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बरमदेव का मंदिर तोड़ने गई टीम का विरोध
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ग्रामीणों से वार्ता करतीं पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय।
- फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ (कन्नौज)। हाईवे के चौड़ीकरण के लिए सरायसुंदर में बरमदेव के मंदिर को तोड़ने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। यह प्रस्तावित जगह पर मंदिर बनवाने के बाद ही तोड़ने की मांग पर अड़ गए। इससे हाईवे की टीम बैरंग लौट गई।
मंगलवार को जीआर इंफ्रा कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर वैभव कुमार, ठेकेदार रवि कौशल के साथ जेसीबी मशीन लेकर सराय सुंदर गांव के सामने बरमदेव के मंदिर को तुड़वाने पहुंचे। वैभव कुमार ने बताया कि मंदिर चौड़ीकरण में बाधा बन रहा है। यहां मूर्ति नहीं है। मंदिर तोड़े जाने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कहा कि सात माह पहले प्राण प्रतिष्ठा की गई है। यह प्रस्तावित जगह मंदिर बनवाने के बाद ही तोड़ने की मांग कर प्रदर्शन करने लगे। हंगामे की जानकारी पर एसआई विनय शर्मा, एसआई दिलीप कुमार मिश्रा पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण मंदिर
को तोड़ने देने के लिए राजी नहीं हुए। पुलिस ने ग्रामीणों और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कोतवाली पहुंचकर पक्ष रखने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीण पूर्व राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय के पास पहुंचे। उन्हें मामले की जानकारी दी। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने हाईवे के अधिकारियों से वार्ता की। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सोमवार को वह खुद मौके पर जाएंगी। नई जगह प्रतिष्ठा कर मंदिर बनवाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके बाद ही इस मंदिर को तोड़ा जाएगा। पूर्व राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद ग्रामीण लौट गए।
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मंगलवार को जीआर इंफ्रा कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर वैभव कुमार, ठेकेदार रवि कौशल के साथ जेसीबी मशीन लेकर सराय सुंदर गांव के सामने बरमदेव के मंदिर को तुड़वाने पहुंचे। वैभव कुमार ने बताया कि मंदिर चौड़ीकरण में बाधा बन रहा है। यहां मूर्ति नहीं है। मंदिर तोड़े जाने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कहा कि सात माह पहले प्राण प्रतिष्ठा की गई है। यह प्रस्तावित जगह मंदिर बनवाने के बाद ही तोड़ने की मांग कर प्रदर्शन करने लगे। हंगामे की जानकारी पर एसआई विनय शर्मा, एसआई दिलीप कुमार मिश्रा पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण मंदिर
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को तोड़ने देने के लिए राजी नहीं हुए। पुलिस ने ग्रामीणों और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कोतवाली पहुंचकर पक्ष रखने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीण पूर्व राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय के पास पहुंचे। उन्हें मामले की जानकारी दी। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने हाईवे के अधिकारियों से वार्ता की। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सोमवार को वह खुद मौके पर जाएंगी। नई जगह प्रतिष्ठा कर मंदिर बनवाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके बाद ही इस मंदिर को तोड़ा जाएगा। पूर्व राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद ग्रामीण लौट गए।
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