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एनओसी देने में बडों के हाथ, फंसाई पतली गर्दन
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किले पर बने अवैध मकान और निर्माण के लिए जमा ईंटें।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। संरक्षित किले में अवैध रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना से 23 आवास बनवाने में बडे़ अधिकारियों के हाथ हैं लेकिन चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की गर्दन फंसा दी गई है। प्राथमिक जांच में पुलिस को बड़ों का हाथ होने और धन उगाही के सबूत मिले हैं।
संरक्षित प्राचीन किले पर करीब 500 मकान अवैध रूप से बनाए जा चुके हैं। हाल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर्मियों, अधिकारियों की मिलीभगत से प्रधानमंत्री शहर आवास योजना से 23 गरीबों को किले की जमीन पर ही आवास आवंटित कर दिए गए। पहली किस्त जारी होने पर लाभार्थियों ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
चर्चा शुरू हुई तो पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के सहायक संरक्षण अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने चौकीदार सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामले की जांच कलां चौकी प्रभारी राजीव पांडेय कर रहे हैं। सदर कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि प्राथमिक जांच में कई लोगों द्वारा धन उगाही के साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सहायक संरक्षण अधिकारी का कहना है कि चौकीदार सुनील कुमार ने ही फर्जी एनओसी जारी कराई है।
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सांसद ने सात माह पहले की थी शिकायत
संरक्षित प्राचीन किले पर धन उगाही कर डूडा कार्यालय से प्रधानमंत्री आवास दिलाने के मामले में सांसद सुब्रत पाठक ने सात माह पहले सहायक संरक्षण सहायक शैलेंद्र सिंह की शिकायत डीएम से की थी। छह दिसंबर 2019 को भेजे पत्र में सांसद ने आरोप लगाया था कि शैलेंद्र सिंह ने एनओसी के लिए गरीबों से धन उगाही की है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
प्राचीन किले पर आवास बनाने की जानकारी मिली है। अधिकारियों की गठित टीम मामले की जांच करेगी। अवैध ढंग से मकान बनाने वाले लोगों के साथ रुपये लेकर मकान बनवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -अपूर्वा यादव, एसडीएम सदर
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संरक्षित प्राचीन किले पर करीब 500 मकान अवैध रूप से बनाए जा चुके हैं। हाल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर्मियों, अधिकारियों की मिलीभगत से प्रधानमंत्री शहर आवास योजना से 23 गरीबों को किले की जमीन पर ही आवास आवंटित कर दिए गए। पहली किस्त जारी होने पर लाभार्थियों ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
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चर्चा शुरू हुई तो पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के सहायक संरक्षण अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने चौकीदार सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामले की जांच कलां चौकी प्रभारी राजीव पांडेय कर रहे हैं। सदर कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि प्राथमिक जांच में कई लोगों द्वारा धन उगाही के साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सहायक संरक्षण अधिकारी का कहना है कि चौकीदार सुनील कुमार ने ही फर्जी एनओसी जारी कराई है।
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सांसद ने सात माह पहले की थी शिकायत
संरक्षित प्राचीन किले पर धन उगाही कर डूडा कार्यालय से प्रधानमंत्री आवास दिलाने के मामले में सांसद सुब्रत पाठक ने सात माह पहले सहायक संरक्षण सहायक शैलेंद्र सिंह की शिकायत डीएम से की थी। छह दिसंबर 2019 को भेजे पत्र में सांसद ने आरोप लगाया था कि शैलेंद्र सिंह ने एनओसी के लिए गरीबों से धन उगाही की है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
प्राचीन किले पर आवास बनाने की जानकारी मिली है। अधिकारियों की गठित टीम मामले की जांच करेगी। अवैध ढंग से मकान बनाने वाले लोगों के साथ रुपये लेकर मकान बनवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -अपूर्वा यादव, एसडीएम सदर