर राजस्व विभाग ने 11 हजार रुपये में जमानत राशि भी जमा करा ली थी लेकिन गांव के कुछ लोगों ने तालाब पर कब्जा कर सिंघाड़ा की बेेल डाल दी। कब्जा हटवाने के लिए तहसील से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की लेकिन कब्जा नहीं हटवाया गया।
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एसडीएम जयकरन सिंह ने बताया कि नीलामी के समय तालाब के पट्टा की अवधि समाप्त नहीं हुई थी। महिला को कई बार जमानत राशि वापस लेने के लिए कहा जा चुका है लेकिन वह तालाब का पट्टा लेने पर अड़ी है।
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