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अब गरीबों को मिलेगा सस्ता व सुलभ न्याय
ब्यूरो अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 19 Dec 2015 11:50 PM IST
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति राकेश तिवारी व इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश महेंद्र दयाल ने शनिवार को संयुक्त रुप से वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुलह समझौते के आधार पर मुकदमे निपटाने की प्रक्रिया पुरातनकाल से चली आ रही है। इस तरह के मामलों में न कोई पक्ष जीतता है और न ही कोई हारता है।
समाधान केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मुकदमों के शीघ्र निपटाने का एक मात्र विकल्प लोक अदालत व वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र हैं। इसमें छोटे-छोटे मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निपटाया जाता है।
इस प्रक्रिया में किसी पक्ष से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। दोनों पक्षों को सुलह समझौते के आधार पर उन्हें समझाते हुए मामले का फैसला किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया महाभारत काल व द्वापर युग में भी मौजूद थी। उन्होंने मौजूद अधिवक्ताओं से कहा कि छोटे मुकदमों को न्यायालय में लंबा खींचने की अपेक्षा उसे सुलह समझौते से निपटाने के लिए पहल करें।
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प्रशासनिक न्यायाधीश व विशिष्ट अतिथि महेंद्र दयाल ने कहा कि मेडिएशन का काम कन्नौज जनपद में पहले से ही चल रहा था। इस वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र के शुरू होने से इस मामले को और गति मिलेगी। जिला जज जयमंगल शर्मा ने कहा कि जिले में आज से वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र की शुरूआत हो गई है।
इससे ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय मिल सकेगा। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र की स्थापना से आने वाले समय में जिले की अधिक से अधिक जनता लाभान्वित होगी। कार्यक्रम का संचालन एडीजे दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी ने किया।
इस मौके पर विशेष न्यायाधीश रामकृपाल सिंह, एडीजे प्रीती श्रीवास्तव, संजीव कुमार, सूर्य प्रकाश शर्मा, अपर सिविल जज फास्ट ट्रैक राम विलास प्रसाद, पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव, उपाध्यक्ष विश्व प्रकाश चतुर्वेदी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व न्यायाधीश मौजूद रहे।
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समाधान केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मुकदमों के शीघ्र निपटाने का एक मात्र विकल्प लोक अदालत व वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र हैं। इसमें छोटे-छोटे मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निपटाया जाता है।
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इस प्रक्रिया में किसी पक्ष से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। दोनों पक्षों को सुलह समझौते के आधार पर उन्हें समझाते हुए मामले का फैसला किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया महाभारत काल व द्वापर युग में भी मौजूद थी। उन्होंने मौजूद अधिवक्ताओं से कहा कि छोटे मुकदमों को न्यायालय में लंबा खींचने की अपेक्षा उसे सुलह समझौते से निपटाने के लिए पहल करें।
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प्रशासनिक न्यायाधीश व विशिष्ट अतिथि महेंद्र दयाल ने कहा कि मेडिएशन का काम कन्नौज जनपद में पहले से ही चल रहा था। इस वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र के शुरू होने से इस मामले को और गति मिलेगी। जिला जज जयमंगल शर्मा ने कहा कि जिले में आज से वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र की शुरूआत हो गई है।
इससे ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय मिल सकेगा। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र की स्थापना से आने वाले समय में जिले की अधिक से अधिक जनता लाभान्वित होगी। कार्यक्रम का संचालन एडीजे दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी ने किया।
इस मौके पर विशेष न्यायाधीश रामकृपाल सिंह, एडीजे प्रीती श्रीवास्तव, संजीव कुमार, सूर्य प्रकाश शर्मा, अपर सिविल जज फास्ट ट्रैक राम विलास प्रसाद, पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव, उपाध्यक्ष विश्व प्रकाश चतुर्वेदी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व न्यायाधीश मौजूद रहे।